हाईलाइट्स:
- चोरी का बड़ा खुलासा: रसड़ा पुलिस ने २६/२७ जून की रात बंद मकान में हुई लाखों की चोरी का महज २४ घंटे में किया विधिक पर्दाफाश।
- माल समेत दो दबोचे गए: १,१०,००० रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण व गलाकर बनाए गए बिस्किट के साथ उमेश राम और विवेक सोनी गिरफ्तार।
- ऐसे चलता था रैकेट: उमेश राम बंद घरों की रेकी कर करता था चोरी; सुनार विवेक सोनी गहने गलाकर नए आभूषण बना बाजार में खपाता था।
रसड़ा/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत रसड़ा थाना पुलिस को क्षेत्र में सक्रिय चोरों और अपराधियों के नेटवर्क के खिलाफ एक बहुत बड़ी विधिक सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने बंद मकानों को निशाना बनाने वाले अंतरजनपदीय चोर और चोरी के जेवरातों को खपाने वाले सुनार के एक शातिर सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए दो अभियुक्तों को विधिक रूप से गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस ने चोरी की गई पीली व सफेद धातु के भारी मात्रा में आभूषण, गलाकर तैयार बिस्किट तथा कुल १,१०,००० रुपये की विधिक नकदी बरामद की है।
वाराणसी गए पीड़ित का बंद घर देखकर चोरों ने साफ किया था हाथ
प्राप्त विधिक व आधिकारिक विवरण के अनुसार, रसड़ा क्षेत्र के एक पीड़ित नागरिक २५ जून को सपरिवार किसी कार्य से वाराणसी गए हुए थे। घर पूरी तरह बंद था, जिसका फायदा उठाकर २६/२७ जून २०२६ की दरमियानी रात शातिर चोरों ने मकान का मुख्य ताला तोड़कर भीतर प्रवेश किया और अलमारी में रखे लाखों के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी पार कर दी। पीड़ित जब वापस लौटे तो घर का ताला टूटा देख उनके होश उड़ गए। पीड़ित की तहरीर पर रसड़ा पुलिस ने तत्काल सुसंगत विधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर चोरों की तलाश के लिए स्वात व स्थानीय पुलिस की विशेष टीमें गठित की थीं।
मुस्तैद पुलिसिंग और मुखबिर की सटीक सूचना पर बनियाबांध मोड़ से गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक (एसपी) ओमवीर सिंह के कड़े विधिक निर्देशन, एएसपी (उत्तरी) दिनेश कुमार शुक्ला के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी (सीओ) रसड़ा रजनीश कुमार व प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र बहादुर सिंह के कुशल नेतृत्व में पुलिस टीमें लगातार क्षेत्र में सुरागकसी कर रही थीं। इसी क्रम में २८ जून २०२६ को उपनिरीक्षक कुलदीप कुमार अपनी पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में सघन विधिक गश्त पर थे। तभी मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बनियाबांध मोड़ के पास घेराबंदी कर दो संदिग्धों को विधिक रूप से हिरासत में ले लिया। जामा तलाशी और कड़ाई से पूछताछ में दोनों की पहचान शातिर चोर व उसके साथी के रूप में हुई।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:
१. उमेश राम (उम्र २८ वर्ष), निवासी ग्राम राजपूत नेवरी, थाना रसड़ा, जनपद बलिया।
२. विवेक कुमार सोनी उर्फ शुभम (उम्र ३२ वर्ष), निवासी गंगा कॉलोनी, जनपद बलिया (पेशा- स्वर्ण व्यवसायी)।
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा, चोरी के गहने गलाकर बेचता था सुनार
पुलिस की विधिक तलाशी के दौरान अभियुक्त उमेश राम के पास से १,०५,००० रुपये नकद, चोरी के सोने को गलाकर बनाई गई पीली धातु की टिकिया तथा चांदी के विधिक बिस्किट बरामद हुए। वहीं सह-अभियुक्त विवेक सोनी के पास से ५,००० रुपये नकद, चांदी की टिकिया, सोने का लॉकेट, कान के आभूषण तथा पहचान संबंधी विधिक दस्तावेज बरामद किए गए।
विधिक पूछताछ में मुख्य आरोपी उमेश राम ने कबूल किया कि वह रसड़ा, अहिरपुरा और आजाद कॉलोनी सहित कई इलाकों में बंद पड़े मकानों की दिन में रेकी करता था और रात को चोरी की विधिक घटनाओं को अंजाम देता था। चोरी करने के बाद वह सारे गहने गंगा कॉलोनी निवासी सुनार विवेक कुमार सोनी को दे देता था। शातिर विवेक सोनी पुलिस से बचने के लिए उन गहनों को तुरंत भट्टी में गला देता था और उसकी टिकिया या नए आभूषण बनाकर बाजार में ऊंचे दामों पर बेचकर अवैध विधिक मुनाफा कमाता था।
दर्जनों मुकदमों का लंबा आपराधिक इतिहास, खाकी टीम को सराहना
रसड़ा थाना पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार मुख्य अभियुक्त उमेश राम एक पेशेवर और बेहद शातिर किस्म का अपराधी है। उस पर पूर्व से ही बलिया के विभिन्न थानों में चोरी, आबकारी अधिनियम और आर्म्स एक्ट (शस्त्र अधिनियम) सहित संगीन विधिक धाराओं में दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। इस सराहनीय और त्वरित विधिक सफलता को अंजाम देने वाली टीम में उपनिरीक्षक कुलदीप कुमार, हेड कांस्टेबल रविंद्र यादव, कांस्टेबल पंकज कुमार व वरिष्ठ कांस्टेबल सुजीत चौरसिया मुख्य रूप से शामिल रहे। पुलिस ने विधिक कागजी कार्रवाई पूर्ण कर दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें विधिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।रिपोर्ट :- सुमित गुप्ता, टुडे९ उत्तरप्रदेश, बलिया
