हाईलाइट्स:
- आस्था का महासंग्राम: सुबह की बूंदाबांदी के बीच १ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए श्रीनाथ बाबा के दर्शन; गगनभेदी जयघोष से गूंजा पूरा क्षेत्र।
- शौर्य और भक्ति का संगम: १४ कोस परिक्षेत्र समेत बिहार से ट्रैक्टर-ट्रालियों में लाठियां लेकर पहुंचे भक्त; मल्लयुद्ध और बनेठी के प्रदर्शन ने रोमांच भरा।
- गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल: सूफी संत रोशन शाह बाबा की दरगाह पर हाजिरी के साथ शुरू हुआ पूजनोत्सव; ५५१ क्विंटल रोट प्रसाद का हुआ वितरण।
रसड़ा/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत रसड़ा क्षेत्र के नागपुर स्थित ऐतिहासिक एवं सुप्रसिद्ध श्रीनाथ बाबा मंदिर परिसर में सोमवार २९ जून २०२६ को आस्था, श्रद्धा और अद्भुत शौर्य का अद्वितीय त्रिवेणी संगम देखने को मिला। क्षेत्र का पारंपरिक व ऐतिहासिक 'रोट पूजनोत्सव' पूरी श्रद्धा और अभूतपूर्व उत्साह के साथ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। सुबह की हल्की बूंदाबांदी ने मौसम को बेहद सुहावना बना दिया, जिसने भक्तों के उत्साह को दोगुना कर दिया। पूरे दिन गगनभेदी जयघोष और “जय श्रीनाथ बाबा” के उद्घोष के बीच लाखों की संख्या में पहुंचे विधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में मत्था टेका।
५५१ क्विंटल रोट प्रसाद का वितरण, एक लाख से अधिक जुटे श्रद्धालु
प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, इस अद्वितीय पूजनोत्सव के दौरान करीब ५५१ क्विंटल रोट प्रसाद तैयार कर श्रद्धालुओं में विधिक रूप से वितरित किया गया। अनुमान के मुताबिक, इस वर्ष एक लाख से अधिक भक्तों की विशाल सहभागिता ने इस पूरे आयोजन को महाकुंभ की तरह भव्य बना दिया। इस सामूहिक विधिक पूजन में विभिन्न जातियों और समुदायों की सक्रिय भागीदारी ने इलाके में आपसी साम्प्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की एक अनुपम मिसाल पेश की।
पारंपरिक लाठियों की तड़तड़ाहट और शौर्य प्रदर्शन से जीवंत हुई परंपरा
१४ कोस परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बलिया, गाजीपुर, मऊ सहित पड़ोसी राज्य बिहार के विभिन्न जनपदों से श्रद्धालु सुबह से ही ट्रैक्टर-ट्राली और पिकअप वाहनों पर सवार होकर लाठियां लहराते हुए नागपुर श्रीनाथ मठ पहुंचने लगे थे। भक्तों ने अपने पारंपरिक अंदाज में लाठियां तड़तड़ाते हुए अपनी वीरता, शौर्य और सामाजिक एकता का विधिक प्रदर्शन किया। मंदिर की परिक्रमा करने के बाद सभी ने रोट पूजा में भाग लिया। इस दौरान युवाओं द्वारा किए गए मल्लयुद्ध (कुश्ती) और बनेठी के हैरतअंगेज प्रदर्शनों ने पूरे माहौल को बेहद रोमांचक बना दिया।
रोशन शाह बाबा की दरगाह पर चादरपोशी के साथ हुई शुरुआत
बरसों पुरानी अटूट परंपरा के अनुसार, इस भव्य पूजनोत्सव की विधिक शुरुआत श्रीनाथ बाबा के समकालीन महान सूफी संत रोशन शाह बाबा की दरगाह पर श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना और हाजिरी के साथ हुई। यह विधिक अनुष्ठान इस पूरे क्षेत्र की गंगा-जमुनी तहजीब और ऐतिहासिक ताने-बाने को बेहद खूबसूरती से दर्शाता है।
परिवहन मंत्री सहित कई गणमान्य हस्तियों ने टेका मत्था
इस पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, महामंडलेश्वर कौशलेंद्र गिरी, क्षेत्रीय विधायक उमाशंकर सिंह के अनुज रमेश सिंह, गोविंद नारायण सिंह, ऋषिराज सिंह, शिवेंद्र बहादुर सिंह तथा रसड़ा नगर पालिका अध्यक्ष विनयशंकर जायसवाल सहित जनपद की अनेक संभ्रांत व गणमान्य हस्तियों ने बाबा के चरणों में मत्था टेककर प्रदेश और समाज की सुख, शांति व समृद्धि की विधिक कामना की।
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम, आला अधिकारी रहे मुस्तैद
लाखों की भीड़ और संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के बेहद कड़े विधिक इंतजाम किए गए थे। अपर पुलिस अधीक्षक निदेश कुमार शुक्ला, एसडीएम रसड़ा रवि कुमार, क्षेत्राधिकारी (सीओ) रजनीश कुमार एवं प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र बहादुर सिंह के कुशल नेतृत्व में भारी पुलिस बल, महिला आरक्षी और पीएसी (PAC) के जवान पूरे मेला क्षेत्र में मुस्तैदी से तैनात रहे।
नागपुर, मोतिरा, खड़सरा, सरदासपुर, सुल्तानपुर, सुल्तानीपुर, मंदा, छितौनी, जाम सहित २०० से अधिक गांवों से आए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूजा समिति की ओर से जगह-जगह पेयजल और भोजन की समुचित विधिक व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम के ऐतिहासिक व सफल आयोजन पर पूजा समिति के अध्यक्ष विजेंद्र प्रताप सिंह एवं अन्य पदाधिकारियों ने क्षेत्र की जनता और जिला प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया।
रिपोर्ट :- सुमित गुप्ता, टुडे९ उत्तरप्रदेश, रसड़ा (बलिया)