
हाईलाइट्स:
• खूनी संघर्ष का वीडियो वायरल: दोकटी थाना क्षेत्र के जमीन बढ़ी गांव में पेड़ से आम तोड़ने का विरोध करने पर दबंगों ने बोला धावा।
• धारदार हथियारों से हमला: लाठी-डंडों के साथ कुल्हाड़ी और दाव (हंसिया) से किया जानलेवा वार; गंभीर रूप से घायल युवक जिला अस्पताल रेफर।
• पुलिस पर गंभीर आरोप: पीड़ित परिवार का दावा- पुलिस ने दबाव बनाकर बदलवाई तहरीर; दबंग दे रहे जान से मारने की धमकी, खौफ में परिवार।
दोकटी/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत दोकटी थाना क्षेत्र से इस वक्त एक बेहद सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आ रही है। क्षेत्र के जमीन बढ़ी गांव में जमीन के पुराने विवाद और पेड़ से आम तोड़ने जैसे मामूली बात ने अचानक खूनी रूप अख्तियार कर लिया। इस हिंसक झड़प का एक बेहद विचलित करने वाला वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दबंगों ने क्रूरता की हदें पार करते हुए लाठी-डंडों के साथ-साथ कुल्हाड़ी और दाव (धारदार हथियार) से जानलेवा हमला बोल दिया, जिसमें एक युवक लहूलुहान होकर बेहोश हो गया।
डीएम के आदेश पर होनी थी पैमाइश, बीच में ही दबंगों ने काटा बवाल
पीड़ित परिवार के मुताबिक, गांव में जमीन के एक हिस्से को लेकर उनके दबंग पड़ोसियों से लंबे समय से कानूनी और आपसी विवाद चल रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला अधिकारी (DM) बलिया के आदेश पर इस विवादित जमीन की आधिकारिक पैमाइश (नापी) होनी तय हुई थी।
आरोप है कि पैमाइश होने से पहले ही विपक्षी और दबंग पड़ोसियों ने पीड़ित पक्ष के हिस्से में लगे पेड़ से जबरन आम तोड़ना शुरू कर दिया। जब पीड़ित परिवार के सदस्यों ने इस बात का विरोध किया, तो आरोपी आग बबूला हो गए। देखते ही देखते करीब आधा दर्जन की संख्या में आए हमलावरों ने कुल्हाड़ी, दाव, लाठी-डंडे और ईंट-पत्थरों से पूरे परिवार पर हिंसक हमला बोल दिया, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से जख्मी हो गया।
हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल रेफर, पुलिस पर उठे सवाल
घटना के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही एम्बुलेंस की मदद से खून से लथपथ घायल युवक को तत्काल सोनबरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। वहां तैनात डॉक्टरों ने युवक की नाजुक हालत और गहरे जख्मों को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे तत्काल जिला अस्पताल बलिया रेफर कर दिया, जहां वह जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है।
इस पूरे मामले में पीड़ित परिवार ने स्थानीय दोकटी पुलिस की कार्यप्रणाली पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि पुलिस ने इंसाफ करने के बजाय दबाव में आकर उनकी ओर से दी गई शुरुआती तहरीर (शिकायत पत्र) को ही बदलवा दिया। आरोप है कि मूल तहरीर में युवक के बेहोश होने वाली मुख्य बात को पुलिस ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर हटवा दिया और जबरन दूसरी तहरीर लिखवाई।
"खुलेआम मिल रही जान से मारने की धमकी", खौफ के साए में पीड़ित
जिला अस्पताल में अपने भाई का इलाज करा रहे राजू कुमार कुशवाहा ने रोते हुए बताया, "जब हमने अपने पेड़ से आम तोड़ने का विरोध किया, तो दबंगों ने कुल्हाड़ी और दाव से सीधे सिर और शरीर पर वार कर दिया। मेरा भाई मौके पर ही लहूलुहान होकर अचेत हो गया। अब आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और हमें केस वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पुलिस हमारी मदद करने के बजाय हमारी ही तहरीर बदल रही है, जिससे हमारा पूरा परिवार खौफ के साए में जीने को मजबूर है।"
घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पीड़ित परिवार ने अब जिला पुलिस कप्तान और उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस की भूमिका पर उठे इन गंभीर सवालों के बाद अब देखना यह होगा कि दोषियों की गिरफ्तारी होती है या पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटकता रहेगा।