हाईलाइट्स:
• अंतर्राष्ट्रीय सम्मान: बलिया के प्रतिष्ठित कवि और गीतकार श्री पवन कुमार तिवारी को नेपाल के पोखरा में मिला भव्य 'भारत-नेपाल हिंदी सेवी सम्मान 2026'।
• सत्तर दिग्गज जुटे: पूर्वोत्तर हिंदी अकादमी शिलांग द्वारा आयोजित 21वें लेखक मिलन शिविर और साहित्यिक यात्रा में देश-विदेश के 70 साहित्यकारों ने लिया हिस्सा।
• सांस्कृतिक मैत्री को बल: हिंदी भाषा के अंतर्राष्ट्रीय प्रसार, साहित्यिक संवाद और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए मिला सम्मान।
बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद के साहित्यिक और सांस्कृतिक इतिहास में आज एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। जिले के जाने-माने, प्रतिष्ठित कवि और गीतकार श्री पवन कुमार तिवारी को पड़ोसी देश नेपाल के पोखरा में आयोजित एक भव्य अंतर्राष्ट्रीय समारोह में 'भारत-नेपाल हिंदी सेवी सम्मान 2026' से नवाजा गया है। इस गौरवमयी उपलब्धि की सूचना मिलते ही जनपद के साहित्यानुरागियों, कवियों और बुद्धिजीवियों में विशेष हर्ष और गर्व का माहौल व्याप्त हो गया है।
पूर्वोत्तर हिंदी अकादमी शिलांग का भव्य आयोजन
यह अंतर्राष्ट्रीय सम्मान पूर्वोत्तर हिंदी अकादमी, शिलांग द्वारा विगत 05 जून से 09 जून 2026 तक नेपाल के पोखरा स्थित प्रतिष्ठित होटल शारा के 'पृथ्वी हॉल' में आयोजित '21वें लेखक मिलन शिविर एवं साहित्यिक यात्रा' के दौरान प्रदान किया गया। इस पांच दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्यों और नेपाल से आए लगभग सत्तर (70) शीर्ष साहित्यकारों, भाषाविदों और विचारकों ने शिरकत की, जिसके बीच बलिया के लाल पवन कुमार तिवारी को इस प्रतिष्ठित सम्मान से विभूषित किया गया।
हिंदी के अंतर्राष्ट्रीय प्रसार और सांस्कृतिक मैत्री का मिला सम्मान
अकादमी के पदाधिकारियों के अनुसार, श्री पवन कुमार तिवारी को यह सम्मान हिंदी भाषा के वैश्विक और अंतर्राष्ट्रीय प्रसार, निरंतर साहित्यिक संवाद को बढ़ावा देने तथा भारत-नेपाल के बीच सांस्कृतिक मैत्री संबंधों को और अधिक सुदृढ़ व प्रगाढ़ करने में उनके द्वारा दिए गए अतुलनीय व ऐतिहासिक योगदान हेतु प्रदान किया गया है।
ज्ञातव्य हो कि श्री तिवारी इससे पूर्व भी अकादमी द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय लेखक मिलन शिविर 'जनकपुर' (नेपाल) तथा 'श्रीलंका' के अत्यंत सफल व प्रतिष्ठित आयोजनों में भी सक्रिय सहभागिता निभा चुके हैं और लगातार वैश्विक स्तर पर हिंदी भाषा का गौरव बढ़ा रहे हैं। उनकी इस वैश्विक उपलब्धि पर जिले के विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं और गणमान्य नागरिकों ने उन्हें ढेर सारी बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
