हाईलाइट्स:
• 12 वर्ष पूरे होने पर हुंकार: मोदी सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर मऊ कलेक्ट्रेट में आयोजित प्रेसवार्ता में पहुंचे जनपद के प्रभारी व परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह।
• सपा-बसपा गठबंधन पर तंज: मंत्री ने याद दिलाया 2019 का चुनाव— बोले, जब मायावती और अखिलेश मिलकर भी कुछ नहीं कर पाए, तो अब विपक्ष की क्या बिसात।
• यूपी में सुनामी का दावा: हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार की लहर का जिक्र कर बोले— जब यह रथ यूपी आएगा तो विरोधियों का खाता भी नहीं खुलेगा।
मऊ/उत्तर प्रदेश (टुडे९ उत्तरप्रदेश): केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के सफल 12 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। मऊ जनपद के प्रभारी मंत्री एवं सूबे के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता के दौरान विपक्षी दलों पर जमकर तीखे तीर चलाए। सूबे के कद्दावर भाजपा नेता ने आगामी विधानसभा चुनाव 2027 का सीधे तौर पर शंखनाद करते हुए दावा किया कि देश और प्रदेश में 'मोदी-योगी' के विकास रथ को रोकना विपक्ष के बूते से बाहर है।
2019 में जब बुआ-बबुआ मिलकर नहीं रोक पाए, तो अब क्या रोकेंगे: दयाशंकर सिंह
कलेक्ट्रेट में पत्रकारों से सीधा संवाद करते हुए मऊ के प्रभारी मंत्री दयाशंकर सिंह ने विपक्ष की एकजुटता को पूरी तरह से खोखला करार दिया। उन्होंने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के उस दौर को याद दिलाया जब धुर विरोधी दल एक साथ आ गए थे। मंत्री ने तंज कसते हुए कहा, "आप सभी भली-भांति देख रहे होंगे कि साल 2019 के चुनाव में मायावती जी और अखिलेश जी दोनों मिलकर पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़े थे। राजनीतिक गलियारों में इसे पूर्व और पश्चिम का सबसे बड़ा और अटूट गठबंधन कहा जा रहा था। लेकिन नतीजा क्या हुआ? जनता के आशीर्वाद के आगे वे दोनों मिलकर भी मोदी जी और योगी जी के विजय रथ को एक इंच भी नहीं रोक पाए।"
हरियाणा-महाराष्ट्र से चला रथ जब यूपी आएगा, तो विरोधियों का सूपड़ा साफ होगा
परिवहन मंत्री ने देश के अन्य राज्यों के चुनावी और राजनीतिक माहौल का उदाहरण देते हुए विपक्ष को खुली चुनौती दी। उन्होंने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा, "अब आप देश की सियासी बयार को महसूस कर रहे होंगे। भाजपा की जीत और राष्ट्रवाद का जो रथ हरियाणा से चला, महाराष्ट्र गया, दिल्ली आया, बिहार गया, बंगाल गया और असम तक पहुंचा... अब वही विजय रथ जब पूरी ऊर्जा के साथ उत्तर प्रदेश की सीमा में दाखिल होगा, तो यहाँ विकास और राष्ट्रवाद की ऐसी सुनामी बहेगी जिसे विपक्ष झेल नहीं पाएगा।"
उन्होंने आगे कहा कि इस सुनामी में जो लोग आज किसी तरह थोड़ा-बहुत वोट पाकर हवा में उड़ रहे हैं, अगली बार उन्हें वो वोट भी नसीब नहीं होने वाले हैं, क्योंकि उत्तर प्रदेश की जनता जानती है कि यहाँ डबल इंजन की सरकार में 'मोदी' का विजन भी है और धरातल पर कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने वाले 'योगी' का सुशासन भी है।
बयान के मायने: 2027 के लिए भाजपा का बड़ा सियासी संदेश
मऊ कलेक्ट्रेट से आए प्रभारी मंत्री के इस तल्ख और आत्मविश्वास से भरे बयान के राजनीतिक हलकों में बेहद गहरे मायने निकाले जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मंत्री दयाशंकर सिंह ने विपक्ष के हर उस नैरेटिव को ध्वस्त करने की कोशिश की है जो वे आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बुन रहे हैं। मंत्री ने साफ कर दिया है कि भाजपा हर राज्य की राजनीतिक सफलता को समेटते हुए उत्तर प्रदेश में एक बार फिर प्रचंड बहुमत के साथ वापसी की तैयारी में पूरी तरह जुट चुकी है।
