हाईलाइट्स:
- लाखों का बजट फिर भी बदहाली: ४९०.५० लाख की लागत से बनी ८.२५ किमी लंबी सड़क पर ५६.९७ लाख का अनुरक्षण (मरम्मत) बजट होने के बावजूद देखरेख शून्य।
- अंधा मोड़ और झाड़-झंखाड़: मार्ग के दोनों तरफ उगे नरकट और पौधों के कारण सामने से आने वाले वाहन नहीं आते नजर; आए दिन हो रही भिड़ंत।
- दंपति हो चुके हैं गंभीर घायल: २० जून को सिसयण्ड कला के पास गड्ढों के चक्कर में आपस में टकराई थीं तीन बाइकें; गंभीर घायल दंपति जिला अस्पताल रेफर।
बेल्थरा रोड/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत बेल्थरा रोड क्षेत्र से विकास के दावों की पोल खोलती एक बेहद गंभीर ग्राउंड रिपोर्ट सामने आई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत निर्मित सीयर-पशुहारी-पुरा चट्टी मार्ग पर समय से अनुरक्षण (देखरेख व मरम्मत) कार्य नहीं होने के कारण पूरी सड़क जानलेवा गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। बेल्थरा रोड कृषि मंडी से पशुहारी होते हुए पुरा चट्टी को जोड़ने वाले इस व्यस्त मार्ग पर आए दिन राहगीर और मोटरसाइकिल सवार विधिक रूप से अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। क्षेत्र की जनता पूछ रही है कि क्या लोक निर्माण विभाग और जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़ी विधिक अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं?
करोड़ों की लागत, लाखों का मरम्मत बजट... फिर भी बदहाल
प्राप्त आधिकारिक व विधिक विवरण के अनुसार, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस ८.२५० किलोमीटर लंबे सीयर-पशुहारी मार्ग के मुख्य निर्माण में कुल ४९०.५० लाख रुपए की भारी-भरकम विधिक लागत आई थी। इसके अतिरिक्त, निर्माण कार्यदायी संस्था द्वारा १६ मई २०२२ से १५ मई २०२७ के बीच इस मार्ग की नियमित देखरेख व पैचवर्क (अनुरक्षण कार्य) के लिए ५६.९७ लाख रुपए का विधिक बजट अलग से स्वीकृत किया गया है। बजट स्वीकृत होने के बावजूद धरातल पर मरम्मत कार्य न होना विधिक लापरवाही का बड़ा प्रमाण है।
नरकट और झाड़ियों ने बढ़ाई मुसीबत, सामने से आने वाले वाहन दिखना बंद
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, सड़क के गड्ढों से भी बड़ी मुसीबत मार्ग के दोनों किनारों पर उगे घने झाड़-झंखाड़, नरकट और छोटे-बड़े जंगली पौधे बन चुके हैं। ये झाड़ियां सड़क पर इस कदर फैल चुकी हैं कि सामने से आ रहा कोई भी वाहन समय रहते दिखाई ही नहीं देता। परिणामस्वरूप, तीखे मोड़ों पर मोटरसाइकिल सवार इन जानलेवा गड्ढों से खुद को बचाने के विधिक प्रयास में अचानक सामने आ रहे वाहनों से सीधे आपस में टकरा जा रहे हैं।
२० जून को हुआ था भीषण हादसा, कुशीनगर से लौट रहा दंपति हुआ था लहूलुहान
इस विधिक लापरवाही के कारण अभी बीते २० जून २०२६ को एक भीषण दुर्घटना भी हो चुकी है। कुशीनगर से अपने घर लौट रहे एक मोटरसाइकिल सवार दंपति की सिसयण्ड कला गांव की यादव बस्ती के ठीक सामने दो अन्य बाइकों से जबरदस्त विधिक भिड़ंत हो गई थी। इस त्रिकोणीय हादसे में बाइक सवार दंपति बुरी तरह लहूलुहान और जख्मी हो गए थे, जिन्हें स्थानीय नागरिकों ने सीयर सीएचसी पहुंचाया था। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक विधिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल बलिया के लिए रेफर कर दिया था।
साक्षी इंटरप्राइजेज और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी
इस दुर्दशा को लेकर सिसयण्ड कला निवासी वरिष्ठ अध्यापक बेचन यादव ने कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग बलिया एवं मुख्य निर्माण कर्ता साक्षी इंटरप्राइजेज (बसंतपुर, बलिया) के खिलाफ गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने टुडे९ उत्तरप्रदेश के माध्यम से जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग का अविलंब विधिक रूप से अनुरक्षण कार्य शुरू कराया जाए और सड़क के दोनों तरफ फैली खतरनाक झाड़ियों को तत्काल साफ कराया जाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इस मार्ग की मरम्मत नहीं की गई, तो क्षेत्र की जनता जनहित में सड़कों पर उतरकर एक बड़ा विधिक आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगी।रिपोर्ट :- जयप्रकाश बरनवाल टुडे९ उत्तरप्रदेश ब्यूरो, बेल्थरा रोड (बलिया)
