हाईलाइट्स:
- कड़ी कार्रवाई का आश्वासन: अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने लखनऊ कोचिंग हादसे पर जताया गहरा दुख; कहा— जांच टीम गठित, लापरवाही बरतने वाले जाएंगे जेल।
- सपा-कांग्रेस पर तीखा हमला: इमरान मसूद के बयान का समर्थन करते हुए मंत्री बोले— २०१२ से २०१७ के बीच सपा ने मुसलमानों के लिए क्या किया? सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेंकी।
- २०२७ का बड़ा दावा: पसमांदा, अल्पसंख्यक और पिछड़ा समाज के विकास के दम पर २०२७ में प्रचंड बहुमत से दोबारा आएगी योगी सरकार।
बलिया/लखनऊ (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हुए भीषण व हृदय विदारक अग्निकांड को लेकर सूबे की सियासत गरमा गई है। इस अत्यंत दुखद हादसे में छात्रों की असामयिक मृत्यु पर उत्तर प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने गहरा विधिक और मानवीय दुख व्यक्त किया है। मंगलवार २३ जून २०२६ को जारी बयान में मंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इस पूरी घटना की पल-पल की मॉनीटरिंग कर रहे हैं और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी और इंडी (I.N.D.I.A.) गठबंधन पर जमकर राजनीतिक निशाना साधा।
कोचिंग हादसे के दोषियों के खिलाफ होगी नजीर बनने वाली कार्रवाई
लखनऊ हादसे पर कड़ा रुख अपनाते हुए मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा, "कोचिंग संस्थान में लगी आग में होनहार छात्रों की मृत्यु अत्यंत हृदय विदारक और विचलित करने वाली है। हमारी संपूर्ण संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं।" उन्होंने विधिक जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया है और अस्पताल जाकर घायल छात्रों से मुलाकात की है। सरकार ने उच्च स्तरीय जांच टीम गठित कर दी है। इस पूरे मामले में जिसकी भी लापरवाही या विधिक चूक सामने आएगी, उसके खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई की जाएगी जो भविष्य के लिए नजीर बनेगी।
"सपा ने हमेशा अल्पसंख्यकों के जज्बातों से खिलवाड़ किया" — दानिश आजाद
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस सांसद इमरान मसूद द्वारा समाजवादी पार्टी पर दिए गए होलिया बयान का पुरजोर समर्थन करते हुए दानिश आजाद ने सपा और विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, "कांग्रेस सांसद की यह बात विधिक और जमीनी रूप से बिल्कुल सही है कि सपा कभी भी अल्पसंख्यकों की वास्तविक हितैषी नहीं रही। २०१२ से २०१७ तक के अपने शासनकाल में सपा ने मुसलमानों के लिए कितने उच्च शैक्षणिक संस्थान खोले? सपा ने केवल अल्पसंख्यकों के जज्बातों के साथ खिलवाड़ कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकी हैं।" उन्होंने दावा किया कि इसके विपरीत एनडीए (NDA) सरकार ने अल्पसंख्यकों की शिक्षा, रोजगार और स्किल डेवलपमेंट के लिए धरातल पर वास्तविक कार्य किए हैं, जिससे आज इस समाज का विश्वास भाजपा पर लगातार बढ़ रहा है।
निजी स्वार्थ का अड्डा बना इंडी गठबंधन, २०२७ में फिर खिलेगा कमल
तृणमूल कांग्रेस (TMC), शिवसेना सहित अन्य विपक्षी दलों में मची अंदरूनी कलह और टूट पर तंज कसते हुए मंत्री ने कहा कि यह तथाकथित गठबंधन केवल अपने निजी स्वार्थ और व्यक्तिगत एजेंडे के लिए राजनीति कर रहा है। इन दलों के भीतर मची खींचतान और बिखराव यह साबित करने के लिए पर्याप्त है कि इनके अंदर सब कुछ ठीक नहीं है।
वर्ष २०२७ में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों और दावों पर बात करते हुए दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि यूपी की जनता ने बसपा और सपा के उस काले शासन को देखा है, जहां गुंडों, माफियाओं और अपराधियों को खुला विधिक संरक्षण मिलता था। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने दृढ़ता से दावा किया कि अल्पसंख्यक, पिछड़ा और विशेषकर पसमांदा समाज के कल्याण के लिए वर्तमान सरकार ने जो ऐतिहासिक कार्य किए हैं, वे आजादी के बाद से अब तक की किसी सरकार ने नहीं किए। जनता का हमारी साफ-नीति पर अटूट भरोसा है और हम २०२७ में प्रचंड बहुमत के साथ पुनः सरकार बनाएंगे।
