हाईलाइट्स:
- मिट्टी गिराने पर विवाद: उभांव थाना क्षेत्र के राजपुर गांव में शनिवार की शाम ट्रैक्टर-ट्रॉली से मिट्टी गिराने को लेकर दलित समाज के दो पक्षों में जमकर चले लाठी-डंडे।
- महिलाओं समेत 19 नामजद: पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर बीएनएस (BNS) की गंभीर व जानलेवा हमले की धाराओं और एससी/एसटी एक्ट में दर्ज किया क्रॉस केस।
- सीओ रसड़ा को कमान: घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए मामले की हाईप्रोफाइल विवेचना क्षेत्राधिकारी (CO) रसड़ा आलोक गुप्ता को सौंपी गई।
बेल्थरा रोड/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत उभांव थाना क्षेत्र के राजपुर गांव में बीते शनिवार की शाम करीब 5:30 बजे जमीन पर ट्रैक्टर-ट्रॉली से मिट्टी गिराने को लेकर दलित समाज के दो पक्षों के बीच हिंसक और खूनी संघर्ष हो गया। इस खूनी झड़प में दोनों पक्षों से महिलाओं और किशोरों समेत कुल 8 लोग गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए। उभांव थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों पक्षों के मुखियाओं की तहरीर पर एक-दूसरे के खिलाफ जानलेवा हमले (BNS की गंभीर धाराएं) और दलित उत्पीड़न (SC/ST Act) के तहत क्रॉस प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस ने दोनों तरफ से कुल 19 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है।
लाठी-डंडे और धारदार हथियार चलने से ये 8 लोग हुए घायल
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवादित भूमि पर मिट्टी पाटने को लेकर शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते लाठी-डंडों के खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई। घटना के बाद पुलिस ने सभी 8 घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सीयर पहुंचाया। सीएचसी सीयर के आधिकारिक सरकारी अभिलेखों के अनुसार, घायलों में:
- प्रथम पक्ष से: रामअशीष (38 वर्ष) और अजीत (20 वर्ष) दोनों पुत्रगण राजबली।
- द्वितीय पक्ष से: कौशल (22 वर्ष), सत्यप्रकाश (15 वर्ष), ज्योति (15 वर्ष), कुसुम (23 वर्ष) पुत्री रामजीत, पूनम (40 वर्ष) पत्नी रामजीत और स्वयं रामजीत (55 वर्ष) पुत्र सुदामा शामिल हैं।
अस्पताल के आपातकालीन डॉक्टरों ने सभी का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन अंदरूनी और गंभीर चोटें (जैसे सिर फटना और फ्रैक्चर) होने के कारण हालत नाजुक देखते हुए सभी 8 पीड़ितों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल बलिया के लिए रेफर कर दिया है।
कानून की गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा, सीओ रसड़ा करेंगे जांच
उभांव पुलिस ने मामले की गंभीरता और कानून व्यवस्था को देखते हुए दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग काउंटर केस दर्ज किया है:
- रामअशीष की तहरीर पर कार्रवाई: पुलिस ने दूसरे पक्ष के रामजीत (पुत्र स्वर्गीय सुदामा) की तरफ से 5 महिलाओं समेत कुल 12 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है। इन पर नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 191(3), 115(2), 352, 351(3) सहित गंभीर धाराओं के साथ-साथ एससी/एसटी (दलित उत्पीड़न) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
- रामजीत की तहरीर पर कार्रवाई: पुलिस ने पहले पक्ष के रामअशीष (पुत्र राजबली) की तरफ से 2 महिलाओं समेत कुल 7 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनके खिलाफ बीएनएस की धाराओं 191(2), 191(3), 115(2), 352, 351(3) के साथ जानलेवा हमले व गंभीर चोट पहुंचाने की धारा 118(1) और 110 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
चूंकि मामला दलित समाज के दो पक्षों के बीच हिंसक टकराव और एससी/एसटी एक्ट से जुड़ा है, इसलिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर इस पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष विवेचना क्षेत्राधिकारी रसड़ा (CO Rasra) आलोक गुप्ता को सौंप दी गई है। उभांव पुलिस गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार नजर रख रही है।
