हाईलाइट्स:
• हादसे के बाद भड़का गुस्सा: घोसी कोतवाली क्षेत्र के पिढ़वल मोड़ के पास सड़क दुर्घटना में महिला की मौत के बाद ग्रामीणों का फूटा गुस्सा।
• नेशनल हाईवे पर चक्काजाम: आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतका के शव को राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखकर लगाया घंटों लंबा जाम; वाहनों की लगी लंबी कतारें।
• पुलिस पर पथराव: जाम खुलवाने पहुंची पुलिस टीम पर उग्र भीड़ ने किया पथराव; एसडीएम, सीओ और भारी पीएसी (PAC) बल मौके पर तैनात।
घोसी/मऊ (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद अंतर्गत घोसी कोतवाली थाना क्षेत्र से इस वक्त की एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। क्षेत्र के पिढ़वल मोड़ के पास हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में महिला की मौत के बाद स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित भीड़ ने मृतका के शव को नेशनल हाईवे (राष्ट्रीय राजमार्ग) पर रखकर कई घंटों तक पूरी तरह चक्काजाम कर दिया। माहौल उस समय और अधिक तनावपूर्ण हो गया जब जाम हटाने और समझाने का प्रयास कर रही पुलिस टीम पर उग्र भीड़ ने अचानक पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई है।
पिढ़वल मोड़ के पास हुआ हादसा, हाईवे पर शव रख मची रार
प्राप्त विवरण के अनुसार, घोसी कोतवाली क्षेत्र के पिढ़वल मोड़ के पास रविवार २१ जून २०२६ को एक तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से एक स्थानीय महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन सहित भागने में सफल रहा। महिला की मौत की खबर फैलते ही आस-पास के गांवों से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और स्थानीय निवासी मौके पर आ धमके। प्रशासन की लापरवाही और क्षेत्र में लगातार हो रहे हादसों से नाराज ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए महिला के शव को नेशनल हाईवे के बीचों-बीच रख दिया और सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया।
जाम खुलवाने पहुंची पुलिस पर उग्र भीड़ ने की रोड़ेबाजी
हाईवे जाम होने के कारण सड़क के दोनों ओर कई किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग गया और सैकड़ों गाड़ियां फंस गईं। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए घोसी के उपजिलाधिकारी (SDO/SDM), क्षेत्राधिकारी (CO) और घोसी कोतवाल भारी पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे।
प्रशासनिक अधिकारियों ने जब प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर हाईवे से शव को हटाने और जाम खोलने का आग्रह किया, तो उग्र भीड़ और पुलिस के बीच तीखी बहस हो गई। देखते ही देखते कुछ अराजक तत्वों और आक्रोशित लोगों ने पुलिस बल को निशाना बनाते हुए जमकर पथराव (रोड़ेबाजी) शुरू कर दी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस ने किसी तरह पीछे हटकर खुद का बचाव किया।
पीएसी बल ने संभाला मोर्चा, क्षेत्र में पहले भी जा चुकी हैं कई जानें
पथराव की सूचना मिलते ही जिला मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस बल और प्रांतीय रक्षक दल व पीएसी (PAC) की टुकड़ियों को तत्काल पिढ़वल मोड़ के लिए रवाना किया गया। फिलहाल पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कुछ महीनों के भीतर इसी पिढ़वल मोड़ और आस-पास के क्षेत्र में तेज रफ्तार के कारण कई भीषण सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। बार-बार मांग करने के बावजूद प्रशासन द्वारा यहां गति अवरोधक (ब्रेकर) या स्थाई सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, जिसके चलते आज जनता का सब्र टूट गया। खबर लिखे जाने तक आलाधिकारी ग्रामीणों को समझाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।
