Type Here to Get Search Results !

Recent in Sports

Subscribe Us

बलिया: बेरुआरबारी पीएचसी पर सीएमओ का औचक निरीक्षण; प्रभारी डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर सहित ४ गायब, डब्बे में मिली वैक्सीन, मचा हड़कंप


 हाईलाइट्स:

• औचक निरीक्षण से हड़कंप: मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. अभय नारायण राय के अचानक पहुंचने से पीएचसी बेरुआरबारी में मची अफरा-तफरी।

• लापरवाही की खुली पोल: चिकित्सा प्रभारी डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर समेत चार स्वास्थ्य कर्मचारी ड्यूटी से मिले नदारद; फ्रीजर की जगह डब्बे में रखी मिलीं महत्वपूर्ण वैक्सीन।

• प्रसूताओं के हक पर डाका: डिलीवरी पॉइंट पर महीनों से बंद पड़ा है खाना; कैमरे के सामने गोलमोल जवाब देकर रवाना हुए सीएमओ।

बेरुआरबारी/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) बेरुआरबारी हमेशा से ही अपनी अजीबोगरीब कार्यप्रणाली और कारनामों को लेकर सुर्खियों में रहा है। इसी क्रम में रविवार २१ जून २०२६ को बलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. अभय नारायण राय ने जब इस स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया, तो वहां की बदहाली और भारी लापरवाही देखकर वे खुद दंग रह गए। निरीक्षण के दौरान चिकित्सा प्रभारी डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर सहित चार मुख्य कर्मचारी अस्पताल से पूरी तरह गायब मिले। वहीं, सबसे संवेदनशील मानी जाने वाली जीवनरक्षक वैक्सीन फ्रीजर के बजाय एक साधारण डब्बे में लावारिस हालत में रखी मिली, जिसे देख सीएमओ का पारा चढ़ गया।

कर्मचारियों पर 'मेहरबान' प्रभारी खुद मिले नदारद, वैक्सीन पर बड़ी लापरवाही

स्थानीय सूत्रों और चर्चाओं के अनुसार, बेरुआरबारी पीएचसी के चिकित्सा प्रभारी अपने चहेते कर्मचारियों पर इतने मेहरबान रहते हैं कि यहां नियम-कानून ताक पर चलते हैं। मजे की बात यह है कि जब भी किसी अधिकारी का यहाँ से ट्रांसफर होता है, तो कोई यहाँ से जाने को तैयार नहीं होता। आखिर इस केंद्र पर इतनी 'मलाई' क्यों है, यह तो जांच का विषय है, लेकिन आज जब दोपहर करीब २:०० बजे सीएमओ साहब अचानक अस्पताल पहुंचे तो सारा सच सामने आ गया।

प्रभारी डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर और तीन अन्य कर्मचारी ड्यूटी से लापता थे। जब सीएमओ ने कोल्ड चेन और वैक्सीन स्टोरेज की जांच की, तो घोर लापरवाही सामने आई। बच्चों और गर्भवती महिलाओं को लगने वाली कीमती वैक्सीन डीप-फ्रीजर में सुरक्षित रखने के बजाय बाहर एक प्लास्टिक के डब्बे में ठूंस कर रखी गई थी। इस पर भड़के सीएमओ ने तत्काल मोबाइल निकालकर उस डब्बे और वैक्सीन की तस्वीरें खुद खींचीं।

प्रेरणा कैंटीन बंद, प्रसूताओं को महीनों से नहीं मिल रहा भोजन

अस्पताल की बदहाली यहीं खत्म नहीं हुई। सरकार द्वारा डिलीवरी पॉइंट (प्रसव केंद्र) पर आने वाली गरीब ग्रामीण महिलाओं और नवजातों के लिए निशुल्क भोजन की व्यवस्था हेतु 'प्रेरणा कैंटीन' की शुरुआत की गई है। लेकिन बेरुआरबारी पीएचसी पर पिछले कई महीनों से प्रसूता महिलाओं को खाना तक नसीब नहीं हो रहा है। डिलीवरी पॉइंट पर खाना न बनने और प्रसूताओं के हक पर डाका डाले जाने के इस गंभीर मुद्दे पर जब स्थानीय स्तर पर जांच की बात उठी, तो विभाग की कलई खुलकर सामने आ गई।

कैमरे पर 'आल इज वेल' दिखाने की कोशिश, सीएमओ ने दिया गोलमोल जवाब

निरीक्षण में इतनी बड़ी कमियां और गैरहाजिरी मिलने के बाद जब सीएमओ डॉ. अभय नारायण राय रजिस्टर में कमियां दर्ज करने लगे, तो विभागीय साख बचाने की कवायद शुरू हो गई। ऑन-कैमरा सब कुछ ठीक दिखाने की कोशिश की गई। जब मीडिया ने सीएमओ से गायब कर्मचारियों और बंद कैंटीन पर सीधे सवाल किए, तो वे असहज हो गए और गोलमोल जवाब देने लगे।

सीएमओ डॉ. अभय नारायण राय ने ऑन-कैमरा कहा—

मैं अभी-अभी तो निरीक्षण के लिए आया हूं, लेकिन अचानक जिलाधिकारी (DM) साहब का बुलावा आ गया है, इसलिए मुझे तुरंत जाना पड़ रहा है। अभी मैं पूरी समस्या को गहराई से समझ नहीं पा रहा हूं। वास्तव में वे लोग (कर्मचारी) ड्यूटी पर आते थे या नहीं, इस पर मैं अभी स्पष्ट कुछ नहीं बोल पाऊंगा। हां, रजिस्टर मैंने देखा है और कर्मचारी अनुपस्थित (अशेंट) पाए गए हैं। मैं अभी दफ्तर जाकर रजिस्टर दोबारा देखूंगा। फिलहाल, गायब मिले प्रभारी और अन्य सभी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और उसके बाद आगे की दंडात्मक विधिक कार्रवाई की जाएगी।"

वहीं, जब महीनों से बंद प्रेरणा कैंटीन और प्रसूताओं को खाना न मिलने पर उनसे पूछा गया, तो उन्होंने अपनी अनभिज्ञता जताते हुए कहा, "मुझे इसके बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं है। मैं अब इस मामले को गंभीरता से दिखवाता हूं कि आखिर कैंटीन में भोजन क्यों नहीं बन रहा है और इसके बारे में पूरी रिपोर्ट तलब करूंगा।"

अब देखना यह होगा कि इस वीआईपी निरीक्षण के बाद क्या वास्तव में लापरवाह डॉक्टरों और कर्मचारियों के विरुद्ध कोई कड़ी दंडात्मक कार्रवाई होती है, या फिर हमेशा की तरह केवल कागजी 'खानापूर्ति' करके मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Below Post Ad

खबर एवं विज्ञापन लगवाने के लिए संपर्क करें 7275144706 पर। या हमें ई मेल करें today9uttarpradesh@gmail.com पर।