हाईलाइट्स:
• योगमय हुआ एपेक्स स्कूल: बभनौली ग्राम स्थित एपेक्स स्कूल के प्रांगण में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रातः काल से हुआ भव्य आयोजन।
• शशि मोहन पांडेय का निर्देशन: योग प्रशिक्षक के नेतृत्व में सूर्य नमस्कार सहित दर्जनों जटिल आसनों और प्राणायाम का ग्रामीणों व गुरुजनों ने किया अभ्यास।
• ऊर्जा का संचार: विद्यालय के प्रबंधक इंजीनियर धनंजय उपाध्याय ने योग को बताया आत्मा से परमात्मा के मिलन का साधन; शरीर को निरोग रखने का दिया मूलमंत्र।
बभनौली/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर आज २१ जून २०२६ को बलिया जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में योग की धूम देखने को मिली। इसी क्रम में क्षेत्र के बभनौली ग्राम स्थित प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान 'एपेक्स स्कूल' के प्रांगण में एक भव्य और विशेष योग शिविर का आयोजन किया गया। इस योगाभ्यास कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त स्टाफ, शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित आस-पास के ग्रामीण इलाकों से आए सैकड़ों प्रबुद्ध नागरिकों और युवाओं ने अलसुबह एकत्रित होकर सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया।
सूर्य नमस्कार और दर्जनों आसनों का हुआ अभ्यास
प्राप्त विवरण के अनुसार, एपेक्स स्कूल के प्रांगण में यह विशेष सत्र प्रातः ६:०० बजे से योग प्रशिक्षक शशि मोहन पांडेय के कुशल और योग्य निर्देशन में शुरू हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना और ध्यान के साथ हुई। इसके उपरांत उपस्थित जनसमूह को अनुलोम-विलोम, कपालभांति और भ्रामरी जैसे महत्वपूर्ण प्राणायामों का अभ्यास कराया गया।
शारीरिक सुदृढ़ता के लिए प्रशिक्षक द्वारा भुजंगासन, धनुरासन, शवासन, गोमुखासन, मंडूकासन और मयूरासन सहित महा-अभ्यास 'सूर्य नमस्कार' की विभिन्न मुद्राओं का क्रमिक अभ्यास कराया गया। योग सत्र के दौरान शशि मोहन पांडेय ने प्रत्येक आसन और प्राणायाम से शरीर को होने वाले चमत्कारी वैज्ञानिक व आध्यात्मिक लाभों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
योग आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का साधन: इंजीनियर धनंजय उपाध्याय
इस गरिमामयी अवसर पर एपेक्स स्कूल के प्रबंधक इंजीनियर धनंजय उपाध्याय ने उपस्थित जनसमुूह को संबोधित करते हुए योग के महत्व पर गहराई से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह हमारी प्राचीन सनातन संस्कृति का वह अनमोल उपहार है जो आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का सशक्त साधन बनता है। आज की भागदौड़ भरी और तनावपूर्ण जिंदगी में योग के माध्यम से ही हम अपने शरीर को ऊर्जावान, सुंदर, निरोग एवं पूरी तरह स्वस्थ बना सकते हैं।" उन्होंने सभी से अपील की कि योग को केवल एक दिन के उत्सव के रूप में न मनाकर अपनी दैनिक जीवन शैली का अनिवार्य हिस्सा बनाएं।
शिविर के समापन पर विद्यालय प्रशासन की ओर से आगंतुकों के प्रति आभार प्रकट किया गया और सभी को स्वास्थ्यवर्धक पेय व स्वदेशी स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। इस सफल आयोजन की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है।
