हाईलाइट्स:
- बड़ा घोटाला: मनियर विकासखंड के दियारा टुकड़ा नंबर-2 ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर ₹50 लाख से अधिक के गबन का आरोप।
- आरटीआई से पर्दाफाश: शिकायतकर्ता ललन राजभर ने बीडीओ मनियर से निकाला 2022 से 2026 तक का रिकॉर्ड; धरातल पर काम गायब, कागजों पर भुगतान पूरा।
- कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन: ग्राम प्रधान और सचिव के खिलाफ सबूतों के साथ जिलाधिकारी को सौंपा शिकायती पत्र, निष्पक्ष जांच की मांग।
मनियर/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भले ही भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा करती हो, लेकिन जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका एक बड़ा और चौंकाने वाला उदाहरण बलिया जनपद से सामने आया है। मनियर विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत दियारा टुकड़ा नंबर-2 में विकास कार्यों के नाम पर लगभग 50 लाख रुपए से अधिक के गबन का गंभीर आरोप लगा है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि ग्राम प्रधान और सचिव ने मिलकर बिना धरातल पर कोई काम कराए ही सरकारी धनराशि का फर्जी भुगतान करा लिया है।
RTI की रिपोर्ट ने खोला ग्राम प्रधान और सचिव का 'खेल'
शिकायतकर्ता ललन राजभर ने मीडिया को बताया कि उन्होंने जन सूचना अधिकार (RTI) के तहत खंड विकास अधिकारी (BDO) मनियर से वर्ष 2022 से 2026 तक के पंचायत में हुए विकास कार्यों का आधिकारिक विवरण मांगा था। जब ब्लॉक से प्राप्त रिपोर्ट और सरकारी अभिलेखों को लेकर ग्रामीणों ने जमीनी स्तर पर सर्वे किया, तो सबके होश उड़ गए। पंचायत में करीब 20 ऐसे मामले प्रकाश में आए, जिनके कागजों पर तो पूरी धनराशि का भुगतान हो चुका है, लेकिन मौके पर एक ईंट तक नहीं रखी गई है।
इन विकास कार्यों के नाम पर हुआ लाखों का फर्जी भुगतान:
शिकायतकर्ता द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों के अनुसार, सरकारी बजट को ठिकाने लगाने के लिए कई मदों में फर्जीवाड़ा किया गया:
- हैंडपाइप घोटाला: 13 मार्च 2025 को दो इंडिया मार्का हैंडपाइप के लिए ₹72,378 और 5 एडी.डी. इंडिया मार्का हैंडपाइप के लिए ₹24,855 का फर्जी भुगतान हुआ। इसके अलावा नवंबर 2025 और मई 2026 में भी क्रमशः ₹26,935 और ₹72,378 बिना कार्य कराए निकाले गए।
- सोखता व नाली निर्माण: इंडिया मार्का नल के पास सोखता निर्माण के नाम पर मई 2026 में ₹1,62,407 और ₹40,000 की भारी-भरकम राशि निकाली गई, जबकि मौके पर कोई सोखता नहीं बना है। वहीं नाली निर्माण के नाम पर फरवरी 2025 में ₹51,351 और ₹25,030 का फर्जी भुगतान हुआ।
- इंटरलॉकिंग व सेफ्टी टैंक: मेन बंधा से गोवर्धन के घर, कन्हैया के घर और बब्बन के खेत से मुन्नी देवी के घर तक इंटरलॉकिंग के नाम पर लाखों रुपये डकार लिए गए। इसके अलावा मोती राजभर के घर के पास सेफ्टी टैंक निर्माण और सामग्री के नाम पर ₹2,40,732 का फर्जीवाड़ा किया गया।
- मनरेगा व आरआरसी सेंटर: नरेगा कार्यों में एक ही रास्ते को बार-बार दिखाकर पैसे निकाले गए। मई 2026 में मेन आर.आर.सी. निर्माण कार्य सामग्री हेतु ₹91,000 और ₹99,500 का भुगतान कराया गया, लेकिन मौके पर काम अभी तक शुरू ही नहीं हुआ है।
"सरकार के दावे सिर्फ मंच तक सीमित, सीएम तक जाएंगे"
लल्लन राजभर ने तीखा बयान देते हुए कहा कि सरकार की जीरो टॉलरेंस की बातें सिर्फ कहने के लिए और मंचों तक ही सीमित हैं, जमीनी स्तर पर लूट मची है। ग्राम प्रधान निर्मला देवी और सचिव जयप्रकाश ने मिलकर सरकारी धन का बंदरबांट किया है। हमारे पास ब्लॉक से मिले भुगतान की सरकारी पर्ची और तारीखों के साथ पूरा प्रमाण है। अगर बलिया प्रशासन से न्याय नहीं मिला, तो ग्रामीण इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दरबार में गुहार लगाएंगे।
दोषियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग
जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों में शिव शंकर, भरत चौहान, शैलेंद्र चौहान, संत लाल चौहान आदि मुख्य रूप से शामिल रहे। ग्रामीणों ने शिकायती पत्र के माध्यम से मांग की है कि इस पूरे महाघोटाले की तत्काल निष्पक्ष और स्थलीय जांच कराई जाए। जो कार्य सिर्फ कागजों पर समेट दिए गए हैं, उन्हें धरातल पर पूरा कराया जाए और ग्राम प्रधान व सचिव सहित इस भ्रष्टाचार में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त विधिक कार्रवाई की जाए।
