हाईलाइट्स:
- कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन: भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती, स्मार्ट मीटर की गड़बड़ियों और महंगी दरों के खिलाफ AAP का जोरदार प्रदर्शन।
- गंभीर आरोप: 'आप' नेताओं का दावा—पूंजीपतियों से मिले हैं बिजली मंत्री, अडानी-अंबानी के हाथों बेचना चाहते हैं पूर्वांचल की बिजली।
- केजरीवाल मॉडल का जिक्र: जिला अध्यक्ष बोले—दिल्ली में 24 घंटे मुफ्त बिजली, यूपी में भारी-भरकम बिल देने के बाद भी हर 10 मिनट में कटआउट।
बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड तोड़ भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती को लेकर अब सियासत पूरी तरह गरमा गई है। बलिया जनपद में आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने बिजली संकट, स्मार्ट मीटर की कथित गड़बड़ियों और लगातार बढ़ती महंगी बिजली दरों के खिलाफ जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। 'आप' कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में योगी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।
"अडानी-अंबानी के हाथों बिजली बेचना चाहती है सरकार"
प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेश सरकार और बिजली मंत्री पर तीखा हमला बोला। नेताओं ने कहा, "बलिया की इस क्रांतिकारी धरती पर उत्तर प्रदेश की सरकार ने तानाशाही फैला रखी है। यह योगी सरकार गरीबों के घरों में एक पंखा तक नहीं चलने देना चाहती और न ही उनके घरों का बिजली का बल्ब जलने देना चाहती है।"
उन्होंने आगे बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के बिजली मंत्री बड़े पूंजीपतियों के साथ मिले हुए हैं। ये लोग पूर्वांचल की बिजली व्यवस्था को अडानी और अंबानी जैसे देश के बड़े उद्योगपतियों के हाथों में बेचना चाहते हैं। स्मार्ट मीटर के माध्यम से जनता के गले में फांसी का फंदा लटकाया जा रहा है और उपभोक्ताओं का भारी आर्थिक शोषण हो रहा है।
जनता बिल भर रही है, फिर भी हर 10 मिनट में लग रहा कटआउट: डॉ. प्रदीप
आम आदमी पार्टी के बलिया जिला अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार ने कहा कि इस जानलेवा गर्मी में आम जनता त्रस्त है, लेकिन सरकार निर्बाध बिजली देने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने कहा, "इतनी भयानक गर्मी में भी लोगों को बिजली उपलब्ध नहीं हो पा रही है। हर 10-15 मिनट या आधे घंटे में बिजली कट जा रही है। राज्य सरकार बिजली संकट के आगे पूरी तरह लाचार और नाकाम महसूस कर रही है।"
केजरीवाल मॉडल बनाम उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था
उत्तर प्रदेश की लचर बिजली व्यवस्था पर तंज कसते हुए जिला अध्यक्ष ने दिल्ली के बिजली मॉडल का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि एक तरफ दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सरकार 24 घंटे मुफ्त बिजली दे रही थी, वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश में जनता महंगे दामों पर बिजली का भारी-भरकम बिल भर रही है, इसके बावजूद उन्हें पूरी बिजली नहीं मिल पा रही है। 'आप' की मुख्य मांग है कि पूर्वांचल को 24 घंटे निर्बाध बिजली दी जाए और बिजली दरों में की जा रही बेतहाशा बढ़ोतरी पर तुरंत रोक लगाई जाए।
किसान, व्यापारी और छात्र सब बेहाल; उग्र आंदोलन की चेतावनी
आम आदमी पार्टी का आरोप है कि अघोषित और लंबी बिजली कटौती के कारण किसान, व्यापारी, छात्र और गृहणियां बेहद परेशान हैं। कई ग्रामीण व कस्बाई इलाकों में 22 से 48 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रह रही है। इसके साथ ही फर्जी बिलिंग और स्मार्ट मीटर की फास्ट जंपिंग से उपभोक्ताओं को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। आप नेताओं ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि अगर जिले में बिजली, पानी और मूलभूत सुविधाओं में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो पार्टी इस जन-आंदोलन को और अधिक उग्र रूप देगी।
