हाईलाइट्स:
- शहादत स्थल पर पहुंचे समाजसेवी: गाजीपुर के वरिष्ठ समाजसेवी मनोज बाबा ने बिटौली गांव जाकर भारत भूषण तिवारी के परिजनों से की विधिक मुलाकात; बंधाया ढांढस।
- भ्रष्ट तंत्र पर सीधा प्रहार: मनोज बाबा का बड़ा आरोप— "प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण आम जनता विधिक न्याय के लिए भटकने को मजबूर है।"
- जनआंदोलन की चेतावनी: पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सड़क से लेकर शासन तक बड़ी विधिक व जमीनी लड़ाई लड़ने का लिया संकल्प।
गाजीपुर/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): जनपद गाजीपुर के चर्चित भारत भूषण तिवारी (भरत तिवारी) मामले को लेकर सामाजिक और राजनैतिक आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में जनपद गाजीपुर के वरिष्ठ व प्रबुद्ध समाजसेवी मनोज बाबा बुधवार को भारत भूषण तिवारी के पैतृक निवास और शहादत स्थल ग्राम बिटौली पहुंचे। वहां उन्होंने शोकाकुल परिजनों से विधिक व आत्मीय मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान मनोज बाबा ने वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था और भ्रष्ट तंत्र को आड़े हाथों लेते हुए न्याय की इस विधिक लड़ाई में परिवार को हर संभव जमीनी साथ देने का मजबूत भरोसा दिलाया।
"भारत भूषण का बलिदान पूरे समाज की अपूरणीय क्षति" — मनोज बाबा
शहादत स्थल पर उपस्थित जनसमुदाय और मीडिया को संबोधित करते हुए वरिष्ठ समाजसेवी मनोज बाबा ने कहा, "भारत भूषण तिवारी का यह बलिदान केवल एक व्यक्तिगत परिवार की क्षति नहीं है, बल्कि यह हमारे पूरे न्यायप्रिय समाज और विधिक ताने-बाने की बहुत बड़ी अपूरणीय क्षति है।"
उन्होंने स्थानीय प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि गहरे पैठे भ्रष्टाचार और घोर प्रशासनिक लापरवाही के कारण आज आम और गरीब लोगों को अपने विधिक अधिकारों और बुनियादी न्याय के लिए इतना बड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि शहीद के पीड़ित परिवार को विधिक न्याय दिलाने के लिए व्यापक जनआंदोलन की आवश्यकता पड़ी, तो वे और उनका संगठन इससे कतई पीछे नहीं हटेंगे।
बिटौली में उमड़ा जनसैलाब, दोषियों पर सख्त विधिक कार्रवाई की मांग
मनोज बाबा के बिटौली गांव पहुंचने की आधिकारिक सूचना मिलते ही भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, प्रबुद्ध नागरिक और युवा भी शहादत स्थल पर एकत्र हो गए। उपस्थित लोगों ने भारत भूषण तिवारी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान वहां मौजूद लोगों की आंखें नम होने के साथ-साथ प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ भारी आक्रोश भी साफ देखने को मिला। ग्रामीणों ने एक स्वर में मांग की कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष विधिक जांच कराई जाए और जो भी दोषी अधिकारी या तत्व हैं, उनके खिलाफ तत्काल कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाए।
समाजसेवी मनोज बाबा ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि यदि समय रहते जिम्मेदार विधिक अधिकारियों ने इस मामले का निष्पक्ष संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की, तो क्षेत्र की आक्रोशित जनता सड़क से लेकर शासन की चौखट तक अपनी आवाज बुलंद करने के लिए पूरी तरह बाध्य होगी। उन्होंने पीड़ित परिवार के साथ हर विधिक व सामाजिक संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने के अपने दृढ़ संकल्प को दोहराया। अंत में शहादत स्थल पर जुटे सभी नागरिकों ने सामूहिक संकल्प लिया कि भारत भूषण तिवारी के इस सर्वोच्च बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा और जब तक पूर्ण विधिक न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह अनवरत संघर्ष जारी रहेगा।
