हाईलाइट्स:
- दबंगों की गुंडागर्दी: गड़वार थाना क्षेत्र के चेंवरी गांव में मामूली मिट्टी हटाने के विवाद ने लिया हिंसक रूप; विपक्षियों ने घर में घुसकर की मारपीट और तोड़फोड़।
- अमानवीय व्यवहार: पीड़ित का गला दबाने और उसकी पत्नी को लात-घूंसों से पीटने का आरोप; पूरे परिवार को जान से मारने की दी धमकी।
- लापरवाही की हद: घटना के कई दिन बीतने और जान से मारने की धमकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भी गड़वार पुलिस ने नहीं दर्ज की एफआईआर।
गड़वार/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत गड़वार थाना क्षेत्र के चेंवरी गांव से कानून-व्यवस्था और स्थानीय पुलिस की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ मामूली मिट्टी हटाने के विवाद को लेकर पड़ोसियों ने विधिक नियमों को ताक पर रखकर एक परिवार के घर में घुसकर जमकर तांडव मचाया। इस घटना का और दबंगों द्वारा पीड़ित परिवार को सरेआम जान से मारने की धमकी देने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसके बावजूद, घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी गड़वार थाना पुलिस द्वारा अब तक मुकदमा दर्ज न करना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर विधिक सवाल खड़े कर रहा है।
घर में घुसकर तोड़ी कुर्सियां, महिला को लात-घूंसों से पीटा
पीड़ित परिवार द्वारा दी गई विधिक तहरीर के अनुसार, चेंवरी गांव में उनके पुश्तैनी परिसर से मिट्टी हटाने जैसी मामूली बात को लेकर पड़ोसी अचानक उग्र और दबंग हो गए। विपक्षियों ने लाठी-डंडों से लैस होकर पीड़ित के घर पर धावा बोल दिया। आरोप है कि दबंगों ने न केवल घर के भीतर घुसकर तोड़फोड़ की और कुर्सियां तोड़ डालीं, बल्कि पीड़ित का गला दबाकर उसे जान से मारने की कोशिश भी की। इस दौरान जब पीड़ित की पत्नी बीच-बचाव करने आई, तो आरोपियों ने मर्यादाओं को ताक पर रखकर महिला को भी बेरहमी से लात-घूंसों से पीटा।
घर के भीतर मचे इस कोहराम और चीख-पुकार को सुनकर आस-पास के ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने कड़ा रुख अपनाते हुए बीच-बचाव किया और दबंगों के चंगुल से किसी तरह पीड़ित परिवार की जान बचाई। जाते-जाते आरोपियों ने पूरे परिवार को विधिक प्रक्रिया से ऊपर उठकर जान से खत्म करने की खुली धमकी दी, जिसका वीडियो अब इंटरनेट पर वायरल है। इस हिंसक वारदात के बाद से पीड़ित परिवार खौफ के साए में जीने को मजबूर है।
तहरीर और वायरल वीडियो के बाद भी एफआईआर दर्ज न होने से आक्रोश
पीड़ित का विधिक आरोप है कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद ही मामले की लिखित तहरीर गड़वार थाने में सौंप दी थी। इस तहरीर में उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे धमकी के वीडियो साक्ष्य (Evidence) का विधिक हवाला भी दिया था। इसके बावजूद, स्थानीय पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई न करना और आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज न करना सिस्टम की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
थाने से न्याय न मिलता देख हताश पीड़ित ने अब पुलिस अधीक्षक (SP) बलिया सहित उच्चाधिकारियों से मामले का तत्काल विधिक संज्ञान लेने, वायरल वीडियो के आधार पर साक्ष्य जुटाने और दोषी दबंगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
रिपोर्ट:- रोहित सिंह
