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गाजीपुर मेडिकल कॉलेज का बड़ा धमाका: प्रथम बैच के सभी ९९ छात्र पास होकर बने डॉक्टर; यूनिवर्सिटी के टॉप-५ में स्नेहा जैन ने बनाई जगह


 

हाईलाइट्स:

  • ऐतिहासिक शत-प्रतिशत रिजल्ट: साल २०२१ में स्थापित महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज के पहले बैच का आया परिणाम; सभी ९९ छात्र विधिक रूप से पास।
  • यूनिवर्सिटी में बजा डंका: ६० मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध पंडित अटल बिहारी वाजपेई यूनिवर्सिटी की मेरिट लिस्ट में कॉलेज की छात्रा स्नेहा जैन ने टॉप-५ में बनाई जगह।
  • गाजीपुर में खत्म होगी डॉक्टरों की कमी: पास आउट हुए सभी ९९ डॉक्टर अगले १ साल तक जनपद के स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों पर देंगे सेवाएं।

गाजीपुर (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश का गाजीपुर जनपद, जो कभी स्वास्थ्य व्यवस्था के मामले में डॉक्टरों की कमी के कारण 'बीमारू' जिलों की श्रेणी में गिना जाता था, आज वहां से एक बेहद गौरवशाली और विधिक रूप से ऐतिहासिक खबर सामने आई है। जनपद में संचालित महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रथम बैच (सत्र २०२१) का अंतिम परिणाम घोषित हो गया है। इस परीक्षा में कॉलेज के सभी ९९ एमबीबीएस (MBBS) छात्र शत-प्रतिशत सफलता हासिल कर अब आधिकारिक तौर पर डॉक्टर बन गए हैं। यह सभी नव-नियुक्त डॉक्टर अगले १ साल तक गाजीपुर के विभिन्न ग्रामीण व शहरी स्वास्थ्य केंद्रों पर अपनी विधिक सेवाएं देंगे, जिससे जनपद में वर्षों से चली आ रही डॉक्टरों की कमी पूरी तरह दूर हो जाएगी।

तीन अलग-अलग विंग में शुरू हुआ था सफर, नीट के जरिए मिली थी एंट्री

​प्राप्त विधिक और आधिकारिक विवरण के अनुसार, गाजीपुर के इस मेडिकल कॉलेज की स्थापना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा साल २०२१ में की गई थी। शुरुआत में इस कॉलेज को तीन अलग-अलग शिफ्ट/स्थानों पर व्यवस्थित किया गया था; जिसमें एक विंग में छात्रों की पढ़ाई होती थी, दूसरा मुख्य जिला अस्पताल जहाँ मरीजों का इलाज चलता था, और तीसरा मिश्रा बाजार स्थित महिला अस्पताल। नीट (NEET) जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परीक्षा क्वालीफाई करने के बाद हर साल यहाँ ९९ मेधावी छात्रों को विधिक प्रवेश दिया जा रहा था। यह मेडिकल कॉलेज 'पंडित अटल बिहारी वाजपेई यूनिवर्सिटी' से संबद्ध है, जिससे प्रदेश के लगभग ६० सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेज जुड़े हुए हैं। आज यूनिवर्सिटी द्वारा जारी परीक्षा परिणाम में गाजीपुर कॉलेज ने १००% रिजल्ट देकर प्रदेश में अपनी विधिक श्रेष्ठता साबित की है।

सोनभद्र की स्नेहा जैन ने यूनिवर्सिटी के टॉप-५ में बनाई जगह, डॉक्टर बन गरीबों की सेवा का संकल्प

​यह रिजल्ट गाजीपुर और कॉलेज प्रशासन के लिए दोहरी खुशी लेकर आया है। कॉलेज के सभी छात्रों के पास होने के साथ-साथ, मूल रूप से सोनभद्र जनपद की रहने वाली कॉलेज की होनहार छात्रा स्नेहा जैन ने पूरी यूनिवर्सिटी के टॉप-५ (Top Five) मेधावियों में अपना विधिक स्थान बनाकर कॉलेज का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया है। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद उत्साहित छात्रों ने कॉलेज के प्रिंसिपल को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया।

टुडे९ उत्तरप्रदेश से विधिक बातचीत में टॉपर स्नेहा जैन ने बताया कि वे अपनी इस सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों और माता-पिता को देती हैं। उन्होंने कहा कि इंटर्नशिप के दौरान उनका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और गरीब मरीजों की नि:स्वार्थ सेवा करना रहेगा। भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए स्नेहा ने बताया कि वे आगे की उच्च शिक्षा पूरी कर एक कुशल सर्जन, और विशेष रूप से 'कार्डियक सर्जन' (हृदय रोग विशेषज्ञ) बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं।

जिले के लिए ऐतिहासिक और भावुक क्षण: प्रिंसिपल डॉ. आनंद मिश्रा

​मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आनंद मिश्रा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह कॉलेज के समस्त स्टाफ और गाजीपुर के नागरिकों के लिए एक भावुक और ऐतिहासिक क्षण है। प्रथम बैच के सभी ९९ छात्रों का एक साथ पास होना हमारी विधिक शिक्षण गुणवत्ता को दर्शाता है। ये सभी छात्र अब अनिवार्य इंटर्नशिप प्रक्रिया पूरी करने के बाद जूनियर डॉक्टर के रूप में जिले के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात होंगे, जिससे गाजीपुर का हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर अब पहले से कई गुना अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर हो जाएगा।

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