हड़कंप के बाद हंगामा: खखरेरू में अवैध क्लीनिकों और अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग के एक्शन से मचा हड़कंप; संचालकों ने खोला मोर्चा।
• सीएचसी का घेराव: नोटिस जारी होने से नाराज दो दर्जन से अधिक संचालकों ने रावण मैदान में बैठक कर बनाई रणनीति, अस्पताल पहुंचकर किया प्रदर्शन।
• भेदभाव का आरोप: प्रदर्शनकारियों का दावा— विभाग चुनिंदा लोगों पर कर रहा कार्रवाई, कई बड़े अवैध अस्पतालों पर मेहरबानी जारी।
खखरेरू/फतेहपुर (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद के खखरेरू क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों और अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग की हालिया कार्रवाई के बाद मामला बेहद गरमा गया है। विभाग द्वारा अवैध रूप से चल रहे सेंटरों को नोटिस जारी किए जाने से नाराज कथित 'झोलाछाप' डॉक्टरों और निजी अस्पताल संचालकों ने मंगलवार को लामबंद होकर खखरेरू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का घेराव कर दिया। संचालकों ने स्वास्थ्य विभाग पर भेदभावपूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की और तीखा आक्रोश व्यक्त किया।
रावण मैदान में जुटे दो दर्जन संचालक, बनाई रणनीति
जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की ओर से खखरेरू, रक्षपालपुर, कुल्ली और घरवासीपुर में बिना पंजीकरण व मानकों के धड़ल्ले से चल रहे अवैध नर्सिंग होमों और क्लीनिकों को चिन्हित कर बंद करने की नोटिस थमाई गई थी। इस कार्रवाई से हड़कंप मचने के बाद, क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक अस्पताल संचालक नगर के रावण मैदान में एकत्रित हुए। यहां एक गुप्त बैठक कर उन्होंने विभाग के खिलाफ रणनीति तैयार की और सीधे सीएचसी खखरेरू की तरफ कूच कर दिया।
सीएचसी अधीक्षक के न मिलने पर फूटा गुस्सा, लगाए गंभीर आरोप
सैकड़ों समर्थकों और संचालकों के साथ अस्पताल पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने जब सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजू राव से मिलने का प्रयास किया, तो वे मौके पर मौजूद नहीं मिले। अधीक्षक के न मिलने पर संचालकों का गुस्सा और भड़क गया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर अपनी नाराजगी जताई।
संचालकों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा:
"विभाग का यह अभियान पूरी तरह से भेदभावपूर्ण है। अधिकारी केवल चुनिंदा छोटे क्लीनिकों और झोलाछाप डॉक्टरों को निशाना बनाकर नोटिस जारी कर रहे हैं, जबकि क्षेत्र में रसूखदारों के इशारे पर चल रहे कई बड़े अवैध अस्पतालों पर विभाग की मेहरबानी लगातार जारी है।"
संचालकों की मांग— 'पूरे क्षेत्र के अवैध अस्पतालों पर हो समान कार्रवाई'
सीएचसी का घेराव कर रहे प्रदर्शनकारी डॉक्टरों और संचालकों की मांग है कि अगर कार्रवाई करनी है, तो पूरे क्षेत्र में बिना भेदभाव के समान रूप से की जाए। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में पूरे खखरेरू नगर और आसपास के क्षेत्रों में केवल आरके नर्सिंग होम, लीलावती हॉस्पिटल और आरिफ पैथोलॉजी ही स्वास्थ्य विभाग में पूरी तरह से पंजीकृत (Registered) हैं। इसके अलावा दर्जनों अस्पताल और नर्सिंग होम बिना किसी मान्यता और पंजीकरण के धड़ल्ले से मोटी कमाई कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि आखिर इन रसूखदार अवैध अस्पतालों को नोटिस क्यों नहीं दिया गया?
इस हंगामे के बाद इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और देखना यह होगा कि इस घेराव और गंभीर आरोपों के बाद फतेहपुर का स्वास्थ्य महकमा क्या रुख अख्तियार करता है
