हाईलाइट्स:
- भ्रष्टाचार पर हंटर: एडीओ पंचायत सीयर की तहरीर पर हल्दीरामपुर के ग्राम प्रधान और दो तत्कालीन सचिवों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज।
- बड़ा घपला: बिना कार्य कराए और निर्माण कार्यों में अनियमितता कर सरकारी धन के आहरण का गंभीर आरोप।
- हड़कंप का माहौल: लोकायुक्त और जिलाधिकारी बलिया की संयुक्त जांच रिपोर्ट सामने आते ही उभांव पुलिस ने दर्ज किया केस; बीएनएस की धाराओं में होगी कार्रवाई।
बेल्थरा रोड/उभांव, बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बलिया जनपद के सीयर विकासखंड में एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई है। उभांव थाना पुलिस ने क्षेत्र पंचायत सीयर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत हल्दीरामपुर के ग्राम प्रधान और दो तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ लगभग 15.5 लाख रुपये के सरकारी धन के गबन और वित्तीय अनियमितता के मामले में नामजद मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद क्षेत्र के ग्राम प्रधानों और सचिवों (सेक्रेटरी) के सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।
लोकायुक्त और जिलाधिकारी की जांच में खुली पोल
जानकारी के अनुसार, हल्दीरामपुर ग्राम पंचायत में विकास व निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर धांधली करने तथा बिना धरातल पर कार्य कराए ही सरकारी बजट का बंदरबांट करने की शिकायत गांव के ही राजाराम राजभर पुत्र स्व. मूरत राजभर ने की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी बलिया ने एक विशेष टीम गठित कर विस्तृत जांच आख्या तलब की थी। इसके साथ ही इस पूरे मामले की जांच देश की प्रतिष्ठित संस्था 'लोकायुक्त' की जांच समिति द्वारा भी की जा रही थी, जिसकी संयुक्त जांच आख्या आने के बाद गबन की पुष्टि हुई।
जानिए किस आरोपी पर है कितने लाख के गबन का आरोप?
सहायक विकास अधिकारी (ADO पंचायत) सीयर, मनोज कुमार सिंह द्वारा उभांव थाने में दी गई लिखित तहरीर के अनुसार, सरकारी धन का भुगतान नियमों को ताक पर रखकर चहेतों और खुद के खातों में किया गया। जांच रिपोर्ट के मुताबिक:
- तत्कालीन सचिव मनोज कुमार वर्मा पर 13,52,660 रुपये के अनियमित और फर्जी भुगतान का आरोप है।
- तत्कालीन सचिव उपेन्द्र कुमार पर 2,03,125 रुपये के गलत भुगतान का आरोप है।
कुल मिलाकर 15,55,785 रुपये के इस महाघपले और गबन के मामले में ग्राम प्रधान अनन्तदेव सिंह यादव, तत्कालीन सचिव मनोज कुमार वर्मा और तत्कालीन सचिव उपेन्द्र कुमार को मुख्य रूप से दोषी पाते हुए नामजद किया गया है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं में केस दर्ज
उभांव थाना पुलिस ने एडीओ पंचायत मनोज कुमार सिंह की तहरीर के आधार पर आरोपी ग्राम प्रधान अनन्तदेव सिंह यादव और दोनों तत्कालीन सचिवों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) (लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात) और 318(4) (धोखाधड़ी) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। उभांव थाना प्रशासन ने इस हाई-प्रोफाइल भ्रष्टाचार के मामले की विस्तृत और विधिक विवेचना थाने के वरिष्ठ उप निरीक्षक (SI) अरविन्द कुमार सिंह को सौंप दी है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ जल्द ही आगे की दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
