हाईलाइट्स:
• कचरे से कंचन: नगर पंचायत अध्यक्ष सुनील कुमार सेवक की नई पहल; बांसडीह को कूड़े के ढेरों से आजाद कराने का संकल्प।
• वैज्ञानिक निस्तारण: 'श्री नमस्ते वेस्ट पिकर्स प्राइवेट लिमिटेड' के साथ हुआ करार; घर-घर बांटे जाएंगे डस्टबिन, गीले कचरे से बनेगी खाद।
• फिर धड़का प्लांट: वर्षों से बंद पड़ा कूड़ा निस्तारण केंद्र अब बनेगा स्वच्छता का पावर हाउस; स्थानीय स्तर पर मिलेगा रोजगार।
बांसडीह/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में सफाई और कूड़ा निस्तारण के दावों के बीच बांसडीह नगर पंचायत से एक ऐसी सकारात्मक खबर सामने आ रही है, जो न केवल स्वच्छता की नई उम्मीद जगाती है बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बन रही है। नगर पंचायत अध्यक्ष सुनील कुमार सेवक के दृढ़ संकल्प और एक आधुनिक पहल से अब बांसडीह की सूरत बदलने वाली है। बांसडीह अब पारंपरिक गंदगी और कूड़े के ढेरों से पूरी तरह आजाद होकर स्वच्छ और सुंदर नगर बनने की ओर कदम बढ़ा चुका है।
कचरा प्रबंधन की अनोखी पहल, गीले कचरे से तैयार होगी जैविक खाद
बांसडीह को कूड़े-कचरे की समस्या से हमेशा के लिए मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से नगर पंचायत ने श्री नमस्ते वेस्ट पिकर्स प्राइवेट लिमिटेड/श्री मधु फाउंडेशन के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण एमओयू (MOU) साइन किया है। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य नगर की सफाई व्यवस्था को पूरी तरह वैज्ञानिक और आधुनिक तरीके से सुदृढ़ करना है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर विकास पांडेय उर्फ लाला ने बताया कि उनका एकमात्र मिशन 'स्वच्छ बलिया' का निर्माण करना है, जिसकी आधारशिला उन्होंने बांसडीह की पावन धरती से रख दी है।
हर दुकान और घर को मिलेगा डस्टबिन, प्लास्टिक होगी रीसायकल
मैनेजिंग डायरेक्टर विकास लाला ने योजना की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि सफाई कर्मचारी अब रोजाना घर-घर और दुकान-दुकान जाकर कचरा एकत्र करेंगे। इसके लिए नगर पंचायत के सहयोग से हर घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठान को डस्टबिन दिए जा रहे हैं ताकि कोई भी कचरा सड़कों पर न फेंके।
नगर में गीले और सूखे कचरे को पूरी तरह अलग-अलग (Source Segregation) एकत्र किया जाएगा। इसके तहत:
• रसोई से निकलने वाले गीले कचरे से उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद बनाई जाएगी, जो स्थानीय किसानों के लिए वरदान साबित होगी।
• प्लास्टिक और सूखे कचरे को आधुनिक तकनीक से रीसायकल कर उपयोगी सामान तैयार किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
वर्षों से बंद पड़ा निस्तारण केंद्र अब बनेगा नगर का 'पावर हाउस'
इस पूरी योजना का सबसे अहम और व्यावहारिक पहलू वह 'कूड़ा निस्तारण केंद्र' (Solid Waste Management Plant) है जो पिछले लंबे समय से प्रशासनिक उपेक्षा के कारण बंद पड़ा था। नगर पंचायत प्रशासन और अनुबंधित कंपनी के साझा सहयोग से अब यह केंद्र फिर से पूरी क्षमता के साथ धड़कने लगा है। अब नगर का सारा कचरा सड़कों पर डंप होने के बजाय सीधे इसी आधुनिक निस्तारण केंद्र पर पहुंचेगा, जहां वैज्ञानिक पद्धति से उसका सुरक्षित निपटान किया जाएगा।
अध्यक्ष ने खुद बाजार में उतरकर बांटे डस्टबिन, जनता से की अपील
स्वच्छता के इस महाअभियान को गति देने के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष सुनील कुमार सेवक और विकास पांडेय (लाला) ने खुद बाजार में उतरकर व्यापारियों के साथ एक विशेष बैठक की। उन्होंने न केवल दुकानदारों को डस्टबिन वितरित किए, बल्कि उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया।
अध्यक्ष सुनील कुमार सेवक ने कहा:
"यह केवल एक सामान्य सफाई योजना नहीं है, बल्कि यह हमारे क्षेत्र को संक्रामक बीमारियों से बचाने, पर्यावरण को सुरक्षित रखने और स्थानीय स्तर पर कबाड़ से रोजगार को बढ़ावा देने का एक बड़ा माध्यम है।"
इस मिशन की पूर्ण सफलता अब बांसडीह की जागरूक जनता के सहयोग पर टिकी है। यदि हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे और कूड़े को केवल डस्टबिन में ही डाले, तो वह दिन दूर नहीं जब बांसडीह उत्तर प्रदेश के सबसे स्वच्छ और आदर्श नगरों की सूची में शीर्ष पर गिना जाएगा।
