बांसडीह, बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद के बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के ताहीरपुर गांव से जमीन विवाद और दबंगई का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक बेबस महिला ने अपने सगे जेठ और जेठानी पर जमीन कब्जा करने, गाली-गलौज करने और बेरहमी से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि वह अपने पांच बच्चों की जान बचाने के लिए इस समय दूसरे के घर में शरण लेने को मजबूर है।
बीमार पति का इलाज कराकर लौटी तो अपनों ने ही खदेड़ा
ताहीरपुर गांव की मूल निवासी चंद्रावती देवी पत्नी संजय राजभर ने पुलिस अधीक्षक (SP) और जिला अधिकारी (DM) बलिया से न्याय की गुहार लगाई है। मीडिया के कैमरे पर अपनी आपबीती सुनाते हुए चंद्रावती ने रोते हुए बताया कि उनके पति लंबे समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, जिनके इलाज के लिए वह पिछले करीब 1 साल से बाहर रह रही थीं। लेकिन जब वह बीते 13 मई को वापस अपने घर लौटीं, तो उनके हिस्से की भूमि पर उनकी जेठानी समून देवी और जेठ विजय राजभर ने कब्जा कर लिया था। विरोध करने और अपने हिस्से की जमीन मांगने पर जेठ-जेठानी ने उन्हें गंदी-गंदी गालियां दीं और बेरहमी से पीटा।
बांसडीह विधायक केतकी सिंह पर भी लगाया अनसुनी का आरोप
पीड़िता ने मीडिया के सामने क्षेत्रीय विधायक पर भी बड़ा आरोप लगाया। चंद्रावती ने बताया कि वह न्याय के लिए कई बार क्षेत्रीय भाजपा विधायक केतकी सिंह के पास भी गईं। लेकिन उनके द्वारा कभी सिर्फ आश्वासन मिलता तो कभी मामले को पूरी तरह अनसुना कर दिया जाता। आखिरकार विधायक के दरबार से भी उन्हें निराश होकर वापस लौटने को मजबूर होना पड़ा।
पंचायत में हुआ था लिखित समझौता, फिर भी नहीं मिला हक
इस मामले में एक अहम मोड़ तब आया जब 20 मई को गांव के संभ्रांत व्यक्तियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच एक लिखित समझौता भी हुआ था। समझौते में मेन रोड की जमीन को आधा-आधा बांटने पर सहमति बनी थी, जिसमें पश्चिम दिशा का हिस्सा द्वितीय पक्ष विजय राजभर और पूर्व दिशा का हिस्सा प्रथम पक्ष चंद्रावती देवी को मिलना तय हुआ था। समझौते में यह भी लिखा गया था कि अब दोनों पक्षों के बीच कोई विवाद नहीं है। हालांकि, महिला द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन से साफ है कि इस समझौते के बाद भी उसे अपनी जमीन का हक नहीं मिल पाया और दबंग जेठ-जेठानी का खौफ लगातार बरकरार है।
पुलिस की चौखट पर चक्कर काट रही पीड़िता
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उसने घटना के तुरंत बाद 112 नंबर पर पुलिस बुलाई थी, जिसके बाद से वह लगातार न्याय के लिए पुलिस के चक्कर काट रही है। उसने:
- 17 मई को सुल्तानपुर पुलिस चौकी में तहरीर दी।
- 19 मई को कोतवाली बांसडीह में शिकायत दर्ज कराई।
- 20 मई को क्षेत्राधिकारी (CO) बांसडीह को प्रार्थना पत्र सौंपा।
हर जगह से निराशा हाथ लगने के बाद अब पीड़ित महिला बलिया एसपी और डीएम दरबार के चक्कर काटने को मजबूर है। महिला का रो-रोकर बुरा हाल है। उसने जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक बलिया से उचित कानूनी कार्रवाई करने और अपने बच्चों की जान-माल की रक्षा करने की गुहार लगाई है।
