बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहाँ स्वास्थ्य विभाग और औषधि प्रशासन की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोतवाली थाना क्षेत्र के कुंवर सिंह चौराहे के समीप स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर अचानक छापेमारी की। नियमों को ताक पर रखकर यहाँ गैर-अधिकृत दवाइयां बेची जा रही थीं। ड्रग इंस्पेक्टर रजत पांडेय की अगुवाई में हुई इस औचक कार्रवाई से दवा व्यवसायियों में हड़कंप मच गया है।
आईजीआरएस (IGRS) पर मिली शिकायत के बाद हुआ एक्शन
दरअसल, औषधि विभाग को लगातार आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से शिकायतें मिल रही थीं कि कुंवर सिंह डिग्री कॉलेज के पास स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर सरकारी नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा है। केंद्र पर प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के तहत मिलने वाली सस्ती दवाओं के अलावा अन्य जेनेरिक और कमर्शियल (ब्रांडेड) दवाईयां भी बेची जा रही थीं, जो कि पूरी तरह से गैर-कानूनी है।
दुकान से बरामद हुईं 28 प्रकार की अवैध दवाएं
गुप्त सूचना और शिकायतों के आधार पर ड्रग इंस्पेक्टर रजत पांडेय ने अपनी टीम के साथ दुकान पर अचानक छापा मारा। सघन जांच के दौरान दुकान से लगभग 28 प्रकार की ऐसी जेनेरिक दवाइयां बरामद की गईं, जो जन औषधि केंद्र के नियमों के तहत दुकान में रखने या बेचने के लिए अनुमन्य नहीं हैं। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन सभी 28 तरह की दवाओं को सीज कर अपनी अभिरक्षा में ले लिया है और संचालक से दवाओं के क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड मांगा है।
दस्तावेज नहीं दिखा पाया संचालक, रद्द होगा लाइसेंस
ड्रग इंस्पेक्टर के मुताबिक, जन औषधि केंद्र के संचालक ने किसी आपसी समझौते या एग्रीमेंट का हवाला जरूर दिया, लेकिन वह 1 घंटे की लंबी पूछताछ और जांच के बाद भी अधिकारियों के सामने कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। अधिकारियों का साफ कहना है कि यदि संचालक समय रहते सही कागजात और दवाओं के बिल नहीं दिखा पाता है, तो केंद्र का लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ उसके खिलाफ आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
