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बलिया: बांसडीह में न्याय न मिलने से हताश युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ा; पुलिस पर लगाया एफआईआर न दर्ज करने और आरोपियों को बचाने का आरोप


 

हाईलाइट्स:

  • टॉवर पर हाई वोल्टेज ड्रामा: बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के अम्बेडकर चौराहा के पास न्याय न मिलने से क्षुब्ध एक युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ा; आत्महत्या की धमकी का वीडियो वायरल।
  • अपनों पर ही चोरी का आरोप: युवक का दावा— २० जून को सगे परिवार वालों ने घर में घुसकर १५,५०० रुपये नकद और ग्राइंडर चुराया, सबूत भी किए नष्ट।
  • प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार: तहसील से लेकर एसपी दफ्तर तक चक्कर काटने के बाद भी सुनवाई न होने पर उठाया आत्मघाती कदम; पुलिस पर लगाया मामले को दबाने का संगीन आरोप।

बांसडीह/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत बांसडीह कोतवाली क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। स्थानीय अम्बेडकर चौराहा (तिराहा) के समीप एक पीड़ित युवक न्याय न मिलने और पुलिस की कथित उदासीनता से तंग आकर एक ऊंचे मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। युवक द्वारा टॉवर के शीर्ष पर चढ़कर आत्महत्या करने की धमकी देने और नीचे पर्चियां उड़ाने का एक लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने स्थानीय पुलिस प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है। घटना के बाद से पूरे इलाके और महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

अपनों ने ही घर में डाला डाका, सबूत भी किए नष्ट

​सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में टॉवर पर चढ़ा युवक रो-रोकर अपनी आपबीती सुनाता नजर आ रहा है। युवक का विधिक आरोप है कि बीते २० जून २०२६ को उसके अपने ही परिवार के कुछ सदस्यों ने दिनदहाड़े उसके सूने घर में घुसकर विधिक रूप से जमा किए गए १५,५०० रुपये नकद और एक कीमती ग्राइंडर मशीन समेत कई अन्य आवश्यक सामानों की चोरी कर ली। पीड़ित का दावा है कि उसके पास इस पूरी चोरी के पुख्ता और अकाट्य सबूत भी मौजूद थे, लेकिन आरोपी पक्ष ने डरा-धमकाकर उन विधिक साक्ष्यों को भी पूरी तरह से नष्ट कर दिया।

"तहसील से एसपी कार्यालय तक भटका, कहीं नहीं हुई सुनवाई"

​पीड़ित युवक ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर बेहद गंभीर और विधिक सवाल खड़े किए हैं। उसने आरोप लगाया कि घटना के तुरंत बाद उसने बांसडीह कोतवाली को लिखित तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज करना तो दूर, उसे टरका दिया। इसके बाद वह न्याय की गुहार लगाने के लिए तहसील स्तर से लेकर पुलिस के उच्चाधिकारियों की चौखट तक भटका।

​युवक ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया, "मैं जब पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय बलिया गया, तो वहां से मुझे दोबारा जांच के लिए बांसडीह थाना भेज दिया गया। लेकिन स्थानीय पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने के बजाय मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया और आरोपी पक्ष को खुला विधिक संरक्षण देने का प्रयास किया।"

प्रशासन को दी खुली चेतावनी, इलाके में मचा हड़कंप

​टॉवर पर चढ़ा युवक मानसिक रूप से काफी हताश और हताश दिखाई दे रहा है। उसने वीडियो के माध्यम से स्थानीय शासन और जिला प्रशासन को खुली विधिक चेतावनी दी है कि यदि इस गतिरोध के दौरान उसके साथ कोई भी अप्रिय घटना या अनहोनी होती है, तो इसके सीधे जिम्मेदार स्थानीय पुलिस और जिले के आला प्रशासनिक अधिकारी होंगे।

​पीड़ित ने बताया कि पुलिसिया प्रताड़ना और उदासीनता के कारण यह दूसरी बार है जब उसे न्याय पाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने के लिए विवश होना पड़ा है। खबर लिखे जाने तक स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर युवक को समझाने-बुझाने और सुरक्षित नीचे उतारने के विधिक प्रयासों में जुटी हुई थी।

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