हाईलाइट्स:
- अवैध नर्सिंग होम पर एक्शन: गड़वार थाना क्षेत्र के रतसड़ बाजार में ग्रामीण बैंक के पास बिना पंजीकरण और बिना डिग्री धारकों द्वारा संचालित अवैध केंद्र को प्रशासन ने किया सील।
- लापरवाही ने ली जान: सरदासपुर गांव की निवासी २५ वर्षीय निर्मला देवी की प्रसव के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत; चांदमुनी दाई नामक महिला करा रही थी प्रसव।
- दोषियों पर कसा शिकंजा: मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) और जिलाधिकारी (DM) के निर्देश पर शव का कराया गया पोस्टमार्टम; रिपोर्ट आने के बाद दर्ज होगी विधिक एफआईआर।
रतसड़/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत ग्रामीण अंचलों में बिना पंजीकरण और बिना योग्य डॉक्टरों के धड़ल्ले से संचालित हो रहे अवैध निजी अस्पतालों व प्रसूति केंद्रों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। गड़वार थाना क्षेत्र के रतसड़ बाजार में एक ऐसे ही अवैध प्रसूति केंद्र पर प्रसव (डिलीवरी) के दौरान एक २५ वर्षीय प्रसूता महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में दर्दनाक मौत हो गई। इस गंभीर विधिक मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कड़े निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध केंद्र को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है, जिससे क्षेत्र के झोलाछाप डॉक्टरों और फर्जी अस्पताल संचालकों में भारी हड़कंप मच गया है।
चांदमुनी दाई करा रही थी प्रसव, अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम
अधिकारिक विधिक विवरण साझा करते हुए अपर सीएमओ (ACMO) डॉ. पद्मावती गौतम ने बताया कि रतसड़ बाजार में ग्रामीण बैंक के पास स्थित एक बिना नाम और बिना लाइसेंस वाले मकान में लंबे समय से अवैध रूप से डिलीवरी कराने का धंधा चल रहा था। बीते कल दिन में सरदासपुर गांव की निवासी निर्मला देवी (उम्र २५ वर्ष) को प्रसव पीड़ा होने पर वहां भर्ती कराया गया था, जहां चांदमुनी दाई नामक एक महिला द्वारा प्रसव कराया गया। प्रसव के समय बच्चा पूरी तरह से जीवित और सुरक्षित पैदा हुआ, लेकिन विधिक मानकों की अनदेखी और उचित चिकित्सकीय सुविधा न होने के कारण प्रसव के कुछ ही देर बाद महिला को तेज चक्कर आने लगे और उसकी हालत अत्यंत नाजुक हो गई। आनन-फानन में एम्बुलेंस की मदद से पीड़ित महिला को जिला महिला अस्पताल बलिया ले जाया गया, जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने परीक्षण के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया।
अवैध रूप से चल रहा था प्रसूति केंद्र, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी FIR
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य महकमे और जिला प्रशासन में खलबली मच गई। अपर सीएमओ डॉ. पद्मावती गौतम के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने रतसड़ बाजार स्थित उक्त अवैध केंद्र का सघन भौतिक व विधिक निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि इस केंद्र का स्वास्थ्य विभाग में कोई पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) नहीं था और न ही वहां कोई डिग्री धारक डॉक्टर या कुशल स्टाफ मौजूद था। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे परिसर को विधिक रूप से सील कर दिया।
अपर सीएमओ ने स्पष्ट किया, "मृतक महिला के शव का पंचनामा भरकर विधिक रूप से पोस्टमार्टम (Post-mortem) कराया गया है। पोस्टमार्टम की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद प्रसूता की मौत के वास्तविक कारणों का पता चलेगा, जिसके तुरंत बाद दोषी दाई और अवैध केंद्र संचालक के खिलाफ सुसंगत विधिक धाराओं में नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कराकर जेल भेजने की कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
सुरक्षित नवजात को बिना जांच घर भेजने पर भी बैठी जांच
मृतक निर्मला देवी के परिजनों के अनुसार यह उनका दूसरा बच्चा था। मां की ममता से महरूम हो चुके इस नवजात बच्चे की स्थिति फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित बताई जा रही है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की टीम इस विधिक बिंदु पर भी गंभीरता से आंतरिक जांच कर रही है कि प्रसूता की संदिग्ध मौत हो जाने के बाद भी, नवजात बच्चे को बिना किसी उच्च स्तरीय बाल रोग विशेषज्ञ (Pediatrician) के परीक्षण और विधिक औपचारिकता के सीधे घर कैसे भेज दिया गया? स्वास्थ्य विभाग की इस त्वरित और आक्रामक कार्रवाई से गड़वार और रतसड़ अंचल में अवैध रूप से क्लीनिक व मेडिकल स्टोर की आड़ में प्रसव केंद्र चलाने वाले तत्वों में डर का माहौल व्याप्त है।
