हाईलाइट्स:
- कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी विरोध: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी बलिया ने कलेक्ट्रेट पर दिया धरना; जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को भेजा पत्र।
- भ्रष्टाचार पर मौन क्यों? कांग्रेस नेताओं का भाजपा सरकार पर तीखा हमला— "करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र राम मंदिर में हुए घोटाले पर सरकार ने साध रखी है मौन स्वीकृति।"
- आर-पार की लड़ाई का ऐलान: वरिष्ठ नेताओं ने कहा— "जब तक दोषियों के खिलाफ विधिक एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं हो जाती, कांग्रेस पार्टी चैन से नहीं बैठेगी।"
बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के विशेष आह्वान पर बुधवार २४ जून २०२६ को जिला कांग्रेस कमेटी बलिया के तत्वावधान में कलेक्ट्रेट परिसर में एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। अयोध्या के भव्य राम मंदिर में हुए कथित भारी घोटाले एवं चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर स्थानीय जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बरती जा रही उदासीनता के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी विधिक व राजनीतिक आक्रोश देखने को मिला। इसी महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर बलिया कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी (DM) के माध्यम से उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक विधिक मांग-पत्र प्रेषित किया।
"भाजपा राज में भ्रष्टाचार पर जांच नहीं होती" — कांग्रेस
ज्ञापन सौंपते हुए जिला कांग्रेस कमेटी बलिया के वरिष्ठ नेताओं ने संयुक्त रूप से केंद्र और राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस नेताओं ने कहा, "जब से देश और प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है, तब से भ्रष्टाचार इनके यहां कोई जांच का विषय ही नहीं रह गया है। आज तो हद ही हो गई है; देश-विदेश के करोड़ों सनातनी हिंदुओं की अटूट आस्था से जुड़े हुए पवित्र राम मंदिर में वर्षों से हो रहे कथित घोटाले और विधिक अनियमिताओं को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मूक और मौन स्वीकृति दी जा रही है। इसे कांग्रेस पार्टी और देश की न्यायप्रिय जनता कभी बर्दाश्त नहीं कर सकती।"
दोषियों पर एफआईआर दर्ज होने तक जारी रहेगा सड़क पर संघर्ष
कांग्रेस पदाधिकारियों ने हुंकार भरते हुए साफ शब्दों में कहा कि आस्था की आड़ में किए जा रहे इस महापाप के दोषियों को सजा दिलाने के लिए कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से सड़क पर उतरने को तैयार है। जब तक इस पूरे कथित घोटाले के मुख्य साजिशकर्ताओं और चोरों पर विधिक रूप से नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं हो जाती और निष्पक्ष न्यायिक जांच शुरू नहीं होती, तब तक कांग्रेस पार्टी चैन से नहीं बैठेगी और इस जन-आंदोलन को गांव-गांव तक ले जाएगी।
इस महत्वपूर्ण विधिक विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के पावन अवसर पर मुख्य रूप से बलिया कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सत्य प्रकाश मुन्ना उपाध्याय, ओम प्रकाश तिवारी, महिला नेत्री उषा सिंह, महाप्रसाद चौबे, अबुल फैज़, शशिकांत मिश्रा, मदन यादव, हृदयानंद पाण्डेय, अमरनाथ राम, वंशबहादुर भारती, हीरा राम, विनोद सिंह, राजेंद्र प्रसाद, शाहिद अली खान, संग्राम तिवारी, राहुल चौबे और भृगुनाथ पाल सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस जन, युवा और छात्र कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
