हाईलाइट्स:
- माटी से जुड़ाव: द्वाबा की माटी के लाल और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने भोजपुरी में किया लाखों श्रद्धालुओं का अभिवादन।
- एयरपोर्ट से लौटे ओम बिरला: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी बलिया कथा में होने वाले थे शामिल; ऐन वक्त पर जरूरी काम आने से दिल्ली लौटना पड़ा।
- संस्कृति की महाशक्ति: कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय बोले— शिव के प्रति यह अटूट आस्था ही भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की जीवंत शक्ति है।
बांसडीह रोड/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत दिउली स्थित बाबा बालखंडी नाथ धाम में चल रही भव्य श्री शिवमहापुराण महाकथा के सातवें दिन श्रद्धा और वीवीआईपी मेहमानों का अद्भुत संगम देखने को मिला। सूबे के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के संयोजन में आयोजित इस महायज्ञ में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने जैसे ही मंच संभाला, उन्होंने अपनी मातृभाषा भोजपुरी में जनता से सीधा संवाद कर लाखों श्रद्धालुओं का दिल जीत लिया। इस दौरान मंच से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कार्यक्रम में न आ पाने की वजह का भी खुलासा हुआ, वहीं कद्दावर नेताओं ने बलिया की इस पावन धरती को नमन किया।
"रउआ सबके प्रणाम"... बलिया की विभूतियों को उपसभापति ने किया नमन
कथा पंडाल में उमड़े जनसैलाब को संबोधित करते हुए राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने मंच से कहा, "रउआ सबके प्रणाम। बलिया में अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मुखारविंद से शिवमहापुराण कथा सुनल बहुत बड़ा सौभाग्य बा। एह पावन आयोजन खातिर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह साधुवाद के पात्र बाड़ें।"
उन्होंने आगे कहा कि मैं बलिया के अंतिम गांव जयप्रकाश नगर (सिताबदियारा) का निवासी हूं और यह जनपद बागी संतों और क्रांतिकारियों की समृद्ध परंपरा की जन्मस्थली रहा है। चित्तू पांडेय, मंगल पांडेय, लोकनायक जयप्रकाश नारायण और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जैसे मनीषियों ने इसी माटी को गौरवान्वित किया है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे द्वाबा के मालवीय कहे जाने वाले बाबू मैनेजर सिंह जैसे महान शख्सियत के भांजे हैं और यह बेहद सुखद संयोग है कि बाबू मैनेजर सिंह की बहन व मंत्री की माताजी तेतरी देवी भी आज इस पंडाल में साक्षात मौजूद हैं।
एयरपोर्ट तक आ गए थे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला
हरिवंश नारायण सिंह ने पंडाल में मौजूद लाखों श्रद्धालुओं से एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि देश की संसद के लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी बाबा बालखंडी नाथ धाम की इस पावन कथा में शामिल होने के लिए पूरी तरह उत्सुक थे। वे दिल्ली से उड़ान भरकर एयरपोर्ट तक पहुंच भी चुके थे, लेकिन ऐन वक्त पर देश हित और संसद से जुड़े कुछ बेहद अपरिहार्य व आवश्यक कार्य आ जाने के कारण उन्हें भारी मन से वापस दिल्ली लौटना पड़ा।
शिव के प्रति आस्था ही सनातन की जीवंत शक्ति: मनोज पांडेय
समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार के खाद्य एवं रसद कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने कहा कि कथा स्थल पर उमड़ा यह जनसैलाब और भगवान शिव के प्रति लोगों की यह अटूट आस्था ही भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की असली ताकत है। बाबा बालखंडी नाथ धाम में आयोजित यह शिवमहापुराण कथा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह समूचे पूर्वांचल में सामाजिक और सांस्कृतिक जागरण का एक बड़ा माध्यम बन चुकी है।
हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा द्वाबा क्षेत्र
पूरे कार्यक्रम के दौरान पूरा कथा पंडाल 'हर-हर महादेव' और 'एक लोटा जल-समस्या का हल' के गगनभेदी जयघोष से लगातार गूंजता रहा। मुख्य आयोजक व परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने आए हुए सभी विशिष्ट अतिथियों और संतों का आभार व्यक्त करते हुए भावुक मन से कहा कि बाबा भोलेनाथ इस महायज्ञ में आए हर एक श्रद्धालु की झोली खुशियों से भरें और सबकी मनोकामनाएं पूरी करें।
इस ऐतिहासिक सातवें दिन की कथा के दौरान सूबे के आयुष व जिला प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र 'दयालु', पूर्व मंत्री नारद राय, जितेंद्र राव, सोनू सिंह सहित भारी संख्या में सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के पदाधिकारी, सेवादार और लाखों शिवभक्त मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
