हाईलाइट्स:
- पुलिस की बड़ी कामयाबी: मऊ की कोतवाली नगर पुलिस ने सर्विलांस और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर बरामद किए 16 कीमती स्मार्टफोन।
- चेहरों पर लौटी मुस्कान: रविवार को पुलिस कार्यालय में बुलाकर खोए हुए मोबाइल स्वामियों को सौंपे गए उनके फोन; कुल कीमत ₹3,08,656।
- प्रशांत का फोन सबसे महंगा: बरामद किए गए फोनों में सबसे कीमती रेडमी नोट 12 प्रो स्मार्टफोन है, जिसकी कीमत लगभग 33 हजार रुपये है।
मऊ/उत्तर प्रदेश (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद की कोतवाली नगर पुलिस के लिए रविवार का दिन 'संडे रिकवरी दिन' साबित हुआ। पुलिस टीम ने आधुनिक तकनीक और भारत सरकार के केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (CEIR) पोर्टल का बेहतरीन उपयोग करते हुए विभिन्न स्थानों से गुम हुए 16 कीमती मोबाइल फोन बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है। बरामद किए गए इन सभी फोनों की कुल अनुमानित कीमत 3 लाख 8 हजार 656 रुपये आंकी गई है। रविवार को विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी फोन उनके असली मालिकों को सौंप दिए गए, जिसके बाद मोबाइल स्वामियों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
कप्तान के निर्देश और सीओ सिटी के नेतृत्व में मिली सफलता
पुलिस अधीक्षक (SP) कमलेश बहादुर एवं अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) अनूप कुमार के कुशल दिशा-निर्देशन में जिले में अपराध नियंत्रण और गुमशुदा संपत्तियों की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में क्षेत्राधिकारी नगर (CO City) क्रिश राजपूत के कुशल नेतृत्व में कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक प्रमेन्द्र कुमार सिंह और उनकी सर्विलांस व पुलिस टीम ने कड़ा परिश्रम कर इन मोबाइलों को ट्रेस किया।
अभिषेक शाही, प्रशांत शुक्ला, मोहम्मद रेहान, संजय मद्धेशिया समेत 16 पीड़ितों ने अलग-अलग तारीखों में अपने मोबाइल फोन खोने की गुमशुदगी कोतवाली में दर्ज कराई थी। पुलिस ने पारंपरिक मुखबिरी और तकनीकी विश्लेषण (CEIR Portal) की मदद से विवो, रेडमी, सैमसंग, रियलमी, ओपो, मोटोरोला और इनफिनिक्स जैसी नामचीन कंपनियों के हैंडसेट बरामद किए। इनमें मऊ निवासी प्रशांत शुक्ला का रेडमी नोट 12 प्रो सबसे महंगा फोन है, जिसकी कीमत ₹32,999 है।
मऊ पुलिस की जनता से विशेष अपील
मोबाइल सौंपने के दौरान पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी भी नागरिक का मोबाइल फोन कहीं गिर जाता है या गुम हो जाता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। इसकी शिकायत तुरंत भारत सरकार के अधिकृत CEIR पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज कराएं या फिर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सूचना दें। शिकायत दर्ज करते समय मोबाइल का आईएमईआई (IMEI) नंबर और जरूरी दस्तावेज जरूर सबमिट करें, जिससे फोन को जल्द से जल्द ब्लॉक और ट्रेस किया जा सके। फोन वापस पाकर सभी पीड़ितों ने मऊ पुलिस की कार्यप्रणाली की खुले दिल से सराहना की और धन्यवाद ज्ञापित किया।
