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बलिया: नसीरपुर कलां स्वास्थ्य केंद्र पर गहराया भारी जल संकट, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे मरीज और स्वास्थ्य कर्मी, सीएमओ से शिकायत

 

हाईलाइट्स:

  • भीषण गर्मी में आफत: नसीरपुर कलां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) में लंबे समय से पानी की घोर किल्लत।
  • बढ़ीं मुश्किलें: पेयजल और व्यवस्था न होने से गर्भवती महिलाएं, मरीज और ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी बेहाल।
  • संक्रमण का खतरा: पानी के अभाव में अस्पताल परिसर की साफ-सफाई ठप; अधिवक्ता राघवेंद्र शर्मा ने सीएमओ बलिया को पत्र लिख की नए बोरिंग की मांग।

बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। जिले के नसीरपुर कलां स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) में पिछले लंबे समय से पानी की घोर किल्लत बनी हुई है। अस्पताल परिसर में पानी की कोई मुकम्मल व्यवस्था न होने के कारण यहां इलाज कराने आ रहे क्षेत्र के मरीजों, तीमारदारों, गर्भवती महिलाओं और दिन-रात ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को इस चिलचिलाती गर्मी में भारी दिक्कतों और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।

साफ-सफाई के अभाव में अस्पताल में संक्रमण फैलने का डर

​अस्पताल परिसर में पानी का संकट इस कदर गहरा गया है कि वार्डों और ओपीडी परिसर की नियमित साफ-सफाई करना पूरी तरह नामुमकिन हो गया है। स्थानीय निवासी और वरिष्ठ अधिवक्ता राघवेंद्र जी शर्मा ने इस गंभीर समस्या को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) बलिया को एक लिखित शिकायत पत्र भेजा है। उन्होंने 'टुडे९ उत्तरप्रदेश' को बताया कि अस्पताल में न तो मरीजों के पीने के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था है और न ही शौचालयों व साफ-सफाई के लिए पानी उपलब्ध है। ऐसे में अस्पताल आने वाले मरीजों में इलाज की जगह गंदगी के कारण अन्य संक्रामक बीमारियां फैलने का बड़ा खतरा बना हुआ है।

अधिवक्ता की प्रशासन से मांग: तुरंत सुधारा जाए हैंडपंप या हो सबमर्सिबल बोरिंग

​अधिवक्ता राघवेंद्र जी शर्मा ने जनहित का हवाला देते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तुरंत ठोस कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में मांग की है कि:

  • ​स्वास्थ्य केंद्र परिसर में वर्षों से खराब पड़े पुराने हैंडपंप की तुरंत मरम्मत कराई जाए।
  • ​यदि पुराना हैंडपंप ठीक होने की स्थिति में नहीं है, तो तत्काल वहां नया सरकारी हैंडपंप स्थापित किया जाए।
  • ​अस्पताल की दीर्घकालिक आवश्यकता को देखते हुए परिसर में सबमर्सिबल बोरिंग कराकर पानी की टंकी की व्यवस्था की जाए।

​उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को चेताया है कि यदि जल्द ही इस बुनियादी समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो मरीजों और स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश भड़क सकता है। अब देखना यह है कि बलिया का स्वास्थ्य महकमा इस गंभीर और संवेदनशील जनसमस्या पर कब तक संज्ञान लेता है और नसीरपुर कलां के इस आयुष्मान आरोग्य मंदिर को पानी के संकट से कब तक मुक्ति मिलती है।

विशेष रिपोर्ट: शशि कुमार (टुडे९ उत्तरप्रदेश)


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