हाईलाइट्स:
- ऐतिहासिक निर्णय: ट्रिपल तलाक की दंश झेल रहीं पीड़ित मुस्लिम महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ेगी उत्तर प्रदेश की योगी सरकार।
- मिलेगी छत और सेहत: पीड़ितों को प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास योजना से मिलेगा पक्का घर और मुफ्त इलाज के लिए बनेगा आयुष्मान कार्ड।
- दानिश आजाद अंसारी की पहल: अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री के विशेष प्रयासों के बाद प्रदेश सरकार ने तैयार की ठोस नीति; आत्मनिर्भर बनाने पर जोर।
लखनऊ (टुडे९ उत्तरप्रदेश): केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा ट्रिपल तलाक जैसी सामाजिक कुप्रथा के खिलाफ लाए गए ऐतिहासिक कानून के बाद अब उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। योगी सरकार ने ट्रिपल तलाक से पीड़ित मुस्लिम महिलाओं के जीवन को आर्थिक और सामाजिक रूप से सुरक्षित, सम्मानित और सुदृढ़ बनाने के लिए एक अभूतपूर्व नीतिगत निर्णय लिया है।
प्रदेश सरकार अब ऐसी पीड़ित महिलाओं को सिर छिपाने के लिए पक्का आवास (घर) और बीमारी की स्थिति में सुरक्षा देने के लिए आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त स्वास्थ्य कवच प्रदान करने जा रही है।
अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी की पहल लाई रंग
उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण एवं मुस्लिम वक्फ विभाग के राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने इस विजन को धरातल पर उतारने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। अल्पसंख्यक समाज की महिलाओं के उत्थान और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत, मंत्री दानिश आजाद ने इन पीड़ित महिलाओं की जमीनी समस्याओं को संवेदनशीलता से समझा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष पैरवी कर इन महिलाओं को सीधे सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए ठोस नीति पर काम शुरू करवाया, जिसके सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखने लगे हैं।
योगी सरकार की इस नई योजना के प्रमुख बिंदु:
- पक्के आवास की सुविधा: प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) या मुख्यमंत्री आवास योजना के माध्यम से उन पीड़ित महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर पक्का घर मुहैया कराया जाएगा, जिनके पास रहने की कोई उचित व्यवस्था नहीं है।
- ₹5 लाख का आयुष्मान कार्ड: आयुष्मान भारत योजना के तहत इन पीड़ित महिलाओं का विशेष कार्ड बनाया जाएगा, जिससे उन्हें प्रतिवर्ष 5,00000 रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। इससे उन्हें गंभीर बीमारी की स्थिति में किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना पड़ेगा।
- कौशल विकास और आत्मनिर्भरता: सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक मदद देना नहीं है, बल्कि इन महिलाओं को विभिन्न सरकारी कौशल विकास योजनाओं (Skill Development) से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना भी है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
पीड़ित मुस्लिम महिलाओं को मिला समाज में सिर उठाकर जीने का संबल
योगी सरकार की इस कल्याणकारी पहल का उद्देश्य समाज में कानूनी लड़ाई लड़कर अकेली पड़ी और हाशिए पर खड़ी महिलाओं को एक सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है। ट्रिपल तलाक की मानसिक और सामाजिक पीड़ा से गुजरने वाली महिलाओं के लिए सरकार का यह कदम न केवल एक बड़ी वित्तीय राहत है, बल्कि उन्हें समाज में स्वाभिमान के साथ जीने का नया संबल भी देगा।
इस बड़े फैसले के बाद से ही विभिन्न सामाजिक संगठनों, महिला अधिकार कार्यकर्ताओं और स्वयं पीड़ित महिलाओं द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी के इस संवेदनशीलता से भरे प्रयास की चौतरफा सराहना की जा रही है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' के मूल मंत्र के साथ उत्तर प्रदेश की मुस्लिम बहनें अब विकास और तरक्की की एक नई इबारत लिखेंगी।
