हाईलाइट्स:
• जांच के लिए आवेदन: मनियर टुकड़ा नंबर 2 गांव में विपक्षी खेमे द्वारा वर्तमान ग्राम प्रधान पर विकास कार्यों में घोटाले का आरोप लगा अधिकारियों को सौंपा गया पत्र।
• प्रधान प्रतिनिधि का करारा जवाब: जवाहर राजभर ने आरोपों को सिरे से नकारा; कहा— आजादी के बाद गांव में हुआ है सबसे ऐतिहासिक और ईमानदार काम।
• जांच की खुली चुनौती: "पुरानी रंजिश में किया जा रहा है परेशान, जांच अधिकारी किसी भी वक्त आकर धरातल पर देख लें हकीकत।"
मनियर/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत मनियर ब्लॉक के ग्राम पंचायत मनियर टुकड़ा नंबर 2 से एक बड़ी राजनीतिक और विकास से जुड़ी खबर सामने आ रही है। गांव में वर्तमान ग्राम प्रधान द्वारा कराए गए विकास कार्यों की जांच को लेकर विपक्षी दल द्वारा अधिकारियों को एक शिकायती आवेदन दिया गया है, जिसमें बड़े पैमाने पर घोटाले का आरोप लगाया गया है। इस शिकायती पत्र के बाद गांव का सियासी पारा चढ़ गया है। वहीं, इन आरोपों पर वर्तमान प्रधान प्रतिनिधि जवाहर राजभर ने तीखा पलटवार करते हुए सभी आरोपों को पूरी तरह मनगढ़ंत और बेबुनियाद करार दिया है।
आजादी के बाद गांव में हुआ सबसे ऐतिहासिक विकास: जवाहर राजभर
जब इस पूरे विवाद और घोटाले के आरोपों के संबंध में 'टुडे९ उत्तरप्रदेश' की टीम ने वर्तमान प्रधान प्रतिनिधि जवाहर राजभर से सीधा सवाल किया, तो उन्होंने बेहद बेबाकी से अपनी बात रखी। जवाहर राजभर ने कहा, "विपक्षियों द्वारा हमारे ऊपर जो भी आरोप लगाए गए हैं, वे पूरी तरह से आधारहीन और राजनीति से प्रेरित हैं। हमारे गांव की सम्मानित जनता गवाह है कि हमने अपने मौजूदा कार्यकाल में वह ऐतिहासिक काम करके दिखाया है, जो आजादी के बाद से लेकर आज तक इस गांव में कभी नहीं हुआ था।"
उन्होंने आगे कहा कि सरकार द्वारा ग्राम पंचायत के विकास के लिए जो भी धनराशि आवंटित की गई, उसका एक-एक रुपया पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ गांव की गलियों, नालियों और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में खर्च किया गया है।
पुरानी दुश्मनी निकालने के लिए रची जा रही साजिश, जांच का स्वागत
प्रधान प्रतिनिधि ने विरोधियों पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि यह शिकायत गांव के विकास को देखकर नहीं, बल्कि पुरानी चुनावी और व्यक्तिगत रंजिश निकालने के उद्देश्य से की गई है। विपक्ष केवल हमें मानसिक रूप से परेशान करने की साजिश रच रहा है।
जवाहर राजभर ने जांच अधिकारियों को खुली चुनौती देते हुए कहा, "जांच अधिकारी किसी भी दिन, किसी भी वक्त गांव में आएं और खुली जांच कर लें, हमें इसमें कोई आपत्ति नहीं है। कागजों पर आरोप लगाना आसान है, लेकिन जब अधिकारी धरातल पर उतरेंगे, तो उन्हें हमारे द्वारा कराया गया सारा विकास कार्य साक्षात दिखाई देगा।
