हाईलाइट्स:
- ऑन-ड्यूटी टीम पर हमला: सदर तहसील के सहेड़ी गांव में तालाब खुदाई और नाली निर्माण कराने पहुंची राजस्व और पुलिस टीम पर ग्रामीणों का पथराव।
- लेखपाल गंभीर रूप से घायल: दबंग युवक के हमले में लेखपाल अनिल प्रजापति का सिर फूटा; लहूलुहान हालत में राजकीय मेडिकल कॉलेज में कराया गया भर्ती।
- प्रशासन का कड़ा रुख: गाजीपुर के जिलाधिकारी (DM) अनुपम शुक्ला ने घटना का लिया विधिक संज्ञान; आरोपी के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई के दिए निर्देश।
गाजीपुर (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद अंतर्गत सदर तहसील क्षेत्र से कानून-व्यवस्था और राजकीय सेवकों की सुरक्षा को चुनौती देने वाली एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ सहेड़ी गांव में सरकारी भूमि पर विकास कार्य कराने गई राजस्व विभाग की संयुक्त टीम पर एक युवक ने ईंट-पत्थर से जानलेवा हमला बोल दिया। इस हिंसक हमले में ऑन-ड्यूटी लेखपाल गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने इस विधिक गतिरोध को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ रासुका (NSA) सहित सुसंगत धाराओं में कठोरतम कानूनी कार्रवाई करने का विधिक आदेश जारी किया है।
तालाब खुदाई और नाली निर्माण के दौरान हुआ पथराव
प्राप्त विधिक और जमीनी विवरण के अनुसार, गुरुवार २५ जून २०२६ को सदर तहसील की राजस्व टीम, स्थानीय पुलिस बल और पंचायती राज विभाग के कर्मियों के साथ सहेड़ी गांव पहुंची थी। टीम का मुख्य विधिक उद्देश्य गांव में जनहित के लिए चिन्हित सरकारी तालाब की खुदाई और नाली निर्माण कार्य को निर्बाध रूप से संपन्न कराना था। कार्य शुरू होते ही गांव के ही एक अराजक और दबंग युवक ने इस विधिक प्रक्रिया का विरोध करना शुरू कर दिया और अचानक पूरी टीम पर ईंट-पत्थरों से हमला बोल दिया।
लेखपाल अनिल प्रजापति का सिर फूटा, मेडिकल कॉलेज में इलाज जारी
दबंग युवक द्वारा अचानक किए गए इस पथराव में राजस्व टीम में शामिल लेखपाल अनिल प्रजापति सीधे तौर पर निशाने पर आ गए। एक भारी ईंट उनके सिर पर जा लगी, जिससे उनका सिर फट गया और अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और विभागीय सहयोगियों ने आनन-फानन में स्थिति को नियंत्रित किया और लहूलुहान लेखपाल को तुरंत इलाज के लिए गाजीपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका विधिक उपचार किया जा रहा है।
राजकीय कार्य में बाधा और जानलेवा हमले पर सख्त कार्रवाई: डीएम अनुपम शुक्ला
इस दुस्साहसिक वारदात की सूचना मिलते ही जिला प्रशासनिक अमले और लेखपाल संघ में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। गाजीपुर के जिलाधिकारी (DM) अनुपम शुक्ला ने घटना की पुष्टि करते हुए सख्त लहजे में कहा कि राजकीय कार्य में व्यवधान डालना और लोक सेवकों पर हमला करना एक अक्षम्य विधिक अपराध है। उन्होंने पुलिस कप्तान को निर्देशित किया है कि आरोपी युवक के खिलाफ संबंधित थाने में जानलेवा हमले (धारा ३०७/सुसंगत विधिक धाराएं) और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज कर उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि ऐसे अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
