हाईलाइट्स:
- फर्जीवाड़े का पर्दाफाश: खागा कस्बे की कीमती जमीन के फर्जी दस्तावेज और कूटरचित अभिलेख तैयार कर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का तीसरा मुख्य आरोपी गिरफ्तार।
- कौशांबी में हुई घेराबंदी: एसपी अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में वरिष्ठ उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार यादव व टीम ने आरटीओ कार्यालय के पास से दबोचा।
- ऐसे रचा था पूरा षड्यंत्र: साथी को असली भू-स्वामी 'योगेन्द्र दत्त त्रिपाठी' बनाकर कराया था अवैध बैनामा; दो साथी ४ अप्रैल को ही जा चुके हैं जेल।
खागा/फतेहपुर (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद अंतर्गत खागा थाना पुलिस को जमीन के फर्जी बैनामे और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने इस पूरे विधिक जालसाजी के मुख्य मास्टरमाइंड व वांछित आरोपी को पड़ोसी जनपद कौशांबी से विधिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए शातिर आरोपी ने पुलिसिया पूछताछ में पूरे विधिक षड्यंत्र का खुलासा करते हुए अपना जुर्म कबूल कर लिया है, जिसके बाद पुलिस ने रविवार को उसे माननीय न्यायालय में पेश कर विधिक जेल भेज दिया।
कौशांबी के आरटीओ कार्यालय के पास से हुई विधिक गिरफ्तारी
प्राप्त विधिक व आधिकारिक विवरण के अनुसार, फतेहपुर पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिमन्यु मांगलिक के कुशल निर्देशन में अपराधियों और वांछितों के विरुद्ध चलाए जा रहे विधिक अभियान के तहत खागा थाना पुलिस को मुखबिर के जरिए पुख्ता सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर वरिष्ठ उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार यादव और उपनिरीक्षक प्रमेश यादव ने पुलिस टीम के साथ त्वरित विधिक दबिश देकर मुकदमा संख्या ८४/२०२६ में वांछित चल रहे अभियुक्त रवि कुमार, पुत्र कंचनलाल (निवासी शिशु मंदिर कॉलोनी भरवारी, थाना कोखराज, जनपद कौशांबी) को कौशांबी के मंझनपुर थाना अंतर्गत आरटीओ कार्यालय के पास ग्राम कोर्रई से घेराबंदी कर दबोच लिया।
असली भू-स्वामी बनाकर रची थी विधिक जालसाजी की पूरी कहानी
खागा थाना पुलिस की विधिक पूछताछ में मास्टरमाइंड रवि कुमार ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर खागा कस्बे में स्थित एक कीमती भूमि को हड़पने का पूरा ताना-बाना बुना था। उसने अपने शातिर साथी हीरालाल को असली भू-स्वामी योगेन्द्र दत्त त्रिपाठी के रूप में पेश किया और उसके फर्जी व कूटरचित पहचान पत्र तैयार कराए। इसी फर्जी आधार पर जमीन का पहला बैनामा अपने दूसरे साथी संजय कुमार के नाम करा दिया। इसके बाद विधिक पेचीदगियों से बचने के लिए करीब २५ दिन बाद उसी जमीन का दोबारा बैनामा संजय कुमार के जरिए अपने खुद के नाम पर ट्रांसफर करवा लिया।
गिरोह के दो शातिर सदस्य पहले ही जा चुके हैं जेल, अन्य कड़ियों की जांच जारी
खागा थाना पुलिस ने टुडे९ उत्तरप्रदेश को विधिक जानकारी देते हुए बताया कि इस बड़े जमीन घोटाले और फर्जीवाड़ा मामले में पुलिस पहले ही त्वरित विधिक कार्रवाई कर चुकी है। बीते ४ अप्रैल २०२६ को ही गिरोह के सदस्य संजय कुमार और विवेचना के दौरान मुख्य रूप से प्रकाश में आए फर्जी भू-स्वामी बने हीरालाल को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा जा चुका है। अब गिरोह के मुख्य सूत्रधार और तीसरे आरोपी रवि कुमार की इस विधिक गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस रैकेट के अन्य विधिक पहलुओं, राजस्व कर्मियों की संलिप्तता और गिरोह से जुड़े अन्य संपर्कों की गहराई से विधिक जांच कर रही है।
रिपोर्ट :- अजहर उद्दीन, टुडे९ उत्तरप्रदेश, फतेहपुर
