हाईलाइट्स:
- आपदा प्रबंधन: थाना औंग क्षेत्र के बिंदकी फार्म गांव में संभावित बाढ़ विभीषिका से निपटने के लिए हुआ व्यापक मॉक ड्रिल।
- राहत व बचाव: काल्पनिक स्थिति बनाकर खाद्यान्न वितरण, चिकित्सा सहायता और भवन ध्वस्तीकरण में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का हुआ सफल अभ्यास।
- अफसरों के निर्देश: जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने विभिन्न विभागों को दिए त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई के निर्देश।
औंग/फतेहपुर (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद में संभावित बाढ़ और आगामी मानसून की विभीषिका से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। आपदा के समय जन-धन की हानि को न्यूनतम करने और प्रशासनिक तंत्र को चुस्त-दुरुस्त रखने के उद्देश्य से थाना औंग क्षेत्र के बिंदकी फार्म गांव में एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स एवं पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने खुद मौके पर उपस्थित रहकर समस्त व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बाढ़ की काल्पनिक स्थिति बनाकर किया गया लाइव रेस्क्यू ऑपरेशन
आयोजित मॉक ड्रिल के दौरान एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से बाढ़ की एक काल्पनिक स्थिति (सिम्युलेटेड सिचुएशन) तैयार की गई थी। इसके बाद जलभराव और बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने के लिए लाइव रेस्क्यू ऑपरेशन का प्रदर्शन हुआ। अभ्यास के दौरान राहत शिविरों (रिलीफ कैंप) का कुशल संचालन, प्रभावितों के बीच खाद्यान्न व राशन किट का सुचारू वितरण, त्वरित चिकित्सा सहायता और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था का सघन अभ्यास कराया गया।
भवन मलबे से सुरक्षित निकालने और प्राथमिक उपचार का सफल प्रदर्शन
इस मॉक ड्रिल का एक और अहम हिस्सा भवन ध्वस्तीकरण की स्थिति से जुड़ा था। यदि बाढ़ या भारी बारिश के चलते कोई मकान ढह जाता है, तो मलबे में फंसे लोगों को बिना चोट पहुंचाए अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से सुरक्षित बाहर कैसे निकाला जाए, इसका सफल प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही रेस्क्यू किए गए लोगों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) देने और एम्बुलेंस के माध्यम से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को बेहद सधे हुए अंदाज में दोहराया गया।
आपदा के समय 'त्वरित एक्शन' ही सबसे बड़ा हथियार: जिलाधिकारी
विभिन्न विभागों की तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने कहा कि इस तरह के सघन अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा की वास्तविक स्थिति में विभिन्न सरकारी महकमों के बीच त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा:
"आपदा कभी बताकर नहीं आती, इसलिए हमारा प्रशासनिक तंत्र पहले से इतना सक्षम और चौकन्ना होना चाहिए कि कम से कम समय में ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सके।"
इन विभागों ने लिया हिस्सा:
इस वृहद मॉक ड्रिल और अभ्यास कार्यक्रम में जिला राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन दल (फायर ब्रिगेड), स्थानीय पुलिस बल एवं आपदा प्रबंधन विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों और जवानों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। उच्चाधिकारियों ने सभी विभागों की तत्परता पर संतोष व्यक्त किया।

