हाईलाइट्स:
- ऐतिहासिक फैसला: जिला एवं सत्र न्यायालय बलिया ने हत्या के सनसनीखेज मामले में चारों आरोपियों को ठहराया दोषी, भेजा उम्रकैद पर जेल।
- बड़ा जुर्माना: कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर लगाया कुल 1.25 लाख रुपये (सवा लाख) का अर्थदंड, जुर्माना न देने पर भुगतनी होगी अतिरिक्त सजा।
- ऑपरेशन कन्विक्शन सफल: एसपी ओमवीर सिंह के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन शाखा की प्रभावी पैरवी से वर्ष 2025 के मुकदमे में आया फैसला।
नरही/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा माफियाओं, अपराधियों और संगीन वारदातों को अंजाम देने वाले शातिरों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत बलिया पुलिस को एक और बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस और अभियोजन पक्ष की कोर्ट में की गई बेहद प्रभावी व मजबूत पैरवी के चलते जिला सत्र न्यायालय बलिया ने हत्या के एक सनसनीखेज मामले में चारों मुख्य आरोपियों को दोषी करार देते हुए 'आजीवन कारावास' (उम्रकैद) की कठोर सजा सुनाई है।
क्या था नरही थाना क्षेत्र का यह पूरा मामला?
यह पूरा मामला बलिया जिले के नरही थाना क्षेत्र का है, जहां वर्ष 2025 में आरोपियों ने एक बड़ी घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने वादी की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1)/3(5), 109/3(5), और 352 के तहत एक सनसनीखेज मुकदमा दर्ज किया था। यह हत्याकांड इलाके में काफी लंबे समय तक चर्चा और आक्रोश का विषय बना रहा था।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) ओमवीर सिंह के कड़े निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल और कोर्ट अभियोजन शाखा ने इस पूरे केस को 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के अंतर्गत शामिल किया। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, गवाहों और ठोस सबूतों को बेहद कम समय में माननीय अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया।
इन चार शातिर दोषियों को जज ने भेजा जेल:
जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलिया ने आज खचाखच भरी अदालत में अपना ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाते हुए नरही क्षेत्र के इन चारों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई:
- बिट्टू यादव पुत्र लल्लन यादव
- शिवम राय उर्फ करिया पुत्र उमेश राय
- प्रियांशु राय पुत्र पवन राय
- रूद्रेश राय उर्फ शिवम राय पुत्र लल्लू राय (नोट: ये सभी दोषी नरही थाना क्षेत्र के ही रहने वाले हैं।)
अदालत द्वारा सुनाया गया पूरा सजा और जुर्माने का गणित:
माननीय न्यायाधीश ने चारों दोषियों पर रहम न दिखाते हुए आर्थिक रूप से भी भारी जुर्माना लगाया है:
- धारा 103 (1)/ 3(5) BNS के तहत: चारों दोषियों को आजीवन कारावास और 75-75 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। यदि दोषी इस जुर्माने की राशि को जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें 3 वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
- धारा 109/3(5) BNS के तहत: दोषियों को पुनः आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना न देने की स्थिति में 2 वर्ष का अतिरिक्त कारावास अलग से भुगतान करना होगा।
इस प्रकार न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर कुल मिलाकर 1,25,000 रुपये (सवा लाख रुपये) का भारी-भरकम अर्थदंड लगाया है। कोर्ट के इस कड़े और ऐतिहासिक फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने न्याय व्यवस्था और बलिया पुलिस के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है, वहीं नरही क्षेत्र के अपराधियों में खौफ का माहौल है।
