Type Here to Get Search Results !

Recent in Sports

Subscribe Us

राम मंदिर चोरी मामले पर यूपी में सियासत तेज: सपा नेता अवलेश सिंह ने उठाई बड़ी मांग, SIT नहीं CBI और ED से कराई जाए जांच


 

हाईलाइट्स:

  • सपा का सरकार पर हमला: समाजवादी पार्टी के नेता अवलेश सिंह ने राम मंदिर चोरी मामले की मौजूदा जांच प्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल।
  • CBI और ED की मांग: केवल एसआईटी (SIT) जांच को नाकाफी बताते हुए केंद्रीय एजेंसियों और रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच कराने की पैरवी।
  • दोहरे रवैये का आरोप: सपा नेता का तंज— छोटे मामलों में तुरंत सक्रिय होने वाली ED-CBI को इतने बड़े मामले से क्यों रखा जा रहा है दूर?

उत्तर प्रदेश (टुडे९ उत्तरप्रदेश): राम मंदिर में हुई चोरी के संवेदनशील मामले में जांच की गति के साथ-साथ अब उत्तर प्रदेश का सियासी पारा भी पूरी तरह से गरमा गया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) ने सरकार की घेराबंदी तेज कर दी है। सपा के वरिष्ठ नेता अवलेश सिंह ने मौजूदा जांच प्रक्रिया पर गहरे सवाल खड़े करते हुए इस मामले में बेहद उच्च स्तरीय और केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने की एक बड़ी मांग रख दी है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

SIT जांच पर्याप्त नहीं, रिटायर्ड जज और साधु-संतों की बने कमेटी: अवलेश सिंह

​सपा नेता अवलेश सिंह ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि राम मंदिर सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि देश-विदेश के करोड़ों सनातनी और रामभक्तों की अटूट आस्था का सर्वोच्च केंद्र है। ऐसे संवेदनशील और बड़े मामले में केवल स्थानीय स्तर पर एसआईटी (SIT) बनाकर जांच का ढिंढोरा पीटना कहीं से भी पर्याप्त नहीं है।

​उन्होंने निष्पक्षता पर जोर देते हुए मांग रखी कि:

  • ​इस पूरे मामले की कमान तत्काल सीबीआई (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी देश की सर्वोच्च केंद्रीय एजेंसियों को सौंपी जानी चाहिए।
  • ​जांच की पूरी प्रक्रिया माननीय रिटायर्ड जज की निगरानी (Supervision) में होनी चाहिए।
  • ​पूरे घटनाक्रम और पारदर्शी जांच के लिए देश के प्रतिष्ठित साधु-संतों की एक विशेष कमेटी का गठन किया जाए, तभी सच सामने आ पाएगा।

छोटे मामलों में सक्रिय होने वाली ED और CBI अब दूर क्यों?

​सपा नेता ने सूबे और केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर दोहरा रवैया अपनाने का सीधा आरोप मढ़ा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज देश में विपक्ष के नेताओं या किसी छोटे-मोटे मामलों में ED और CBI जैसी एजेंसियां चौबीस घंटे के भीतर सक्रिय हो जाती हैं और तुरंत छापेमारी शुरू कर देती हैं। लेकिन जब बात करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े इतने बड़े परिसर और राम मंदिर जैसे पावन स्थल की सुरक्षा व चोरी की आती है, तो आखिर किन कारणों से इन केंद्रीय एजेंसियों को इस पूरे मामले से जानबूझकर दूर रखा जा रहा है?

आस्था के केंद्र पर संदेह की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए

​अवलेश सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि राम मंदिर के नाम पर राजनीति करने वाली सरकार को अब जांच में किसी भी तरह की ढिलाई या संदेह की गुंजाइश नहीं छोड़नी चाहिए। भक्तों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि सुरक्षा में सेंधमारी कहां हुई और इसके पीछे कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं। सपा नेता के इस तीखे और तल्ख बयान के बाद उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलकों में बहस और ज्यादा तेज हो गई है, वहीं सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर जुबानी जंग और तीखी होने के आसार बन गए हैं।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

LIVE
JobsBhaiya India's Trusted Job Portal
✓ Sarkari Jobs ✓ Private Jobs ✓ Admit Card ✓ Results
Visit Now

Below Post Ad

खबर एवं विज्ञापन लगवाने के लिए संपर्क करें 7275144706 पर। या हमें ई मेल करें today9uttarpradesh@gmail.com पर।