हाईलाइट्स:
- शर्मनाक वाकया: सीयर शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय तारनपुर में पढ़ाई की जगह सजी बार-बालाओं की महफिल।
- निजी जागीर की तरह इस्तेमाल: स्कूल प्रांगण में भव्य स्टेज और साउंड सिस्टम लगाकर रातभर उड़ाई गई नियमों की धज्जियां।
- विभाग का एक्शन: वीडियो वायरल होने के बाद जागे बीएसए मनीष कुमार सिंह; प्रधानाध्यापक ने थाने में दी तहरीर, जांच शुरू।
सीयर/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद आपत्तिजनक तस्वीर सामने आई है। जिस विद्यालय को कल तक बच्चों के भविष्य निर्माण और ज्ञान का पवित्र केंद्र माना जाता था, वहां रात के अंधेरे में ज्ञान की जगह अश्लीलता और फूहड़पन ने ले ली। सीयर शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय तारनपुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्कूल परिसर के भीतर बार-बालाओं के अश्लील ठुमके लगते दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
स्कूल प्रांगण में बना दिया 'डांस बार', बजते रहे फूहड़ गाने
वायरल हो रहे वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि सरकारी विद्यालय के प्रांगण को किसी निजी जागीर की तरह इस्तेमाल किया गया। स्कूल की मुख्य इमारत के ठीक सामने एक भव्य स्टेज सजाया गया था और बड़े-बड़े साउंड सिस्टम (डीजे) लगाए गए थे। किसी शादी या निजी समारोह के नाम पर रातभर अश्लील और फूहड़ गानों पर डांसरों के ठुमके चलते रहे। यह तस्वीरें चीख-चीखकर गवाही दे रही हैं कि शिक्षा के मंदिर की मर्यादा को किस कदर तार-तार किया गया है।
अनुमति नहीं ली गई थी, प्रधानाध्यापक ने थाने में दी तहरीर: बीएसए
मामला सोशल मीडिया पर तूल पकड़ने और ग्रामीणों के आक्रोश के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) बलिया, मनीष कुमार सिंह ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। बीएसए ने बताया, "यह गंभीर मामला हमारे संज्ञान में आया है। संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) से इसकी तत्काल जांच कराई गई है, जिसमें यह स्पष्ट हुआ है कि इस तरह के अश्लील आयोजन के लिए विभाग से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। सरकारी स्कूल परिसर में ऐसे किसी भी गैर-शैक्षणिक और फूहड़ कार्यक्रम की अनुमति कभी नहीं दी जा सकती।"
बीएसए मनीष कुमार सिंह ने आगे बताया कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक की ओर से स्थानीय थाने में इस कृत्य के खिलाफ लिखित तहरीर दे दी गई है और पुलिस ने सख्त विधिक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
अभिभावकों में भारी आक्रोश, कार्रवाई पर टिकी नजरें
भले ही शिक्षा विभाग और स्थानीय पुलिस अब कार्रवाई का दावा कर रहे हैं, लेकिन ग्रामीण और बच्चों के अभिभावक इस घटना से बेहद आहत और आक्रोशित हैं। लोगों का सीधा सवाल है कि आखिर बिना स्कूल स्टाफ या स्थानीय साठगांठ के एक सरकारी स्कूल का ताला और परिसर इतनी आसानी से रात के अंधेरे में कैसे खुल गया? अब देखना यह होगा कि प्रशासन केवल तहरीर देकर मामले से पल्ला झाड़ लेता है या फिर शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाले इन रसूखदारों पर कोई ऐसी कठोर कार्रवाई की जाएगी जो नजीर बन सके।
