हाईलाइट्स:
- प्रधानमंत्री को स्पीड पोस्ट: छपरा-आनंद विहार टर्मिनल सुपरफास्ट एक्सप्रेस (१२५२७/१२५२८) के रसड़ा ठहराव को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी को भेजा गया विधिक ज्ञापन।
- यात्रियों की भारी परेशानी: ठहराव न होने से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को बलिया या मऊ जाने की मजबूरी; समय और धन दोनों की हो रही विधिक हानि।
- व्यापारिक और शैक्षणिक केंद्र: रसड़ा से रोजाना दिल्ली जाने वाले हजारों व्यापारियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को ठहराव से मिलेगा सीधा विधिक लाभ।
रसड़ा/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत रसड़ा क्षेत्र के रेल यात्रियों और आम नागरिकों ने अपनी वर्षों पुरानी जायज मांग को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद की है। छपरा–आनंद विहार टर्मिनल सुपरफास्ट एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या: १२५२७/१२५२८) का रसड़ा रेलवे स्टेशन पर विधिक ठहराव (स्टॉपेज) सुनिश्चित कराने की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन स्पीड पोस्ट के माध्यम से प्रेषित किया है। ज्ञापन में जनभावनाओं का हवाला देते हुए कहा गया है कि लंबे समय से क्षेत्र की जनता इस महत्वपूर्ण ट्रेन के ठहराव की मांग कर रही है, लेकिन अब तक रेल मंत्रालय द्वारा इस दिशा में कोई सकारात्मक विधिक निर्णय नहीं लिया गया है।
मऊ और बलिया दौड़ने को मजबूर हैं रसड़ा के रेल यात्री
प्रधानमंत्री को भेजे गए विधिक ज्ञापन में प्रबुद्ध नागरिकों ने अवगत कराया है कि रसड़ा, बलिया जनपद का सबसे प्रमुख व्यापारिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक केंद्र है। यहाँ से प्रतिदिन बड़ी संख्या में मेधावी विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग, बड़े व्यापारी तथा आम नागरिक देश की राजधानी दिल्ली सहित अन्य प्रमुख शहरों की यात्रा करते हैं। इस महत्वपूर्ण सुपरफास्ट ट्रेन का ठहराव रसड़ा में न होने के कारण स्थानीय यात्रियों को विवश होकर मऊ, बलिया या अन्य दूरस्थ रेलवे स्टेशनों तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। इससे यात्रियों को न केवल भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी उठानी पड़ती है, बल्कि उनके समय और धन दोनों की भी विधिक क्षति होती है।
लाखों यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ, व्यापार को मिलेगी नई गति
क्षेत्रवासियों का विधिक तर्क है कि यदि केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय जनहित को ध्यान में रखते हुए छपरा–आनंद विहार टर्मिनल सुपरफास्ट एक्सप्रेस का रसड़ा रेलवे स्टेशन पर दो मिनट का भी ठहराव प्रदान कर देता है, तो इससे रसड़ा सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों के लाखों यात्रियों को सीधा विधिक लाभ मिलेगा। इसके साथ ही, राजधानी दिल्ली से सीधा जुड़ाव होने के कारण क्षेत्र के स्थानीय व्यापार, लघु उद्योगों, उच्च शिक्षा और समग्र क्षेत्रीय विकास को भी एक नई और सकारात्मक गति मिल सकेगी।
जनभावनाओं का सम्मान करे रेल मंत्रालय: विश्वजीत जायसवाल
इस विधिक मुहिम की अगुवाई करने वाले और ज्ञापन भेजने वाले स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक विश्वजीत जायसवाल ने टुडे९ उत्तरप्रदेश को बताया कि यह मांग किसी एक व्यक्ति या विशेष वर्ग की नहीं है, बल्कि पूरे रसड़ा क्षेत्र के रेल यात्रियों और आम नागरिकों की वर्षों पुरानी सामूहिक मांग है। उन्होंने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार एवं रेल मंत्रालय इस गंभीर जनसमस्या का संज्ञान लेते हुए जनभावनाओं का सम्मान करेंगे और शीघ्र ही इस दिशा में कोई सकारात्मक विधिक आदेश जारी कर क्षेत्र की जनता को बड़ी सौगात देंगे।
रिपोर्ट :- सुमित गुप्ता, टुडे९ उत्तरप्रदेश, रसड़ा (बलिया)
