हाईलाइट्स:
- एसपी का सख्त एक्शन: गो-तस्करी नेटवर्क के खुलासे के बाद मिलीभगत के आरोप में एसपी ओमवीर सिंह ने ६ पुलिसकर्मियों को किया तत्काल प्रभाव से निलंबित।
- विभाग में मचा हड़कंप: कोतवाली थाने के ३ और दुबहर थाने के ३ पुलिसकर्मी कार्रवाई की जद में; विभागीय जांच के आदेश।
- क्या था पूरा मामला: १० दिन पहले फेफना पुलिस और एसओजी टीम ने अलावलपुर चट्टी के पास से २६ गोवंशीय पशुओं और ६ वाहनों के साथ गो-तस्करों को पकड़ा था।
बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में खाकी की साख पर बट्टा लगाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ एसपी ओमवीर सिंह ने शनिवार को एक अत्यंत सख्त और दंडात्मक विधिक कार्रवाई की है। गो-तस्करों के साथ मिलीभगत और सांठगांठ के गंभीर आरोपों में घिरे छह पुलिसकर्मियों को एसपी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के साथ ही सभी निलंबित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय जांच भी बिठा दी गई है, जिससे महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
निलंबित पुलिसकर्मियों की सूची
एसपी द्वारा की गई इस विधिक कार्रवाई में जो पुलिसकर्मी निलंबित किए गए हैं, उनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
- कोतवाली थाना: मुकेश कुमार, रिंकू गुप्ता और अमन सिंह।
- दुबहर थाना: मनोज कुमार, दिनेश विश्वकर्मा और आलोक।
गो-तस्करी के खुलासे में सामने आया था मिलीभगत का खेल
उल्लेखनीय है कि लगभग १० दिन पूर्व फेफना पुलिस और एसओजी (SOG) टीम ने एक बड़े गो-तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया था। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अलावलपुर चट्टी से वयना-सागरपाली मार्ग की ओर ६ वाहन तेजी से जा रहे हैं, जिनमें गोवंशीय पशुओं की तस्करी की जा रही है। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर इन वाहनों को पकड़ा था, जिनमें १७ गाय और ९ बछड़ा-बछिया सहित कुल २६ गोवंशीय पशु बरामद हुए थे। इस मामले में पुलिस ने शनि अंसारी (बयासी, थाना दुबहड़), रिकीत कुमार उर्फ रितिक (कोट अजोरपुर, थाना नरही) सहित एक बाल अपचारी को हिरासत में लिया था।
पूछताछ में खुला राज, पुलिसकर्मियों के उड़े होश
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों से जब गहन पूछताछ की गई, तो उन्होंने तस्करी में लिप्त पुलिसकर्मियों के नामों का विधिक खुलासा किया। आरोपियों ने बताया कि उक्त निलंबित पुलिसकर्मी तस्करी के इस खेल में उनकी मदद कर रहे थे। इस विधिक खुलासे को एसपी ओमवीर सिंह ने बेहद गंभीरता से लिया और जांच के बाद उक्त ६ हेडकांस्टेबल व कांस्टेबल को तत्काल निलंबित कर दिया। एसपी के इस सख्त रुख ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि अपराधियों को संरक्षण देने वाले किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा।
रिपोर्ट :-रोहित सिंह टुडे९ उत्तरप्रदेश ब्यूरो, बलिया
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