हाईलाइट्स:
- पुश्तैनी घर पर डाका: फेफना थाना क्षेत्र के एकवारी गांव में पीड़ित परिवार ढाई महीने से अपने ही घर से बेघर; दबंगों ने जबरन डाला डेरा।
- खौफ के साए में बेटियां: लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमले के बाद पीड़ित परिवार की महिलाएं कड़कती धूप में छत पर शरण लेने को विवश; खाना-पानी भी बंद।
- पुलिस की सुस्ती पर सवाल: सोशल मीडिया पर उपद्रव का वीडियो वायरल होने और लिखित विधिक शिकायत के बाद भी फेफना पुलिस अनभिज्ञ; थाना प्रभारी ने घटना से किया इनकार।
फेफना/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत फेफना थाना क्षेत्र के एकवारी गांव से कानून-व्यवस्था और पुलिसिया जनसुनवाई को ठेंगा दिखाने वाली एक बेहद हैरान और विचलित कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक पीड़ित यादव परिवार पिछले लगभग ढाई महीनों से अपने ही पुश्तैनी घर से बेघर होकर विधिक न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। आरोप है कि मृतक चाचा-चाची की दो दूर की महिला रिश्तेदारों ने स्थानीय रसूखदार दबंगों के साथ साठगांठ कर पीड़ित के पैतृक मकान पर जबरन अवैध कब्जा कर लिया है। बुधवार २४ जून २०२६ को इस विवाद ने तब हिंसक रूप ले लिया जब दबंगों ने खुलेआम पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
चाचा-चाची के निधन के बाद विधिक वारिसों को खदेड़ा
पूरी घटना का विधिक विवरण साझा करते हुए पीड़ित रामकेवल यादव ने बताया कि उनके सगे चाचा और चाची का कुछ समय पूर्व निधन हो गया था। चूंकि उनकी कोई संतान नहीं थी, इसलिए हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार मुखाग्नि, अंतिम संस्कार और सभी विधिक व धार्मिक अनुष्ठान रामकेवल के परिवार ने ही संपन्न किए थे। इसके बाद राजस्व विभाग की विधिक प्रक्रिया के तहत उक्त भूमि और मकान पर रामकेवल यादव के परिवार का नाम भी वरासत के तौर पर दर्ज हो चुका है।
लेकिन चाचा की मौत की सूचना पाकर उनकी ससुराल पक्ष से दो महिलाएं कुछ दबंगों के साथ एकवारी गांव पहुंचीं और मकान पर विधिक कागजातों को ताक पर रखकर अवैध रूप से अपना अधिकार जमा लिया। पीड़ित का कहना है कि वे महिलाएं तब से जाने का नाम नहीं ले रही हैं और घर को हथियाने का कुचक्र रच रही हैं।
लाठी-डंडों से हमला, चिलचिलाती धूप में छत पर बैठीं महिलाएं
बुधवार को यह विवाद तब और ज्यादा खौफनाक हो गया जब दबंगों ने लाठी-डंडों, धारदार हथियारों और ईंट-पत्थरों से लैस होकर पीड़ित रामकेवल यादव के परिवार पर जानलेवा हमला बोल दिया। इस हिंसक तांडव और दहशत के कारण पीड़ित परिवार की महिलाएं अपनी जान बचाने के लिए सुबह से ही कड़कती और झुलसाती धूप में घर की छत पर शरण लेने को मजबूर हैं। पीड़ित परिवार का विधिक व अमानवीय आरोप है कि दबंगों ने नीचे से उनका रास्ता पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है, जिससे उन्हें न तो खाना मिल पा रहा है और न ही पीने के लिए पानी मिल रहा है।
प्रशासन की बेरुखी और वायरल वीडियो पर थाना प्रभारी का अजीब बयान
पीड़ित रामकेवल यादव ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने इस अराजकता की विधिक शिकायत स्थानीय थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय बलिया तक दर्ज कराई, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हद तो तब हो गई जब २४ जून को हुई भारी पत्थरबाजी की लाइव सूचना देने के बाद भी फेफना पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। इस पूरे उपद्रव और पत्थरबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें दबंग सरेआम कानून की धज्जियां उड़ाते दिख रहे हैं।
जब इस संबंध में टुडे९ उत्तरप्रदेश की टीम ने फेफना थाना प्रभारी से उनके आधिकारिक सीयूजी (CUG) नंबर पर दूरभाष के माध्यम से विधिक पक्ष जानना चाहा, तो उनका अजीब बयान सामने आया। उन्होंने कहा, "हमें मौके पर ऐसी किसी बड़ी हिंसक घटना की सूचना नहीं है। हमारे पास बस यही जानकारी है कि एक मकान है जिसमें दो औरतें घुसी हुई हैं। वो अपना मालिकाना हक बता रही हैं और दूसरा पक्ष अपना बता रहा है, बस यही मैटर है।" थाना प्रभारी ने क्षेत्र में किसी भी तरह की घटना होने से साफ इनकार कर दिया।
फिलहाल, पीड़ित परिवार ने शासन, मुख्यमंत्री पोर्टल और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी विधिक वरासत की रक्षा की जाए और दबंगों के चंगुल से उनके मकान को मुक्त कराकर महिलाओं को सुरक्षा प्रदान की जाए। अब देखना यह है कि इस वायरल वीडियो के बाद बलिया पुलिस के आला अधिकारी कब विधिक संज्ञान लेते हैं।
