हाईलाइट्स:
• 8 दिनों से ठप आंदोलन: दुबहर क्षेत्र के कछुआ खास गांव में अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर डटे हैं किसान, महिलाएं और छात्र।
• जनप्रतिनिधियों पर निशाना: आंदोलनकारियों ने स्थानीय विधायक व सूबे के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की चुप्पी पर उठाए गंभीर सवाल।
• सपा का खुला समर्थन: समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गिरि ने जारी की प्रेस विज्ञप्ति; मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान।
दुबहर/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत दुबहर क्षेत्र के कछुआ खास गांव में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के बीच ग्रामीणों का आक्रोश सातवें आसमान पर है। एक्सप्रेसवे पर अंडरपास (Underpass) निर्माण की जायज मांग को लेकर स्थानीय ग्रामीणों, किसानों, महिलाओं और छात्रों का अनिश्चितकालीन आंदोलन सोमवार को लगातार आठवें दिन भी पूरी ताकत के साथ जारी रहा। इस लोकतांत्रिक आंदोलन को कछुआ खास सहित आसपास के दर्जन भर गांवों के लोगों का व्यापक और पुरजोर समर्थन मिल रहा है।
अंडरपास नहीं बना तो कट जाएगा हजारों की आबादी का संपर्क
कथा स्थल और आंदोलन स्थल पर डटे ग्रामीणों का साफ कहना है कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के कारण उनके पारंपरिक रास्ते बंद हो रहे हैं। यदि कछुआ खास गांव के पास अंडरपास का निर्माण नहीं कराया गया, तो क्षेत्र के हजारों लोगों, स्कूली बच्चों और किसानों को रोजमर्रा के आवागमन में बेहद गंभीर और जानलेवा समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। आठ दिन बीत जाने के बाद भी अब तक जिला प्रशासन या कार्यदायी संस्था एनएचएआई (NHAI) द्वारा समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस पहल न किए जाने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से आंदोलनकारियों ने पूछे सीधे सवाल
समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गिरि द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आंदोलनकारियों ने इस गंभीर जनसमस्या को लेकर बलिया नगर विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार के कद्दावर परिवहन मंत्री श्री दयाशंकर सिंह जी की कार्यप्रणाली पर सीधा निशाना साधा है। आंदोलनकारियों ने तीखे सवाल पूछते हुए कहा कि:
• कछुआ खास और आसपास के गांवों की इस बेहद संवेदनशील और गंभीर समस्या के समाधान के लिए मंत्री जी ने अब तक शासन स्तर पर क्या प्रयास किए हैं?
• क्षेत्र की जनता यह भली-भांति जानना चाहती है कि उनकी सुरक्षा, कृषि और सुविधा से जुड़े इस बेहद महत्वपूर्ण जमीनी मुद्दे पर उनके चुने हुए जनप्रतिनिधियों की अब तक क्या भूमिका रही है।
सुरक्षित आवागमन हमारा अधिकार; मांग पूरी होने तक नहीं हटेंगे पीछे
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा कि वे सरकार से किसी विशेष वीआईपी सुविधा या रियायत की भीख नहीं मांग रहे हैं, बल्कि वे भारतीय संविधान द्वारा दिए गए सुरक्षित आवागमन के अपने बुनियादी अधिकार की मांग कर रहे हैं। अंडरपास का निर्माण इस पूरे द्वाबा क्षेत्र की अनिवार्य आवश्यकता है, जिससे भविष्य में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं से भी बचाव हो सकेगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक शासन, प्रशासन और संबंधित विभाग उनकी मांगों पर लिखित व सकारात्मक निर्णय नहीं लेता, तब तक उनका यह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।
