हाईलाइट्स:
- घर का भेदी: खेजुरी थाना क्षेत्र में 6 जून को हुई नकाबपोशों की लूट का मास्टरमाइंड कोई बाहरी नहीं, बल्कि सगी भाभी निकली।
- पारिवारिक कलह की सनक: बड़ी भाभी अमीना खातून ने अपने सगे भाइयों के साथ मिलकर घर में ही डलवाया था डाका।
- बरामदगी: स्वाट, सर्विलांस और खेजुरी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में भाभी और भाई गिरफ्तार; लूटे गए जेवर और ₹7,000 नगद बरामद।
खेजुरी/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद की स्वाट, सर्विलांस और खेजुरी थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए बीते दिनों हुई एक सनसनीखेज लूट की वारदात का ऐसा चौंकाने वाला खुलासा किया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया। इस लूट के तार किसी बाहरी पेशेवर अपराधी गिरोह से नहीं, बल्कि घर के भीतर ही मौजूद एक सदस्य से जुड़े निकले। पुलिस ने इस पूरे मामले की मुख्य साजिशकर्ता (मास्टरमाइंड) सगी भाभी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
क्या थी 6 जून की कथित लूट की घटना?
बीते 6 जून को थाना खेजुरी में पीड़ित (वादी) ने एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि रात के समय अज्ञात नकाबपोश बदमाश उनके घर में जबरन घुस आए। बदमाशों ने घर में मौजूद वादी की पत्नी और भाभी को असलहे व जान से मारने की धमकी देकर डराया-धमकाया और घर में रखे सोने-चांदी के कीमती जेवर व नगदी लूट ली। इतना ही नहीं, शातिर अपराधियों ने लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद पूरे परिवार को कमरे में बंधक बनाकर घर का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और मौके से फरार हो गए। इस सनसनीखेज वारदात के बाद ग्रामीण इलाके में भारी हड़कंप मच गया था।
सीसीटीवी और मोबाइल सीडीआर ने खोला भाभी का 'क्राइम'
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बलिया के निर्देश पर स्वाट, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की तीन विशेष टीमें गठित की गई थीं। पुलिस टीमों ने जब इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से वैज्ञानिक विश्लेषण किया, तो जांच की सुई घर के अंदर ही घूम गई। जैसे-जैसे कड़ियां जुड़ीं, पुलिस के पैरों तले जमीन खिसक गई। पता चला कि यह लूट बाहरी बदमाशों ने नहीं की थी, बल्कि वादी की सगी बड़ी भाभी अमीना खातून ने अपने मायके के भाइयों के साथ मिलकर यह पूरा ड्रामा रचा था।
पूछताछ में कबूला जुर्म— "घरवालों को सबक सिखाने के लिए रची साजिश"
पुलिस की गिरफ्त में आते ही मुख्य आरोपी भाभी अमीना खातून टूट गई और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि घर में चल रहे आपसी पारिवारिक कलह और मनमुटाव के चलते वह बहुत परेशान थी। इसी वजह से उसने अपने सगे भाइयों— समीम और इरशाद के साथ मिलकर लूट की यह पूरी झूठी कहानी और ड्रामा स्क्रिप्ट तैयार किया, ताकि ससुराल वालों को आर्थिक चोट पहुंचाकर सबक सिखाया जा सके।
आरोपी भाई-भाभी गिरफ्तार, लूटा गया माल बरामद
संयुक्त पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य अभियुक्त अमीना खातून और उसके भाई समीम को धर दबोचा। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर लूटा गया मंगलसूत्र, पीली धातु (सोने) का लॉकेट, वारदात में इस्तेमाल और तोड़ी गई कीपैड मोबाइल और ₹7,000 नगद बरामद कर लिए हैं। पुलिस ने इस मामले में पूर्व में दर्ज मुकदमे की धाराओं के साथ-साथ साक्ष्य छुपाने और साजिश रचने की अन्य संबंधित धाराओं में वृद्धि कर दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। वहीं, इस साजिश में शामिल गिरोह के तीसरे सदस्य और दूसरे भाई इरशाद की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
