हाईलाइट्स:
• डीएम का हंटर: जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने विकास भवन में समीक्षा बैठक के दौरान दिखाई कड़ाई; लापरवाह अफसरों की लगाई क्लास।
• चकबंदी में बड़ी कार्रवाई: 5 से 10 साल पुराने मुकदमों के निस्तारण में सुस्ती पर जिले के सभी चकबंदी अधिकारियों (CO) को शो-कॉज नोटिस।
• राजस्व वसूली पर गिली गाज: नगर पालिका बलिया के ईओ, बिजली विभाग के चारों एक्सईएन और मंडी समितियों के जिम्मेदारों को नोटिस और स्पष्टीकरण।
बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में शासन की मंशानुसार विकास और न्याय व्यवस्था को गति देने के लिए जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह पूरी तरह से कड़े और आक्रामक रुख में नजर आ रहे हैं। शुक्रवार को विकास भवन सभागार में आयोजित दो अलग-अलग महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकों के दौरान जिलाधिकारी का हंटर लापरवाह अधिकारियों पर जमकर चला। डीएम ने चकबंदी मामलों में बरती जा रही ढिलाई और कर-करेत्तर राजस्व (टैक्स) वसूली के लक्ष्यों को पूरा न करने पर कड़ा संज्ञान लेते हुए जिले के सभी चकबंदी अधिकारियों (सीओ), नगर पालिका बलिया के अधिशासी अधिकारी (ईओ) और विद्युत विभाग के चारों खंडों के अधिशासी अभियंताओं (एक्सईएन) को शो-कॉज (कारण बताओ) नोटिस जारी करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
चकबंदी मामले: 30 गांवों में 10 साल से लंबित मुकदमों पर भड़के डीएम, लगेंगी चौपालें
विकास भवन सभागार में आयोजित चकबंदी विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने पुराने लंबित मुकदमों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि राजस्व और चकबंदी कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
• लंबित मुकदमों की स्थिति: जिले में कुल 37 चकबंदी गांव हैं, जिनमें से 30 गांवों में 10 वर्ष से भी अधिक पुराने मामले धूल फांक रहे हैं।
• कड़ी फटकार और नोटिस: निर्धारित मानकों के अनुरूप मुकदमों का फैसला न होने पर डीएम ने चकबंदी सीओ को कड़ी फटकार लगाई और सभी को शो-कॉज नोटिस थमाने का निर्देश दिया।
• समाधान की नई रणनीति: डीएम ने आदेश दिया कि 5 वर्ष से पुराने मुकदमों की अलग फाइल बनाकर कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही एसीओ और सीओ संबंधित तहसीलों में नियमित बैठकर जनता की समस्याएं सुनेंगे और प्रत्येक गांव में चौपाल लगाकर शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करेंगे।
राजस्व वसूली में लापरवाही: ईओ, एक्सईएन और मंडी चेयरमैन से जवाब तलब
इसके बाद जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कर-करेत्तर राजस्व वसूली की मासिक समीक्षा बैठक हुई। निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष बेहद खराब वसूली पाए जाने पर डीएम ने विभागीय अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, "वसूली बढ़ाएं या कार्रवाई के लिए तैयार रहें।"
• नगर पालिकाओं पर गाज: नगर पालिका परिषद बलिया में राजस्व वसूली में घोर लापरवाही मिलने पर अधिशासी अधिकारी (ईओ) को शो-कॉज नोटिस दिया गया। वहीं नगर पालिका बांसडीह को दो माह के भीतर वसूली सुधारने का अल्टीमेटम मिला।
• विद्युत और मंडी समिति पर एक्शन: बिजली विभाग के चारों खंडों में वसूली असंतोषजनक मिलने पर चारों एक्सईएन (XEN) को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया। इसके अलावा, मंडी समिति बलिया में लापरवाही पर चेयरमैन से स्पष्टीकरण तलब किया गया है, जबकि बेल्थरारोड मंडी सदस्य को चेतावनी नोटिस और रसड़ा मंडी को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
बरसात से पहले नालों की सफाई के सख्त निर्देश
समीक्षा बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने आगामी मानसून और बरसात के मौसम को देखते हुए जनहित में एक और बड़ा निर्देश जारी किया। उन्होंने जिले के सभी उप जिलाधिकारियों (SDM) को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की नगर पालिका परिषदों, नगर पंचायतों और शहरी इलाकों में नालों की मुकम्मल साफ-सफाई समय रहते सुनिश्चित कराएं, ताकि आगामी दिनों में जलभराव (Waterlogging) जैसी गंभीर समस्या से आम जनता को राहत मिल सके।
इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ओजस्वी राज, मुख्य राजस्व अधिकारी (CRO) गुलशन जी, एडीएम अनिल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा सहित समस्त उप जिलाधिकारी और संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

