हाईलाइट्स:
- कप्तान का विधिक हंटर: पुलिस अधीक्षक श्री ओमवीर सिंह के विधिक निर्देश पर अवैध कच्ची शराब माफियाओं के खिलाफ रेवती पुलिस का कड़ा अभियान।
- दुसाध टोली में दबिश: थानाध्यक्ष राजशेखर सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने दी दबिश; करीब २०० लीटर अवैध लहन मौके पर किया विधिक रूप से नष्ट।
- माफिया फरार: अचानक हुई इस विधिक कार्रवाई से अवैध कच्ची शराब के कारोबारियों में मची अफरा-तफरी; घर छोड़कर भागने में सफल रहे वांछित आरोपी।
रेवती/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में अवैध व जहरीली शराब के विधिक कारोबार पर पूर्णतः अंकुश लगाने और अपराधियों की धरपकड़ हेतु जिला पुलिस प्रशासन ने अपनी विधिक कार्रवाई तेज कर दी है। बलिया के यशस्वी पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्री ओमवीर सिंह के सख्त विधिक निर्देशों के अनुपालन में रेवती थाना पुलिस ने शुक्रवार को अवैध कच्ची शराब के निर्माण और बिक्री में संलिप्त माफियाओं के खिलाफ एक बड़ा विधिक छापामार अभियान चलाया। इस विशेष विधिक दबिश के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध लहन और शराब बनाने के विधिक उपकरणों को मौके पर ही नष्ट कर दिया।
लगभग एक दर्जन भट्ठियां विधिक रूप से की गईं ध्वस्त, भारी मात्रा में लहन बरामद
प्राप्त आधिकारिक व विधिक विवरण के अनुसार, रेवती कस्बा व ग्रामीण अंचलों में अवैध शराब के विधिक कारोबार की मिल रही लगातार गुप्त सूचनाओं पर संज्ञान लेते हुए थानाध्यक्ष रेवती श्री राजशेखर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष विधिक पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने शुक्रवार को स्थानीय दुसाध टोली मोहल्ले में अचानक विधिक रूप से चारों तरफ से घेराबंदी करते हुए सुनसान और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। इस विधिक कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जमीन के नीचे और झाड़ियों में छुपाकर रखी गई लगभग २०० लीटर अवैध लहन (शराब बनाने का कच्चा माल) बरामद किया, जिसे विधिक नियमों के तहत मौके पर ही बहाकर नष्ट कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, शराब चुलाने के काम में आ रही लगभग एक दर्जन अवैध भट्ठियों और बर्तनों को भी पुलिस टीम ने विधिक रूप से तोड़कर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
कारोबारियों में मचा हड़कंप, फरार वांछितों की विधिक तलाश में जुटी पुलिस
रेवती पुलिस की इस अचानक और अत्यंत गोपनीय विधिक कार्रवाई से दुसाध टोली क्षेत्र के अवैध शराब कारोबारियों और माफियाओं के विधिक सिंडिकेट में भारी हड़कंप और अफरा-तफरी मच गई। पुलिस बल को आता देख शराब व्यवसायी अपने घरों और ठिकानों को खुला छोड़कर मौके से विधिक रूप से भागने में सफल रहे। हालांकि, सघन तलाशी के बावजूद छापेमारी के दौरान कोई भी मुख्य या वांछित आरोपी तत्काल पुलिस की विधिक कस्टडी में नहीं आ सका। थानाध्यक्ष राजशेखर सिंह ने टुडे९ उत्तरप्रदेश को बताया कि भागे हुए सभी संदिग्धों और वांछित शराब तस्करों की विधिक पहचान सुनिश्चित कर ली गई है। उनके विरुद्ध आबकारी अधिनियम की सुसंगत विधिक धाराओं के तहत कड़ा मुकदमा पंजीकृत कर जल्द ही विधिक रूप से गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
