हाईलाइट्स:
- कलेक्टर का कड़ा रुख: जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने अचानक नगर पालिका परिषद कार्यालय पहुंचकर किया औचक मुआयना; अव्यवस्था देख अधिकारियों के फूले हाथ-पांव।
- १४ कर्मियों पर विधिक गाज: उपस्थिति रजिस्टर की जांच में गायब मिले १४ अधिकारी-कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने का सख्त निर्देश।
- जर्जर संपत्तियों का लेखा-जोखा: कर अनुभाग में फटा मिला संपत्तियों का सरकारी रजिस्टर, बड़े बाबू को फटकार लगाकर दो दिनों में मांगी अद्यतन (अपडेटेड) सूची।
बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में सरकारी कार्यालयों की विधिक कार्यशैली को सुधारने और जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए जिलाधिकारी पूरी तरह से हंटर मोड पर आ गए हैं। बुधवार १ जुलाई २०२६ को जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक नगर पालिका परिषद कार्यालय का सघन औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्ट्रेट स्तर की इस बड़ी छापेमारी से नगर पालिका महकमे में हड़कंप और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। निरीक्षण में भारी विधिक अव्यवस्था, गंदगी, फाइलों के रखरखाव में घोर लापरवाही और बायोमेट्रिक मशीन खराब मिलने पर जिलाधिकारी ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की क्लास लगाते हुए कड़ी विधिक नाराजगी जताई।
कर अनुभाग में जर्जर रजिस्टर देख भड़के डीएम, बड़े बाबू की लगी क्लास
प्राप्त विधिक और आधिकारिक विवरण के अनुसार, जिलाधिकारी ने सबसे पहले नगर पालिका के कर अनुभाग का रुख किया और वहां पालिका की सरकारी संपत्तियों (प्रॉपर्टी) का विधिक रजिस्टर तलब किया। जब संपत्तियों का मुख्य विधिक रजिस्टर अत्यंत जर्जर और फटी हुई अवस्था में मिला, तो डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने संबंधित 'बड़े बाबू' को पटल पर ही कड़ी विधिक फटकार लगाई और कड़े निर्देश दिए कि वर्तमान समय तक की सभी नगर पालिका संपत्तियों की एक डिजिटल व अद्यतन सूची तैयार कर आगामी दो दिनों के भीतर उनके समक्ष विधिक रूप से प्रस्तुत की जाए। इसके बाद उन्होंने कंप्यूटर ऑपरेटर के पटल पर जाकर मृत्यु प्रमाण पत्र (डेथ सर्टिफिकेट) जारी किए जाने की विधिक व तकनीकी प्रक्रिया की गहन समीक्षा की।
१४ कर्मचारी मिले नदारद, कटेगा एक दिन का वेतन; बायोमेट्रिक पर कड़ा विधिक एक्शन
निरीक्षण के दौरान कार्यालय की सबसे बड़ी तकनीकी चूक यह मिली कि वहां कर्मचारियों की विधिक उपस्थिति दर्ज करने वाली बायोमेट्रिक मशीन महीनों से खराब पड़ी थी। इस पर डीएम ने तत्काल संबंधित विधिक अधिकारी को कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज) जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अल्टीमेटम दिया कि एक सप्ताह के भीतर नई बायोमेट्रिक मशीन स्थापित की जाए और सभी कर्मी सुबह आने तथा शाम को जाने से पहले उस पर विधिक उपस्थिति दर्ज करें। जब डीएम ने भौतिक उपस्थिति रजिस्टर को खंगाला, तो चौकाने वाले ढंग से १४ कर्मचारी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। अनुशासनहीनता पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने इन सभी १४ अनुपस्थित कर्मियों का एक दिन का विधिक वेतन काटने का ऑन-स्पॉट आदेश जारी कर दिया।
अगर दफ्तर में गंदगी मिली तो कर्मियों की जेब से कटेगा सफाई का पैसा: डीएम
जिलाधिकारी ने सभी कर्मचारियों को विधिक चेतावनी देते हुए कहा कि कार्यालय की साफ-सफाई और सरकारी अभिलेखों का सुव्यवस्थित रखरखाव उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। उन्होंने एक अनोखा विधिक फरमान सुनाते हुए कहा कि यदि अगले निरीक्षण में कार्यालय के भीतर गंदगी या फाइलों का अंबार मिला, तो संबंधित पटल के कर्मचारियों का वेतन काटकर उसी राशि से निजी सफाईकर्मियों द्वारा दफ्तर की सफाई कराई जाएगी।
शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर पर नाराजगी, शासन को पत्र भेजने की चेतावनी
कार्यालय के बाद जिलाधिकारी ने शहर के मुख्य चौराहों और वार्डों में लगे गंदगी के अंबार पर भी नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) और सफाई निरीक्षकों को आड़े हाथों लिया। शहर में जगह-जगह कूड़ा डंप रहने पर उन्होंने कड़ी विधिक नाराजगी जताते हुए इसे तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए। डीएम ने दो टूक लहजे में चेतावनी दी कि यदि अगले ४८ घंटों में शहर की सफाई व्यवस्था सुदृढ़ नहीं हुई, तो वे लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सीधे नगर विकास विभाग और उत्तर प्रदेश शासन को दंडात्मक विधिक कार्रवाई के लिए संस्तुति पत्र भेज देंगे।
