हाईलाइट्स:
- ऐतिहासिक विधिक सफलता: चकबंदी के ४७ साल बाद ग्राम सभा विशुनपुरा (बभनौली तपा रेवती) के खेल के मैदान को विधिक रूप से कराया गया अतिक्रमण मुक्त।
- प्रधान की बड़ी पहल: तीन वर्षों के कड़े विधिक व प्रशासनिक प्रयासों के बाद ग्राम प्रधान अर्जुन सिंह चौहान ने राजस्व टीम के साथ मिलकर दिलाया गांव को हक।
- ओपन जिम की सौगात: खेल का मैदान मुक्त होते ही प्रधान ने लगवाया आधुनिक ओपन जिम; ग्रामीणों, युवाओं और खेल प्रेमियों में भारी उत्साह का माहौल।
रेवती/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत रेवती क्षेत्र की ग्राम पंचायत विशुनपुरा से ग्रामीण विकास और भू-राजस्व सुधारों को लेकर एक बेहद ऐतिहासिक व बड़ी विधिक खबर सामने आई है। ग्राम पंचायत विशुनपुरा के अंतर्गत आने वाले बभनौली तपा रेवती में स्थित सरकारी खेल के मैदान को पूरे ४७ वर्षों के लंबे अंतराल के बाद विधिक रूप से अतिक्रमणकारियों के चंगुल से मुक्त करा लिया गया है। ग्राम प्रधान अर्जुन सिंह चौहान ने स्थानीय राजस्व एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त विधिक टीम के समन्वय से इस पूरी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया, जिससे समूचे ग्रामीण अंचल में भारी हर्ष की लहर दौड़ गई है।
आरजी नंबर ३३१ की सरकारी भूमि पर ४७ साल बाद चला विधिक डंडा
प्राप्त आधिकारिक व विधिक राजस्व विवरण के अनुसार, बभनौली तपा रेवती स्थित आरजी नंबर ३३१ रकबा ०.०४०० हेक्टेयर भूमि सरकारी अभिलेखों (खतौनी) में खेल के मैदान के रूप में दर्ज है। इस क्षेत्र में लगभग ४७ वर्ष पूर्व विधिक चकबंदी प्रक्रिया संपन्न हुई थी, परंतु चकबंदी के बाद से ही इस बहुमूल्य सरकारी जमीन पर कुछ लोगों द्वारा विधिक रूप से अवैध कब्जा कर लिया गया था। ग्राम प्रधान विशुनपुरा अर्जुन सिंह चौहान ने गांव के विकास के प्रति अपनी विधिक जवाबदेही को निभाते हुए पिछले तीन वर्षों से इस भूमि को मुक्त कराने के लिए तहसील प्रशासन के समक्ष कड़ा विधिक संघर्ष जारी रखा था, जिसे अंततः शुक्रवार को खाली करा लिया गया।
भविष्य में बनेगा मॉडल खेल का मैदान, बारात ठहराने की विधिक समस्या भी हल
जमीन को कब्जे से मुक्त कराने के तुरंत बाद ग्राम प्रधान ने तत्परता दिखाते हुए युवाओं के स्वास्थ्य संवर्धन के लिए वहां एक आधुनिक 'ओपन जिम' की विधिक स्थापना भी करवा दी है। टुडे९ उत्तरप्रदेश से वार्ता करते हुए ग्राम प्रधान अर्जुन सिंह चौहान ने बताया कि यह एक बहुत लंबी विधिक व प्रशासनिक लड़ाई का सुखद परिणाम है। भविष्य में इस पूरे परिसर को एक सर्वसुविधायुक्त 'मॉडल खेल का मैदान' के रूप में विधिक व ढांचागत तौर पर विकसित किया जाएगा, ताकि ग्रामीण मेधा को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का उचित विधिक मंच मिल सके।
प्रधान की दूरदर्शी सोच गांव के विकास के लिए मील का पत्थर: ग्रामीण
इस ऐतिहासिक विधिक सफलता पर स्थानीय ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। ग्रामीण हरेंद्र चौहान ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्य हमारे गांव के चौमुखी विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा; पूर्व में कई प्रधान आए लेकिन कोई भी इस विधिक भूमि को मुक्त नहीं करा सका। वहीं अनिल चौहान ने इसे प्रधान की दूरदर्शी सोच और गांव के प्रति समर्पण का विधिक प्रमाण बताया। वरिष्ठ ग्रामीण राजेंद्र चौहान ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्यावहारिक व विधिक लाभ साझा करते हुए बताया कि इस मैदान के मुक्त होने से अब घघरौली, बभनौली और आंशिक गायघाट क्षेत्र की बहन-बेटियों की शादियों में आने वाली बारातों को सम्मानजनक ढंग से ठहराने के लिए एक आदर्श व विधिक रूप से सुरक्षित स्थान उपलब्ध हो गया है।
रिपोर्ट :- महेश कुमार , टुडे९ उत्तरप्रदेश, बलिया
