हाईलाइट्स:
- महा-अभियान का आगाज: जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने जिला अस्पताल परिसर से जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर संचारी रोग नियंत्रण अभियान की विधिक शुरुआत की।
- ई-कवच पोर्टल पर पैनी नजर: बुखार, डेंगू, मलेरिया, कुष्ठ और कुपोषण के संभावित मरीजों का डाटा सीधे डिजिटल पोर्टल पर किया जाएगा लाइव अपलोड।
- ११ से ३१ जुलाई तक 'दस्तक': नोडल विभाग के रूप में स्वास्थ्य महकमा संभालेगा कमान; आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर मच्छरों के विधिक ब्रीडिंग सोर्स को करेंगी नष्ट।
बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश शासन के विधिक और जन-स्वास्थ्य निर्देशों के अनुपालन में बलिया जनपद को संचारी (संक्रामक) रोगों से पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए प्रशासनिक और स्वास्थ्य अमला पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बुधवार १ जुलाई २०२६ को जिला चिकित्सालय (डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल) परिसर में आयोजित एक भव्य और विधिक कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. अभय नारायण राय एवं कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. संतोष चौधरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का विधिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों, स्वास्थ्य कर्मियों और नागरिकों को संचारी रोगों के उन्मूलन और साफ-सफाई की विधिक शपथ दिलाई, जिसके बाद जन-जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
डेंगू, मलेरिया और दिमागी बुखार पर रहेगा विशेष विधिक फोकस
अभियान की विधिक रूपरेखा स्पष्ट करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अभय नारायण राय ने टुडे९ उत्तरप्रदेश को बताया कि मानसून के आगमन के साथ ही जलभराव के कारण डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और दिमागी बुखार (जेई/एईएस) जैसी घातक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य इन बीमारियों के विधिक लक्षणों वाले मरीजों की समय रहते पहचान करना और उन्हें तत्काल उच्च स्तरीय विधिक व चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराना है, ताकि जनपद में किसी भी प्रकार की महामारी या जान-माल की विधिक क्षति को रोका जा सके।
११ जुलाई से शुरू होगा 'दस्तक अभियान', डिजिटल होगा मरीजों का विधिक ब्योरा
वेक्टर बॉर्न डिजीज (मच्छर जनित रोग) के जिला नोडल अधिकारी डॉ. अभिषेक मिश्रा ने बताया कि इस महा-अभियान के द्वितीय चरण के तहत आगामी ११ जुलाई से ३१ जुलाई २०२६ तक 'दस्तक अभियान' चलाया जाएगा। इस विधिक अभियान के अंतर्गत फ्रंटलाइन वर्कर्स यानी आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जनपद के प्रत्येक ग्रामीण और शहरी वार्डों में घर-घर जाकर दस्तक देंगी। इस दौरान वे आईएलआई (इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस), फाइलेरिया, कालाजार, क्षय रोग (टीबी) और कुष्ठ रोग के संभावित मरीजों के साथ-साथ कुपोषित बच्चों को विधिक रूप से चिन्हित करेंगी। इन सभी संदिग्ध मरीजों का पूरा विवरण स्वास्थ्य विभाग के डिजिटल 'ई-कवच पोर्टल' पर रियल-टाइम अपलोड किया जाएगा। साथ ही, जिन घरों या परिसरों में मच्छरों के लार्वा या प्रजनन की विधिक स्थितियां पाई जाएंगी, उनकी भी जियो-टैगिंग कर पोर्टल पर विधिक सर्वे दर्ज किया जाएगा।
दर्जन भर सहयोगी विभागों का विधिक समन्वय, स्वास्थ्य विभाग रहेगा नोडल
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने स्पष्ट विधिक निर्देश दिए हैं कि इस अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए केवल स्वास्थ्य विभाग ही नहीं, बल्कि नगर विकास, पंचायती राज (ग्रामीण सफाई), पशुपालन, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, दिव्यांगजन कल्याण, कृषि तथा सिंचाई सहित विभिन्न महत्वपूर्ण सरकारी विभाग आपसी विधिक समन्वय स्थापित कर माइक्रो-प्लान के तहत कार्य करेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में एंटी-लार्वा का छिड़काव, फॉगिंग और नालियों की विधिक सफाई सुनिश्चित कराई जाएगी। इस महत्वपूर्ण विधिक शुभारंभ के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा सहयोगी स्वयंसेवी संस्थाओं 'सी-फार' (C-FAR) और 'पाथ' (PATH) के विधिक प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
