हाईलाइट्स:
• कैबिनेट मंत्री पर बरसे अवलेश सिंह: सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर को बताया मानसिक रूप से दिवालिया; कहा— सपा की बदौलत ही आज मंत्री पद का सुख भोग रहे हैं।
• राम मंदिर चंदा चोरी का आरोप: सपा राष्ट्रीय सचिव की मांग— अगर भाजपा-आरएसएस निर्दोष हैं तो मंदिर चंदे में हुई हेरा-फेरी की सीबीआई (CBI) या ईडी (ED) से जांच क्यों नहीं कराई?
• EVM पर बड़ा दावा: अवलेश सिंह ने दी खुली चुनौती; बोले— देश में बैलट पेपर से चुनाव करा कर देख ले सरकार, भाजपा की करारी विदाई निश्चित है।
लखनऊ/उत्तर प्रदेश (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारे में समाजवादी पार्टी (सपा) अब पूरी तरह से आक्रामक और चुनावी मूड में नजर आ रही है। आगामी २०२७ के विधानसभा चुनाव की रणनीतियों को धार देते हुए सपा के राष्ट्रीय सचिव अवलेश सिंह ने एक विशेष साक्षात्कार (इंटरव्यू) में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके सहयोगी दलों पर चुन-चुनकर तीखे राजनीतिक बाण चलाए हैं। सपा नेता ने जहां एक ओर कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर की राजनीतिक साख पर सवाल खड़े किए, वहीं दूसरी ओर 'छोटे लोहिया' जनेश्वर मिश्र की जयंती के बहाने सूबे में एक नया ब्राह्मण-क्षत्रिय समीकरण खड़ा करने का बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला है।
"ओमप्रकाश राजभर का मानसिक संतुलन बिगड़ा, खुद की पार्टी में मची है टूट"— अवलेश सिंह
साक्षात्कार के दौरान सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख और सूबे के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर पर तीखा हमला बोलते हुए सपा राष्ट्रीय सचिव अवलेश सिंह ने कहा कि, "मंत्री जी का मानसिक संतुलन पूरी तरह से बिगड़ चुका है। उनकी बातें आधारहीन, फर्जी और केवल सुर्खियां बटोरने वाली होती हैं।"
अवलेश सिंह ने राजभर के पुराने बयानों को याद दिलाते हुए कहा कि २०२२ के चुनाव से ठीक पहले तक जो व्यक्ति भाजपा और मुख्यमंत्री को मंचों से सरेआम कोसता था, आज वह सत्ता के लालच में उन्हीं की गोदी में जाकर बैठ गया है। उन्होंने याद दिलाया कि सपा के साथ गठबंधन के कारण ही राजभर की राजनीतिक नैया पार हुई थी और उनके विधायक जीते थे, लेकिन आज वे उसी पार्टी को कोस रहे हैं। सपा नेता ने दावा किया कि सुभासपा में इस समय भारी अंतर्कलह है, उनकी खुद की पार्टी टूट रही है और उनके विधायक अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए भाजपा और सपा के दरवाजे खटखटा रहे हैं।
EVM हटाओ, बैलेट पेपर लाओ— भाजपा की विदाई तय
देश की चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर अविश्वास जताते हुए राष्ट्रीय सचिव अवलेश सिंह ने एक बार फिर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का मुद्दा गरमा दिया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को चुनाव लड़ने से डर नहीं है, लेकिन देश के लोकतंत्र की शुचिता और बहाली के लिए ईवीएम को तत्काल हटाकर बैलेट पेपर (मतपत्र) से निष्पक्ष चुनाव कराए जाने चाहिए। उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा कि यदि देश और प्रदेश में बैलेट पेपर से चुनाव करा लिए जाएं, तो भाजपा को अपनी जमीनी हकीकत पता चल जाएगी और सत्ता से उसकी विदाई पूरी तरह सुनिश्चित हो जाएगी।
राम मंदिर चंदे पर उठाए सवाल— दोषियों पर बुलडोजर क्यों नहीं चला?
प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण के नाम पर देश भर से एकत्रित किए गए चंदे और चढ़ावे में हेरा-फेरी का बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए अवलेश सिंह ने भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के चंदे में हुई कथित चोरी की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सपा नेता ने सवाल दागते हुए कहा कि, "अगर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के लोग इस मामले में पाक-साफ हैं, तो उन्होंने अब तक इस घपले की जांच सीबीआई या ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों से क्यों नहीं कराई? भ्रष्टाचार की बातें करने वाली सरकार ने दोषियों के घरों पर अब तक बुलडोजर क्यों नहीं चलवाया? इससे साफ जाहिर होता है कि इस हेरा-फेरी में सत्तापक्ष और संघ के लोग खुद पूरी तरह संलिप्त हैं।"
जनेश्वर मिश्र जयंती के बहाने ब्राह्मण-क्षत्रिय एकता का बड़ा कार्ड
आगामी ५ अगस्त को समाजवादी आंदोलन के पुरोधा श्रद्धेय जनेश्वर मिश्र (छोटे लोहिया) की जयंती के भव्य आयोजनों की रूपरेखा साझा करते हुए अवलेश सिंह ने एक नए सामाजिक और जातिगत समीकरण का खाका खींचा। उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी इस बार समूचे उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण समाज को साथ लेकर ऐतिहासिक और व्यापक स्तर पर कार्यक्रम करने जा रही है। लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में होने वाला यह आयोजन प्रदेश की राजनीति की दिशा बदलेगा, क्योंकि आज पूरा प्रबुद्ध व ब्राह्मण समाज सपा की नीतियों के साथ खड़ा है।
विपक्ष द्वारा सवर्ण जातियों में फूट डालने की कोशिशों का कड़ा जवाब देते हुए अवलेश सिंह ने बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में क्षत्रिय और ब्राह्मण समाज के बीच कोई मतभेद या टकराव नहीं है। क्षत्रिय समाज हमेशा से ही ब्राह्मणों का सर्वोच्च सम्मान करता आया है और सपा के इस आगामी ऐतिहासिक कार्यक्रम में भी ब्राह्मण समाज को विशेष और अग्रिम स्थान दिया जाएगा। विपक्ष के पास जनता से जुड़े कोई मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए वे केवल समाज को बांटने के लिए अनर्गल टिप्पणियां कर रहे हैं।
