हाईलाइट्स:
- किसानों का हंगामा: आवास विकास परिषद द्वारा मऊ के 5 गांवों में बिना उचित मुआवजे के जमीन अधिग्रहण के खिलाफ फूटा किसानों का आक्रोश।
- CM के नाम ज्ञापन: शहरोज में जुटे सैकड़ों किसानों ने सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर को सौंपा मांग पत्र।
- बड़ा आश्वासन: अरविंद राजभर का दावा— आबादी वाला हिस्सा रहेगा सुरक्षित, एक भी मकान नहीं टूटने देगी सरकार; 8 जून को मुख्यमंत्री से करेंगे मुलाकात।
उमाकांतत्रिपाठी/मऊ (टुडे९ उत्तरप्रदेश): आवास विकास परिषद द्वारा बिना उचित मुआवजा दिए जमीन अधिग्रहण किए जाने के विरोध में मऊ जनपद के कोपागंज क्षेत्र में शनिवार को किसानों का भारी आक्रोश देखने को मिला। क्षेत्र के शहरोज गांव स्थित ग्राम प्रतिनिधि दहींचंद राजभर के आवास पर पांचों संबंधित मौजा के सैकड़ों किसान एकजुट हुए। किसानों ने उत्तर प्रदेश सरकार के रवैये और विभाग की नीति के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
200 हेक्टेयर भूमि पर कॉलोनी की योजना, रेट को लेकर छिड़ा विवाद
किसानों का आरोप है कि आवास विकास विभाग द्वारा करीब 200 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत कर आवासीय कॉलोनी बनाने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए विभाग के अधिकारी किसानों को बिना उचित और बाजार दर के अनुसार मुआवजा दिए ही जमीन पर कब्जा करने पर तुले हुए हैं। किसानों ने सौंपे गए ज्ञापन में साफ कहा कि "हमारी उपजाऊ और बेशकीमती जमीन को कौड़ियों के भाव हड़पने की बड़ी साजिश रची जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" प्रभावित होने वाले गांवों में मुख्य रूप से शहरोज, रेवड़ीडीह, मेघई, मोहम्मदपुर शहरोज और डाड़ी खास शामिल हैं।
जबरदस्ती रजिस्ट्री कराई तो सुभासपा खड़ी होगी सबसे पहले: अरविंद राजभर
किसानों की गंभीर समस्या सुनने और ज्ञापन लेने के बाद सुभासपा राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर ने मंच से किसानों को पूरी तरह आश्वस्त किया। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि बिना उचित मुआवजे के किसी भी किसान की भूमि अधिग्रहीत नहीं होने दी जाएगी।
"उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की स्पष्ट नीति है कि प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाना है। राज्य में ऐसा कोई कार्य नहीं होने दिया जाएगा जिससे जनता परेशान हो या अशांति का माहौल बने। मैं किसानों को भूमि अधिग्रहण अधिनियम-2013 के तहत उचित मुआवजा दिलाने के लिए जिलाधिकारी मऊ और स्वयं मुख्यमंत्री से बात करूंगा। अगर किसी पर दबाव बनाकर रजिस्ट्री कराने का प्रयास किया गया, तो भारतीय समाज पार्टी सबसे पहले किसानों की ढाल बनकर खड़ी रहेगी।"
— अरविंद राजभर, राष्ट्रीय महासचिव (सुभासपा)
'नक्शे से हटा आबादी का हिस्सा, बने हुए मकान नहीं टूटेंगे'
अरविंद राजभर ने किसानों के डर को दूर करते हुए स्पष्ट किया कि आबादी वाले हिस्से को नक्शे से पहले ही हटवा दिया गया था। उन्होंने कहा, "जिनके मकान बन चुके हैं, वे पूरी तरह निश्चिंत रहें। आवास विकास विभाग द्वारा किसी का आशियाना नहीं उजाड़ा जाएगा। एक भी मकान नहीं गिरेगा।"
8 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करेंगे मुलाकात
अरविंद राजभर ने किसानों को भरोसा दिलाया कि वे आगामी 8 जून को लखनऊ में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मुलाकात करेंगे। वे मुख्यमंत्री के समक्ष सहरोज सहित पांचों गांवों के किसानों की वास्तविक समस्या को रखेंगे और वहीं से मऊ के जिलाधिकारी (DM) को इस संबंध में आवश्यक निर्देश भी करवाएंगे।
बैठक में ये प्रमुख किसान रहे मौजूद:
ग्राम प्रतिनिधि दहींचंद राजभर के आवास पर आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से प्रधान प्रतिनिधि दहींचंद राजभर, राजेंद्र राजभर, हरिश्चंद्र राजभर, रामबली राजभर, शंकर राजभर, संजय मास्टर, रामजनम राजभर, लोलन राजभर, राजेश राजभर, महिरजा राजभर, राकेश राजभर, अंगद राजभर, सत्य प्रकाश शर्मा, दीवानचन्द राजभर, नन्दन राजभर और पप्पू राजभर सहित पांचों गांवों के सैकड़ों पीड़ित किसान एवं क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे।

