हाईलाइट्स:
- मंच के सामने घमासान: छपरा-मऊ-दिल्ली एक्सप्रेस के वर्चुअल उद्घाटन के दौरान भाजपा और सपा कार्यकर्ताओं के बीच जमकर हुई नारेबाजी और तीखी नोकझोंक।
- पुलिस का बड़ा एक्शन: माहौल बिगड़ता देख पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब २०० समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं को लिया हिरासत में, बसों से भेजा गया दूर।
- श्रेय लेने की मची होड़: मऊ की सियासत में कैबिनेट मंत्री एके शर्मा और सपा सांसद राजीव राय के बीच विकास कार्यों के क्रेडिट को लेकर आर-पार की जंग जारी।
मऊ (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में नई मऊ-दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन के भव्य उद्घाटन तथा कई लोकल मेमू (MEMU) ट्रेनों के सीमा विस्तार कार्यक्रम से ठीक पहले सियासी पारा अचानक सातवें आसमान पर पहुंच गया। उद्घाटन समारोह के दौरान ही सूबे के कद्दावर कैबिनेट मंत्री एके शर्मा और समाजवादी पार्टी के स्थानीय सांसद राजीव राय के उत्तेजित कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। मंच के ठीक सामने दोनों पक्षों की ओर से हुई भारी नारेबाजी और हंगामे के बाद सक्रिय हुई पुलिस ने मोर्चा संभाला और करीब २०० सपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया, जिससे पूरे जिले की राजनीति पूरी तरह गर्मा गई है।
श्रेय लेने की होड़ में दोबारा आमने-सामने आए माननीय और समर्थक
प्राप्त विवरण के अनुसार, मऊ जनपद में विकास कार्यों और ट्रेनों के संचालन का श्रेय (क्रेडिट) लेने को लेकर कैबिनेट मंत्री एके शर्मा और सपा सांसद राजीव राय के बीच लंबे समय से जुबानी जंग चल रही है। इससे पूर्व भी दोहरीघाट मेमू ट्रेन के उद्घाटन के दौरान मंच पर ही दोनों माननीयों और उनके समर्थकों के बीच तीखा हाई-प्रोफाइल ड्रामा देखने को मिला था। अभी वह विवाद पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि आज छपरा से मऊ होते हुए दिल्ली जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन के वर्चुअल उद्घाटन समारोह के दौरान एक बार फिर वही नजारा दोहराया गया। कार्यक्रम स्थल पर दोनों ही दलों के कार्यकर्ताओं ने अपनी-अपनी पार्टी के नेताओं के समर्थन में जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी, जो देखते ही देखते तीखी झड़प में तब्दील हो गई।
कार्यक्रम से पहले सपा नेताओं को नोटिस, पुलिस संग तीखी बहस
इस बार उद्घाटन समारोह के दौरान किसी भी संभावित हंगामे या विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए जिला व पुलिस प्रशासन बेहद सतर्क था। खुफिया इनपुट और पूर्व की घटनाओं को भांपते हुए पुलिस प्रशासन ने कार्यक्रम से पहले ही कई प्रमुख समाजवादी पार्टी के नेताओं और पदाधिकारियों को पाबंदी की नोटिस थमा दी थी। नोटिस मिलने और कार्यक्रम स्थल पर जाने से रोके जाने से नाराज सपा कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा हो गई और सुरक्षा में तैनात पुलिस बल के साथ उनकी जमकर तीखी नोकझोंक व बहस हुई।
२०० सपा कार्यकर्ता हिरासत में, बसों से भेजे गए बाहर
समारोह स्थल पर कानून व्यवस्था भंग होने और स्थिति को बेकाबू होते देख भारी पुलिस बल ने तत्काल लाठियां भांजकर और घेराबंदी कर कड़ा एक्शन लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से लगभग २०० उत्तेजित समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को हिरासत में ले लिया। अफरा-तफरी के माहौल के बीच पुलिस ने सभी हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को जबरन रोडवेज की बसों में बैठाया और कार्यक्रम स्थल से दूर अन्य सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया, तब जाकर समारोह को सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जा सका।
लोकतंत्र के हनन का आरोप बनाम कानून व्यवस्था का हवाला
इस बड़ी पुलिसिया कार्रवाई के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सपा नेतृत्व ने इसे पूरी तरह से लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए जिला प्रशासन पर सत्ता पक्ष और भाजपा के राजनीतिक दबाव में एकतरफा काम करने का गंभीर आरोप लगाया है। दूसरी ओर, प्रशासनिक अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक द्वेष से नहीं की गई, बल्कि वीवीआईपी (VVIP) कार्यक्रम में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, किसी भी प्रकार की अराजकता को रोकने और सरकारी कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए कानून के दायरे में बेहद आवश्यक थी।
बहरहाल, नई ट्रेन सेवा और मेमू ट्रेनों के विस्तार को लेकर जहां एक ओर मऊ और पूरे पूर्वांचल की जनता में भारी उत्साह और खुशी का माहौल है, वहीं उद्घाटन से ठीक पहले हुए इस भीषण राजनीतिक संग्राम ने मऊ की स्थानीय राजनीति को पूरी तरह से गरमा दिया है।
