हाईलाइट्स:
- चढ़ावा चोरी पर आक्रोश: सपा सांसद अफजाल अंसारी का अयोध्या राम मंदिर कथित चढ़ावा चोरी पर तीखा बयान; एसआईटी (SIT) जांच को बताया नाटक।
- शंकराचार्यों से जांच की मांग: अफजाल बोले— "चोरों का हिसाब इसी दुनिया में होगा, चारों शंकराचार्य से कराई जाए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच।"
- पाकिस्तान को करारा जवाब: वाराणसी मस्जिद विवाद पर पाक राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की टिप्पणी पर भड़के सांसद; कहा— "हिंदुस्तान के आंतरिक मामले में दखल न दें।"
गाजीपुर (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद से समाजवादी पार्टी (सपा) के नवनिर्वाचित सांसद अफजाल अंसारी ने मंगलवार २३ जून २०२६ को मीडिया से रूबरू होते हुए दो अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़े मुद्दों पर बेबाक बयान जारी किया है। सांसद ने एक तरफ जहां अयोध्या के भव्य राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर केंद्र व राज्य सरकार पर तीखे विधिक व राजनीतिक बाण चलाए, वहीं दूसरी ओर वाराणसी मस्जिद मसले पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा की गई अनर्गल टिप्पणी पर उन्हें सीधे तौर पर आड़े हाथों लेते हुए करारा राष्ट्रीय जवाब दिया है।
"राम मंदिर में चोरी करने वाले महमूद गजनवी के वंशज लग रहे हैं"— अफजाल अंसारी
अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर बोलते हुए सपा सांसद अफजाल अंसारी ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "जब हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी ने पहली बार इस भयंकर चोरी की बात उठाई थी, तब सत्ता में बैठे तमाम लोगों को मिर्ची लगी थी। लेकिन अब धीरे-धीरे इस महाघोटाले का भांडा फूट रहा है।"
इतिहास का हवाला देते हुए अफजाल अंसारी ने चोरों पर कड़ा हमला बोला और कहा, "जिस तरह महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण करके वहां का चढ़ावा लूटा था, ठीक उसी तरह भगवान राम के दरबार में चढ़ावा लूटने वाले ये लोग भी महमूद गजनवी के ही वंशज लग रहे हैं।" उन्होंने वर्तमान प्रशासनिक जांच पर सवाल उठाते हुए एसआईटी (SIT) की जांच को महज एक 'नाटक' करार दिया और मांग की कि इस पूरे संवेदनशील मामले की जांच देश के चारों पीठों के पूज्य शंकराचार्यों से कराई जानी चाहिए और जो भी दोषी पाए जाएं, उन्हें कठोरतम विधिक दंड मिलना चाहिए।
"चोरी का प्रकोप झेलना पड़ेगा, भगवान के दरबार का हिसाब इसी दुनिया में होगा"
सांसद ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यह किसी आम जगह की चोरी नहीं, बल्कि साक्षात भगवान के दरबार की चोरी है, जिसे विधाता भी कभी माफ नहीं करेगा और इसके बहुत भयंकर परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "राम मंदिर निर्माण का श्रेय लेने के लिए जो लोग आगे रहते थे, क्या उन्हें इस महापाप और चोरी का दैवीय प्रकोप नहीं झेलना पड़ेगा? जो लोग आज सत्ता के मद में खुद को अमर समझ रहे हैं, वे जान लें कि उनकी इस चोरी का पूरा हिसाब-किताब इसी दुनिया में और इसी जनमानस के सामने हो जाएगा।"
पाकिस्तानी राष्ट्रपति जरदारी को नसीहत: "पहले अपना घर संभालें, भारत का मुसलमान सुरक्षित है"
इसके अतिरिक्त, वाराणसी के धार्मिक स्थल/मस्जिद मामले को लेकर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा की गई टिप्पणी पर अफजाल अंसारी ने सख्त रुख अख्तियार किया। जरदारी को दो टूक नसीहत देते हुए सपा सांसद ने कहा, "पाकिस्तान के राष्ट्रपति पहले अपने घर का मसला सुलझा लें और कंगाली की कगार पर खड़े अपने मुल्क पर ध्यान दें। उन्हें हिंदुस्तान के आंतरिक और संप्रभु मामलों में दखल देने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है।"
सांसद ने गर्व से कहा, "भारत के मुसलमानों के हालात और उनके विधिक अधिकार पाकिस्तान के मुसलमानों से कई गुना बेहतर और मजबूत हैं। हमारे देश भारत में एक महान संविधान, मजबूत लोकतंत्र और निष्पक्ष न्यायपालिका है। हम अपनी हर समस्या और विवाद का समाधान अपने देश के संविधान और कानून के दायरे में रहकर खुद कर लेंगे। पाकिस्तान हमारे आंतरिक मामलों में अपनी टांग न अड़ाए; भारत का मुसलमान अपने धर्म, अपनी आस्था और अपने तमाम धार्मिक स्थलों की सुरक्षा देश के कानून के सहारे करने में पूरी तरह सक्षम है।"
