हाईलाइट्स:
- त्रिमूर्ति का औचक एक्शन: जिला जज, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से गाजीपुर जिला कारागार का किया औचक निरीक्षण।
- चप्पे-चप्पे की विधिक तलाशी: जेल के अंदर मेस, संवेदनशील बैरकों और सभी विधिक वार्डों को खंगाला गया; साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था की हुई समीक्षा।
- कड़े अनुशासन के निर्देश: शासन की मंशा के अनुरूप जेल प्रशासन को चौबीसों घंटे पूरी मुस्तैदी और विधिक सतर्कता बरतने की दी गई सख्त हिदायत।
गाजीपुर (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद में कानून-व्यवस्था को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त रखने और जेल के भीतर विधिक अनुशासन कायम रखने के उद्देश्य से प्रशासनिक अमले ने एक बड़ा विधिक कदम उठाया है। मंगलवार ३० जून २०२६ को जिला मुख्यालय स्थित जिला कारागार (जेल) परिसर में जिला जज, जिलाधिकारी (डीएम) एवं पुलिस अधीक्षक (एसपी) द्वारा संयुक्त रूप से एक बेहद गोपनीय और औचक निरीक्षण (सरप्राइज चेकिंग) किया गया। जनपद के इन शीर्ष अधिकारियों की अचानक भारी पुलिस बल के साथ हुई इस संयुक्त छापेमारी से जेल प्रशासन, प्रहरियों और बंदियों के बीच पूरे समय हड़कंप और भारी खलबली का माहौल बना रहा।
संवेदनशील बैरकों और मेस की हुई गहन विधिक तलाशी
प्राप्त आधिकारिक व विधिक विवरण के अनुसार, जिला जज, डीएम और एसपी ने संयुक्त रूप से जेल परिसर के भीतर प्रवेश करते ही सुरक्षा व्यवस्था की कमान अपने हाथों में ले ली। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कारागार की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया और सुरक्षा प्रहरियों को आवश्यक विधिक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही, अधिकारियों की मौजूदगी में जेल के भीतर स्थित सभी बैरकों, बंदियों के वार्डों, भोजनालय (मेस) तथा अन्य संवेदनशील और महत्वपूर्ण विधिक स्थानों की सघन व तकनीकी तलाशी कराई गई, ताकि किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री के विधिक संचालन पर रोक लगाई जा सके।
कैदियों की सुविधाओं और विधिक अधिकारों की हुई समीक्षा
निरीक्षण के दौरान तीन शीर्ष अधिकारियों ने जेल परिसर के चप्पे-चप्पे का गहन विधिक मुआयना किया। उन्होंने बंदियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को परखने के लिए मेस का विधिक निरीक्षण किया और जेल अस्पताल में बंदियों की विधिक चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही, जेल के भीतर साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता तथा सुरक्षा संबंधी आवश्यक तकनीकी ग्रिडों की विस्तृत विधिक समीक्षा की गई। तलाशी और गश्त के दौरान अधिकारियों द्वारा किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु, मोबाइल, मादक पदार्थ या अनधिकृत विधिक गतिविधि पर विशेष और पैनी नजर रखी गई।
शासन की मंशा के अनुरूप सतर्कता बरतने के कड़े विधिक निर्देश
इस औचक छापेमारी के अंत में शीर्ष विधिक और प्रशासनिक अधिकारियों ने कारागार प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ एक आवश्यक बैठक की। उन्होंने सख्त लहजे में निर्देश दिए कि कारागार के भीतर विधिक सुरक्षा व्यवस्था और आंतरिक अनुशासन बनाए रखने में किसी भी स्तर पर रत्ती भर भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों ने जेल प्रशासन को उत्तर प्रदेश शासन की उच्च विधिक मंशा के अनुरूप व्यवस्थाओं को और अधिक अभेद्य व सुदृढ़ करने तथा चौबीसों घंटे विधिक सतर्कता व हाई अलर्ट बनाए रखने के कड़े निर्देश जारी किए।
रिपोर्ट :- एकरार खान, टुडे९ उत्तरप्रदेश, गाजीपुर
